उज्जैन: नवोदय विद्यालय के 15 वर्षीय छात्र का शव तालाब में मिला, लापता साथी की तलाश जारी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय के 10वीं कक्षा के छात्र प्रज्ञान विमल (15 वर्ष) का शव 14 जुलाई की सुबह स्कूल परिसर की सीमा के निकट एक तालाब से बरामद किया गया। उसी रात हॉस्टल से उसके साथ लापता हुए 9वीं कक्षा के छात्र रोशन बरेठा (14 वर्ष) की तलाश में स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन मंगलवार दोपहर तक जारी था।
घटनाक्रम: कैसे सामने आई यह दुखद खबर
सोमवार देर रात घटिया पुलिस स्टेशन क्षेत्र में स्थित इस आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में रात की हाजिरी के दौरान दोनों छात्रों के गायब होने का पता चला। स्कूल प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। पुलिस की टीम कैंपस पहुँची, सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई और अन्य छात्रों से पूछताछ की गई, लेकिन रात भर दोनों का कोई सुराग नहीं मिला।
मंगलवार सुबह लगभग 6 बजे स्थानीय ग्रामीणों ने स्कूल की बाउंड्री के निकट स्थित पानी से भरे तालाब में एक शव तैरता देखा और पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों की सहायता से शव को बाहर निकाला गया, जिसकी पहचान बाद में प्रज्ञान विमल के रूप में हुई।
जाँच की स्थिति
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल, उज्जैन भेज दिया है और मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जाँच जारी है और सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
लापता छात्र रोशन बरेठा की खोज के लिए SDRF के जवान और स्थानीय गोताखोरों की टीम तालाब तथा आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चला रही है।
स्कूल प्रबंधन पर उठे सवाल
इस घटना ने आवासीय विद्यालयों में रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। मृतक छात्र के परिजनों और स्थानीय लोगों ने हॉस्टल की निगरानी में चूक का आरोप लगाया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि जाँच में स्कूल प्रबंधन की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि जवाहर नवोदय विद्यालय केंद्र सरकार द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय हैं, जहाँ ग्रामीण प्रतिभाशाली बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है। ऐसे में इस घटना ने इन संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है।
आगे क्या होगा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जाँच के निष्कर्षों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई तय करेगी। रोशन बरेठा की तलाश युद्धस्तर पर जारी है। परिवारों और स्थानीय समुदाय की नजरें अब जाँच एजेंसियों पर टिकी हैं कि इस दुखद घटना की असली वजह क्या थी।