एनसीबी की बड़ी कार्रवाई: चेन्नई में दंपति से 3 किलो हशीश बरामद, श्रीलंका तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की चेन्नई जोनल यूनिट ने 24 अगस्त 2026 को एक दंपति को 3 किलोग्राम हशीश के साथ गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर श्रीलंका तस्करी के लिए भेजी जा रही थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत ₹75 लाख बताई जा रही है।
गिरफ्तारी का विवरण
गिरफ्तार दंपति की पहचान शिवगामीसुंदरी और उनके पति गुरुमूर्ति के रूप में हुई है। एनसीबी को मादक पदार्थ की खेप की आवाजाही के संबंध में विशेष सूचना मिली थी, जिसके आधार पर एजेंसी की टीम ने चेन्नई के पोरूर टोल प्लाजा के निकट इस दंपति को रोककर तलाशी ली। तलाशी में उनके कब्जे से 3 किलोग्राम हशीश बरामद की गई।
अंगोडा लोक्का नेटवर्क से संबंध
एनसीबी के अनुसार, शिवगामीसुंदरी का संबंध श्रीलंका के कुख्यात गैंगस्टर अंगोडा लोक्का से रहा है, जिस पर संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी में शामिल होने के आरोप थे। यह ऐसे समय में सामने आया है जब एजेंसियाँ इस नेटवर्क के बचे हुए सदस्यों पर शिकंजा कस रही हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2020 में तमिलनाडु पुलिस की सीबी-सीआईडी ने शिवगामीसुंदरी को एक मामले में गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने अंगोडा लोक्का के लिए फर्जी पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कराने में मदद की थी, जिससे वह कोयंबटूर में अवैध रूप से रह सका। वर्ष 2020 में ही लोक्का की मृत्यु हो गई थी, लेकिन उसके कथित आपराधिक नेटवर्क की जांच अब भी जारी है।
जांच का दायरा
एनसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद हशीश कहाँ से लाई गई थी और श्रीलंका में इसे किसे पहुँचाया जाना था। जांच एजेंसियाँ यह भी खंगाल रही हैं कि क्या इस मामले के पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क सक्रिय है।
एनसीबी चेन्नई की 2026 में उपलब्धियाँ
एनसीबी के अनुसार, वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक चेन्नई जोनल यूनिट ने 2,916.4 किलोग्राम गांजा, 77.7 किलोग्राम हशीश ऑयल, 1.8 किलोग्राम एम्फेटामाइन, 13 किलोग्राम हशीश और 2,799 एलएसडी ब्लॉट्स बरामद किए हैं। इसी अवधि में 48 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जब्त नशीले पदार्थों की कुल अनुमानित कीमत ₹27.80 करोड़ आंकी गई है।
आगे क्या होगा
एनसीबी ने पुष्टि की है कि मामले की गहन जांच जारी है और ड्रग तस्करी से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, भारत-श्रीलंका समुद्री मार्ग पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कड़ी है।