गुवाहाटी में 15 अक्टूबर को NCC सम्मेलन: पूर्वोत्तर, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में विस्तार की रणनीति
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल कैडेट कोर (NCC) की पूर्वोत्तर क्षेत्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में पहुँच और प्रभावशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से 15 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी में एक उच्चस्तरीय संयुक्त राज्य प्रतिनिधि एवं अपर महानिदेशक सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ करेंगे और संचालन NCC महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स के नेतृत्व में होगा।
सम्मेलन का उद्देश्य और एजेंडा
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस सम्मेलन में NCC के विस्तार, कैडेटों के कल्याण, प्रशिक्षण व्यवस्था, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और प्रशासनिक चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, NCC और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक में रक्षा मंत्रालय, NCC और संबंधित राज्य सरकारों के वरिष्ठ प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
युवाओं तक पहुँच बढ़ाने पर जोर
दोनों पक्ष मिलकर ऐसी पहल तलाशेंगे जिनसे अधिक से अधिक युवाओं तक NCC की गतिविधियों की पहुँच सुनिश्चित हो और संगठन का सामाजिक प्रभाव व्यापक हो सके। गौरतलब है कि NCC देश के 99 प्रतिशत से अधिक जिलों में सक्रिय है और युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व व जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह संगठन केंद्र और राज्य सरकारों की साझा जिम्मेदारियों के तहत संचालित होता है।
मानसून राहत में NCC का योगदान
यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब इसी वर्ष मानसून के दौरान NCC कैडेट्स ने पूर्वोत्तर में बाढ़ राहत कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दिया था। सेना के अनुसार, 16 से 18 अगस्त के बीच असम के बरहोइटिंग, चिंतामणि घर और निमाईजान में विशेष चिकित्सा अभियान चलाए गए, जिनमें स्थानीय NCC कैडेट्स और गैर-सरकारी संगठनों ने सेना के साथ मिलकर कार्य किया। यह अनुभव इस बात का प्रमाण है कि सुगठित NCC प्रशिक्षण आपदा प्रबंधन में भी निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
पूर्वोत्तर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मेलन
पूर्वोत्तर के राज्य भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र हैं, जहाँ संस्थागत उपस्थिति को मजबूत करना NCC के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है। गुवाहाटी में होने वाला यह सम्मेलन विशेष रूप से क्षेत्र की अनूठी प्रशासनिक और प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक केंद्रित रणनीति तैयार करने का अवसर प्रदान करेगा। सम्मेलन में अपनाई जाने वाली सिफारिशें आने वाले वर्षों में पूर्वोत्तर में NCC के स्वरूप को नया आकार दे सकती हैं।