15 अक्टूबर 2026
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एनसीसी कैडेट्स की संख्या 17 लाख से बढ़कर होगी 20 लाख, पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल में बड़ा विस्तार

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एनसीसी कैडेट्स की संख्या 17 लाख से बढ़कर होगी 20 लाख, पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल में बड़ा विस्तार

सारांश

केंद्र सरकार ने एनसीसी कैडेटों की संख्या 17 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने का लक्ष्य तय किया है। पूर्वोत्तर के सात राज्यों सहित पश्चिम बंगाल और सिक्किम में विस्तार की योजना बनाई गई है — यह कदम सीमावर्ती राज्यों में युवाओं को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने की रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

एनसीसी में कैडेटों की संख्या 17 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने की दिशा में काम शुरू।
पूर्वोत्तर के 7 राज्यों के साथ पश्चिम बंगाल और सिक्किम में एनसीसी विस्तार का निर्णय।
पूर्वोत्तर में 1,645 और पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 1,326 शिक्षण संस्थानों में एनसीसी सक्रिय; दोनों क्षेत्रों में कुल लगभग 2.50 लाख कैडेट ।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 15 अक्टूबर 2026 को विशेष सम्मेलन में यह घोषणा की।
सम्मेलन की अध्यक्षता एनसीसी महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने की।
बालिका कैडेटों की बढ़ती भागीदारी को महिला सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण संकेत बताया गया।

राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) में कैडेटों की कुल संख्या मौजूदा लगभग 17 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने की दिशा में केंद्र सरकार ने ठोस कदम उठाया है। 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एनसीसी के एक विशेष सम्मेलन में पूर्वोत्तर के सात राज्यों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और सिक्किम में संगठन का विस्तार करने का निर्णय लिया गया। प्रशिक्षण सुविधाओं को सुदृढ़ करने और अधिकाधिक युवाओं को एनसीसी से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।

सम्मेलन का उद्देश्य और भागीदारी

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने गुरुवार को इस विशेष सम्मेलन को संबोधित किया। बैठक में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य एजेंडा इन राज्यों में एनसीसी की पहुँच बढ़ाना, कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना और राज्य सरकारों के साथ समन्वय को प्रभावी बनाना था।

एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में रक्षा मंत्रालय की अपर सचिव दीप्ति मोहिल चावला सहित संबंधित राज्यों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और एनसीसी के अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री संजय सेठ का संबोधन

रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि युवाओं को प्रेरित करना और उन्हें सही दिशा देना अनिवार्य है, ताकि उनमें 'राष्ट्र प्रथम' की भावना विकसित हो। उन्होंने नौ राज्यों से एनसीसी विस्तार के लिए व्यावहारिक योजनाएँ तैयार करने और उन्हें प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए सेठ ने कहा, 'एनसीसी एक ऐसा आंदोलन है, जो भारत की युवा शक्ति को सशक्त बनाता है और हमारे युवाओं को आत्मविश्वासी, अनुशासित तथा राष्ट्र के प्रति समर्पित बनाता है।'

उन्होंने इस वर्ष के गणतंत्र दिवस शिविर में पूर्वोत्तर राज्यों के कैडेटों की भागीदारी की सराहना की और बालिका कैडेटों की बढ़ती संख्या को महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान बताया।

पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल में मौजूदा एनसीसी ढाँचा

वर्तमान में पूर्वोत्तर के सात राज्यों में एनसीसी के 9 समूह मुख्यालय और 50 इकाइयाँ संचालित हैं। इन राज्यों के 1,645 शिक्षण संस्थानों में एनसीसी की गतिविधियाँ चलती हैं और यहाँ लगभग 1.25 लाख कैडेट संगठन से जुड़े हैं।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम में एनसीसी के 6 समूह मुख्यालय और 56 इकाइयाँ हैं। इन दोनों राज्यों के 1,326 शिक्षण संस्थानों में एनसीसी सक्रिय है और यहाँ भी लगभग 1.25 लाख कैडेट संगठन से जुड़े हुए हैं।

एनसीसी की विस्तारित भूमिका

सम्मेलन में इस बात पर भी चर्चा हुई कि एनसीसी की भूमिका केवल सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। समाज सेवा, सामुदायिक विकास, चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करने में भी एनसीसी की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया गया।

गौरतलब है कि यह निर्णय ऐसे समय आया है जब सरकार सीमावर्ती और संवेदनशील राज्यों में युवाओं को राष्ट्रीय संगठनों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। एनसीसी विस्तार की यह योजना पूर्वोत्तर में रणनीतिक एवं सामाजिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सम्मेलन में प्रशासनिक चुनौतियों के समाधान और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाने पर सहमति बनी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बुनियादी ढाँचा इस विस्तार के साथ कदम मिला पाएगा। पूर्वोत्तर के सीमावर्ती राज्यों में युवाओं को संगठित करना रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियाँ और संस्थागत कमियाँ इस लक्ष्य को कठिन बनाती हैं। बालिका कैडेटों की बढ़ती संख्या सकारात्मक संकेत है, पर इसे मापने के लिए पारदर्शी डेटा अभी भी अनुपलब्ध है। बिना समयबद्ध कार्ययोजना और जवाबदेही तंत्र के, यह घोषणा भी अच्छे इरादों की उस लंबी सूची में जुड़ सकती है जो ज़मीन पर नतीजे नहीं दिखा पाईं।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीसी कैडेटों की संख्या 20 लाख करने की योजना क्या है?
केंद्र सरकार ने एनसीसी में कैडेटों की मौजूदा संख्या लगभग 17 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पूर्वोत्तर के सात राज्यों, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में संगठन का विस्तार करने और प्रशिक्षण सुविधाएँ मजबूत करने की योजना है।
एनसीसी विशेष सम्मेलन में कौन-से राज्य शामिल थे?
15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम — कुल नौ राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
पूर्वोत्तर में एनसीसी की मौजूदा स्थिति क्या है?
पूर्वोत्तर के सात राज्यों में एनसीसी के 9 समूह मुख्यालय और 50 इकाइयाँ हैं। 1,645 शिक्षण संस्थानों में एनसीसी सक्रिय है और यहाँ लगभग 1.25 लाख कैडेट हैं।
एनसीसी में बालिका कैडेटों की भूमिका पर क्या कहा गया?
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने एनसीसी में बालिका कैडेटों की बढ़ती संख्या को महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान बताया। उन्होंने इसे युवा महिलाओं में अनुशासन और राष्ट्र-सेवा की भावना जागृत करने का प्रभावी माध्यम माना।
एनसीसी की भूमिका केवल सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित है?
नहीं, सम्मेलन में स्पष्ट किया गया कि एनसीसी की भूमिका अब सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ समाज सेवा, सामुदायिक विकास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करने तक भी विस्तारित है।
राष्ट्र प्रेस
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