13 जुलाई 2026
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NCC और सैनिक स्कूलों पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन को रक्षा मंत्रालय की विस्तृत ब्रीफिंग, हर राज्य में 3-5 स्कूल खोलने का सुझाव

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NCC और सैनिक स्कूलों पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन को रक्षा मंत्रालय की विस्तृत ब्रीफिंग, हर राज्य में 3-5 स्कूल खोलने का सुझाव

सारांश

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने NCC के 20 लाख कैडेट्स के नेटवर्क और सैनिक स्कूलों के PPP विस्तार पर रक्षा मंत्रालय की ब्रीफिंग ली। उन्होंने हर राज्य में 3 से 5 सैनिक स्कूल खोलने और मौजूदा स्कूलों की प्रवेश क्षमता बढ़ाने का सुझाव दिया — राष्ट्रीय अर्धसैनिक शिक्षा नीति में एक स्पष्ट संकेत।

मुख्य बातें

राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति भवन में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और वरिष्ठ अधिकारियों ने NCC व सैनिक स्कूलों पर विस्तृत ब्रीफिंग दी।
NCC देशभर में लगभग 20 लाख युवा सदस्यों वाला संगठन है।
राधाकृष्णन ने प्रत्येक राज्य में 3 से 5 सैनिक स्कूल खोलने का लक्ष्य रखने का सुझाव दिया।
मौजूदा सैनिक स्कूलों की प्रवेश क्षमता बढ़ाने की संभावना तलाशने का प्रस्ताव रखा गया।
उपराष्ट्रपति ने NCC एलुमनाई एसोसिएशन की स्थापना का स्वागत किया और राज्यों से बेहतर बुनियादी ढाँचा समन्वय की माँग की।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन को 14 जुलाई 2025 को उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने नेशनल कैडेट कोर (NCC) और सैनिक स्कूलों के विस्तार एवं संचालन पर विस्तृत जानकारी दी। इस ब्रीफिंग में NCC के लगभग 20 लाख सदस्यों वाले युवा संगठन के रूप में विकास और देशभर में सैनिक स्कूलों के नेटवर्क को मज़बूत करने का रोडमैप प्रस्तुत किया गया।

ब्रीफिंग में क्या रहा मुख्य

प्रस्तुति में NCC की प्रशिक्षण गतिविधियों, राष्ट्र-निर्माण में योगदान और सामुदायिक सेवा पहलों का विस्तृत विवरण दिया गया। साथ ही सैनिक स्कूलों के वर्तमान संचालन मॉडल — जिसमें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल भी शामिल है — और उनके विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों से PPP मॉडल के ज़रिए सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है, और यह ब्रीफिंग उसी नीतिगत दिशा के अनुरूप है।

उपराष्ट्रपति की प्रतिक्रिया और सुझाव

राधाकृष्णन ने NCC के राष्ट्र-निर्माण में योगदान की सराहना करते हुए 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल को राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने नशा मुक्त भारत अभियान और स्वच्छ भारत अभियान में NCC कैडेट्स की सामुदायिक सेवा की भूमिका की विशेष प्रशंसा की।

उपराष्ट्रपति ने NCC एलुमनाई एसोसिएशन की स्थापना का स्वागत किया और इस बात पर बल दिया कि NCC को मज़बूत करना एक साझा राष्ट्रीय ज़िम्मेदारी है।

राज्यों से बेहतर तालमेल की माँग

राधाकृष्णन ने बुनियादी ढाँचे के विकास — विशेषकर भूमि आवंटन और प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार — के लिए राज्य सरकारों के साथ बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने राज्यों से संपर्क में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

सैनिक स्कूलों के विस्तार का प्रस्ताव

छात्रों और अभिभावकों के बीच सैनिक स्कूलों की बढ़ती माँग को देखते हुए उपराष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि प्रत्येक राज्य 3 से 5 सैनिक स्कूल खोलने का लक्ष्य निर्धारित कर सकता है। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा सैनिक स्कूलों की प्रवेश क्षमता बढ़ाने की संभावना तलाशने का भी प्रस्ताव रखा। यह सुझाव ऐसे समय में आया है जब देशभर में गुणवत्तापूर्ण अर्धसैनिक शिक्षा की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।

आगे की राह

रक्षा मंत्रालय से अपेक्षा है कि वह उपराष्ट्रपति के सुझावों को राज्य सरकारों के साथ साझा करेगा और PPP मॉडल के तहत नए सैनिक स्कूलों की स्थापना की प्रक्रिया को और गति देगा। NCC के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए राज्यों की सक्रिय भागीदारी इस पूरे प्रयास की सफलता की कुंजी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती क्रियान्वयन की है — PPP मॉडल के तहत खुले कई नए सैनिक स्कूलों में गुणवत्ता और मानकीकरण को लेकर सवाल पहले से उठते रहे हैं। NCC के 20 लाख कैडेट्स का आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन भूमि और प्रशिक्षण बुनियादी ढाँचे के लिए राज्यों पर निर्भरता एक पुरानी अड़चन है जिसे केवल बेहतर तालमेल के आश्वासन से नहीं सुलझाया जा सकता। जब तक राज्यों के लिए स्पष्ट वित्तीय प्रोत्साहन और जवाबदेही तंत्र नहीं बनता, ये सुझाव नीतिगत इच्छाशक्ति से आगे नहीं बढ़ पाएँगे।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NCC में अभी कितने सदस्य हैं और यह क्या करता है?
नेशनल कैडेट कोर (NCC) में वर्तमान में लगभग 20 लाख युवा सदस्य हैं। यह संगठन युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास और सामुदायिक सेवा के ज़रिए राष्ट्र-निर्माण से जोड़ता है।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सैनिक स्कूलों के बारे में क्या सुझाव दिए?
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सुझाव दिया कि प्रत्येक राज्य 3 से 5 सैनिक स्कूल खोलने का लक्ष्य निर्धारित करे। उन्होंने मौजूदा सैनिक स्कूलों की प्रवेश क्षमता बढ़ाने की संभावना तलाशने का भी प्रस्ताव रखा।
सैनिक स्कूलों का PPP मॉडल क्या है?
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत निजी संस्थाएँ सरकार के साथ मिलकर सैनिक स्कूल संचालित करती हैं। रक्षा मंत्रालय इस मॉडल के ज़रिए देशभर में सैनिक स्कूलों का नेटवर्क तेज़ी से विस्तारित कर रहा है।
NCC को मज़बूत करने में राज्य सरकारों की क्या भूमिका है?
उपराष्ट्रपति ने भूमि आवंटन और प्रशिक्षण बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए राज्य सरकारों से बेहतर समन्वय की माँग की। उन्होंने राज्यों से संपर्क में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
NCC एलुमनाई एसोसिएशन क्या है और इसका महत्व क्यों है?
NCC एलुमनाई एसोसिएशन पूर्व NCC कैडेट्स को एकजुट करने और उनके अनुभव व संसाधनों को संगठन के विकास में लगाने के लिए स्थापित की गई है। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने इसकी स्थापना का स्वागत करते हुए इसे NCC के दीर्घकालिक सुदृढ़ीकरण में सहायक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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