NCERT कक्षा 9 में सिख इतिहास शामिल: BJP नेताओं ने किया स्वागत, कांग्रेस पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में सिख इतिहास तथा सिख गुरुओं के मुगल शासन के विरुद्ध संघर्ष और शहादत को शामिल करने का निर्णय लिया है। 30 सितंबर 2026 को इस बाबत अधिसूचना भी जारी की गई। इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने एकमत होकर इसका स्वागत किया और इसे देश के 'सच्चे इतिहास' को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्य घटनाक्रम
NCERT ने कक्षा 9 और 10 की किताबों में सिख इतिहास के अध्याय जोड़ने का निर्णय किया है। इस संदर्भ में 30 सितंबर 2026 को आधिकारिक अधिसूचना जारी हुई। पाठ्यक्रम में मुगल शासन के दौरान सिख गुरुओं के संघर्ष, बलिदान और शहादत का विस्तृत विवरण शामिल किया जाएगा।
यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ वर्षों से NCERT की पाठ्यपुस्तकों में ऐतिहासिक पुनर्लेखन को लेकर राष्ट्रीय बहस जारी है। गौरतलब है कि NCERT पहले भी कई पाठ्यक्रम संशोधन कर चुका है, और यह नवीनतम बदलाव उसी श्रृंखला की अगली कड़ी है।
BJP नेताओं की प्रतिक्रिया
पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि 'सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। अब कक्षा 9 के NCERT सिलेबस में सिख इतिहास को भी शामिल कर लिया गया है।'
राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा, 'आज मुझे बहुत खुशी है कि NCERT ने कक्षा 9 और 10 की किताबों में सिख इतिहास के अध्याय जोड़ने का फैसला किया है... जब मैं सांसद बना था, तब मैंने भी इसकी मांग की थी क्योंकि हमने पहले देखा था कि किताबों में इतिहास को बहुत गलत तरीके से पेश किया गया था।' उन्होंने यह भी कहा कि गुरु गोबिंद सिंह के लिए 'एक-दो जगहों पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था' और उन्होंने इस मुद्दे को भी उठाया था। साहनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया।
BJP नेता राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने कहा कि 'लोगों को पता होना चाहिए कि हमारे सिख गुरुओं और सिख समुदाय ने देश की इज्जत और सुरक्षा के लिए तथा गरीबों व पीड़ितों की जान बचाने के लिए किस तरह कुर्बानियां दीं और शहादत हासिल की।'
कांग्रेस और वामपंथियों पर निशाना
BJP नेता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि 'लंबे समय तक कांग्रेस और वामपंथियों ने मिलकर हमारे इतिहास के प्रति असंवेदनशीलता दिखाई।' उन्होंने इस बदलाव को 'स्वागत योग्य कदम' बताया।
BJP नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि 'पहले अकबर और टीपू सुल्तान के बारे में बताया जाता था। गलत इतिहास की परंपरा कांग्रेस ने शुरू की थी और वह अब खत्म हो रही है।' उन्होंने जोड़ा कि 'जिस तरह से सिख गुरुओं ने मुगलों के खिलाफ संघर्ष किया था, उसका वर्णन किया गया है — देश को अपना इतिहास जानना चाहिए।'
आम जनता और विद्यार्थियों पर असर
इस बदलाव से देशभर के लाखों कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों को अब NCERT पाठ्यक्रम में सिख गुरुओं की शहादत और योगदान की जानकारी मिलेगी। पंजाब सहित उन राज्यों में जहाँ सिख समुदाय की बड़ी आबादी है, इस फैसले का विशेष महत्व बताया जा रहा है।
हालाँकि, पाठ्यक्रम परिवर्तनों को लेकर अकादमिक और विपक्षी हलकों में यह सवाल भी उठता रहा है कि इतिहास-लेखन में संतुलन और बहुपक्षीय दृष्टिकोण बना रहे। इस नवीनतम संशोधन पर भी शैक्षणिक विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है।
क्या होगा आगे
NCERT द्वारा जारी अधिसूचना के बाद अगले सत्र से संशोधित पाठ्यपुस्तकें लागू होने की संभावना है। BJP नेताओं ने संकेत दिया है कि वे आगे भी ऐसे और बदलावों की वकालत करते रहेंगे। यह देखना होगा कि विपक्षी दलों और शिक्षा विशेषज्ञों की ओर से इस पर क्या व्यापक प्रतिक्रिया आती है।