NCERT पाठ्यपुस्तक विवाद: कांग्रेस बोली — भाजपा इतिहास तोड़ रही, देश में अघोषित इमरजेंसी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में 1975 के आपातकाल पर एक नया अध्याय जोड़े जाने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस कदम के ज़रिए छात्रों को एकपक्षीय जानकारी परोसी जा रही है और इतिहास को BJP के नज़रिए से पुनर्परिभाषित करने की कोशिश की जा रही है। यह विवाद 25 जून 2025 को — आपातकाल की 50वीं वर्षगाँठ के दिन — और अधिक राजनीतिक रंग ले चुका है।
मुंबई से विजय वडेट्टीवार का हमला
मुंबई में कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने कहा कि इतिहास को गलत तरीके से पेश करने और तथ्यों को भ्रामक ढंग से प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 1975 का आपातकाल आधिकारिक रूप से घोषित था — किसी छिपे एजेंडे के तहत नहीं। वडेट्टीवार ने वर्तमान परिस्थितियों से तुलना करते हुए आरोप लगाया कि आज देश में एक 'अघोषित इमरजेंसी' जैसी स्थिति है, जहाँ नागरिक सरकार के विरुद्ध खुलकर असहमति नहीं जता सकते। उन्होंने यह भी कहा कि आज की युवा पीढ़ी AI और अन्य सूचना-स्रोतों के ज़रिए तथ्यों की स्वयं जाँच करने में सक्षम है।
लखनऊ से तनुज पुनिया की माँग — दोनों पक्ष पढ़ाएँ
लखनऊ में कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने कहा कि आपातकाल देश के इतिहास का अभिन्न हिस्सा है और इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। परंतु उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि छात्रों को यह भी बताया जाना चाहिए कि आपातकाल क्यों लगाया गया था — केवल यह नहीं कि क्या हुआ था। पुनिया ने कहा कि किसी एक पक्ष को पढ़ाने की प्रवृत्ति शिक्षा के मूल उद्देश्य के विरुद्ध है; छात्रों को दोनों दृष्टिकोण मिलने चाहिए ताकि वे स्वयं निष्कर्ष निकाल सकें।
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का तंज
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि NCERT इतिहास में नए अध्याय जोड़ रहा है, तो पाठ्यपुस्तकों में 'चढ़ावा चोरी' का उल्लेख भी होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर देश के साथ छल किया गया। राय के ये बयान सीधे BJP पर निशाना साधते हैं, हालाँकि उन्होंने कोई विशिष्ट साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
रांची से राकेश सिन्हा की आलोचना
रांची में कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि शिक्षा प्रणाली को पहले ही गहरी क्षति पहुँचाई जा चुकी है और अब पाठ्यक्रम के ज़रिए छात्रों को एक विशेष विचारधारा की ओर मोड़ने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने BJP और शिक्षा मंत्री पर सीधा आरोप लगाया कि वे शिक्षा को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
NCERT की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब देशभर में आपातकाल की 50वीं वर्षगाँठ पर राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस जारी है। शिक्षाविदों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की माँग है कि पाठ्यपुस्तकों में ऐतिहासिक घटनाओं को संतुलित और तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत किया जाए।