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कांग्रेस ने संविधान की धज्जियां उड़ाईं, आपातकाल उसका सबसे बड़ा पाप: सुरेश खन्ना

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कांग्रेस ने संविधान की धज्जियां उड़ाईं, आपातकाल उसका सबसे बड़ा पाप: सुरेश खन्ना

सारांश

1975 के आपातकाल की 51वीं बरसी पर यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कांग्रेस को संविधान का 'असली दुश्मन' करार दिया। 1977 में 528 में से केवल 153 सीटें मिलने का हवाला देते हुए उन्होंने एनसीईआरटी में आपातकाल को शामिल किए जाने का स्वागत किया।

मुख्य बातें

यूपी वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 25 जून 2025 को कांग्रेस को संविधान का 'असली दुश्मन' बताया।
1977 के चुनाव में कांग्रेस को 528 में से केवल 153 सीटें मिली थीं — खन्ना ने इसे आपातकाल के विरुद्ध जनादेश बताया।
खन्ना ने एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तकों में आपातकाल को शामिल किए जाने का स्वागत किया।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस से देश की जनता से सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की।
BJP ने 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाया — 1975 की इमरजेंसी की 51वीं बरसी ।

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 25 जून 2025 को लखनऊ में कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय है और कांग्रेस पार्टी ने हमेशा व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए संविधान को रौंदा है। उन्होंने एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तकों में आपातकाल को शामिल किए जाने का स्वागत करते हुए इसे भावी पीढ़ियों के लिए आवश्यक पाठ बताया।

संविधान पर हमले का आरोप

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा, 'संविधान पर सबसे बड़ा हमला कांग्रेस पार्टी ने ही किया था। जब वह सत्ता में थी, तो उसने अपने निजी हितों के लिए इमरजेंसी लागू करके संविधान को पूरी तरह नजरअंदाज किया और उसे तहस-नहस कर दिया, जिससे पूरा देश एक जेल में बदल गया।' उन्होंने कहा कि उस दौर में देश के लाखों लोग जेल में बंद कर दिए गए थे।

1977 के चुनाव और कांग्रेस की हार

खन्ना ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि आपातकाल के बाद हुए 1977 के आम चुनाव में जनता ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 528 में से मात्र 153 सीटें कांग्रेस को मिलीं और जनता पार्टी को स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ। उनके अनुसार, यह जनादेश लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का प्रतीक था।

एनसीईआरटी पाठ्यक्रम और कांग्रेस का विरोध

एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तकों में आपातकाल और वेदों को शामिल किए जाने पर कांग्रेस के विरोध को लेकर खन्ना ने कहा, 'अच्छी शिक्षा, जिस माध्यम से मिले, वह दी जानी चाहिए। जो हमारी नीति निर्माता हैं, उन्होंने मंथन करने के बाद ही दोनों विषयों को एनसीईआरटी की नई किताबों में शामिल करने का निर्णय लिया होगा।' उन्होंने एक्स पर लिखा कि 25 जून 1975 'संविधान हत्या दिवस' था और उस तानाशाही के विरुद्ध संघर्ष करने वाली हर आवाज को नमन किया।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की प्रतिक्रिया

इमरजेंसी की 51वीं बरसी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।' पाठक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने नेताओं की कुर्सी बचाने के लिए लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया और आज भी जहाँ वह सत्ता में है, वहाँ जनहित की अनदेखी हो रही है।

आगे का राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब 25 जून को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच राष्ट्रीय स्तर पर तीखी नोकझोंक जारी है। गौरतलब है कि BJP ने इस तिथि को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाने की परंपरा शुरू की है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक दुराग्रह बताती है। आने वाले दिनों में यह विमर्श विधानसभा सत्रों और चुनावी प्रचार में भी केंद्रीय भूमिका निभा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह नहीं बताया जाता कि उसी दशक में जनता पार्टी की सरकार भी गठबंधन की अस्थिरता में बिखर गई थी। एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में आपातकाल को शामिल करना शैक्षणिक दृष्टि से उचित हो सकता है, लेकिन जब इसकी घोषणा सत्तारूढ़ दल के नेता राजनीतिक भाषण के संदर्भ में करें, तो इतिहास-शिक्षण और दलीय प्रचार के बीच की रेखा धुंधली हो जाती है। मुख्यधारा की कवरेज इस प्रश्न को प्रायः छोड़ देती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुरेश खन्ना ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
यूपी वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने 1975 में व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए आपातकाल लागू कर संविधान को 'तहस-नहस' कर दिया और देश को 'एक जेल' में बदल दिया। उन्होंने कांग्रेस को संविधान का 'असली दुश्मन' करार दिया।
1975 के आपातकाल की 51वीं बरसी पर BJP ने क्या किया?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 25 जून 2025 को '1975 इमरजेंसी की 51वीं बरसी' को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाया। इस अवसर पर यूपी के वरिष्ठ मंत्रियों ने कांग्रेस से सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की।
एनसीईआरटी की नई किताबों में आपातकाल को शामिल करने पर विवाद क्यों है?
एनसीईआरटी ने अपनी नई पाठ्यपुस्तकों में 1975 के आपातकाल और वेदों को शामिल किया है, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया है। सुरेश खन्ना ने इस विरोध को खारिज करते हुए कहा कि नीति निर्माताओं ने मंथन के बाद यह निर्णय लिया है और अच्छी शिक्षा हर माध्यम से दी जानी चाहिए।
1977 के चुनाव में कांग्रेस को कितनी सीटें मिली थीं?
सुरेश खन्ना के अनुसार, 1977 के आम चुनाव में कांग्रेस को 528 में से केवल 153 सीटें मिली थीं और जनता पार्टी को स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ था। उन्होंने इसे आपातकाल के विरुद्ध जनता के जनादेश के रूप में प्रस्तुत किया।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस पर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस ने नेताओं की कुर्सी बचाने के लिए लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया, जो 'लोकतंत्र के साथ धोखा' था। उन्होंने माँग की कि कांग्रेस देश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी माँगे।
राष्ट्र प्रेस
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