4 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बारामती विमान हादसा: एनसीपी (अजित पवार) करेगी सीआईडी जांच जल्द पूरी करने और सीबीआई जांच की मांग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बारामती विमान हादसा: एनसीपी (अजित पवार) करेगी सीआईडी जांच जल्द पूरी करने और सीबीआई जांच की मांग

सारांश

बारामती विमान हादसे में अजित पवार की मौत की जांच अब राजनीतिक दबाव का केंद्र बन गई है। एनसीपी की कोर कमेटी ने सीआईडी जांच में तेजी और सीबीआई जांच की माँग के साथ दिवाली के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस से मिलने का फैसला किया है — ताकि विपक्ष को यह मुद्दा भुनाने का मौका न मिले।

मुख्य बातें

एनसीपी कोर कमेटी ने 4 नवंबर 2026 को सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में बैठक कर बारामती विमान हादसे की सीआईडी जांच में तेजी लाने का फैसला किया।
पार्टी प्रतिनिधिमंडल दिवाली के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलेगा और सीआईडी के साथ-साथ सीबीआई जांच की भी माँग करेगा।
अजित पवार के पुत्र जय पवार ने 28 अक्टूबर को पुणे सीआईडी मुख्यालय का दौरा कर जांच प्रगति की समीक्षा की थी।
फरवरी 2026 में महाराष्ट्र सरकार ने मामला सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की थी; एएआईबी का अंतिम तकनीकी निष्कर्ष आने के बाद ही सीबीआई जांच आगे बढ़ेगी।
कोर कमेटी ने अनुभवी वकीलों की सहायता से एनसीपी बनाम एनसीपी (एसपी) विवाद को सर्वोच्च न्यायालय में लड़ने का भी फैसला किया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की कोर कमेटी ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को निर्णय किया कि पार्टी के मंत्री और विधायक दिवाली के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार की मौत की सीआईडी जांच को शीघ्र पूरा करने और इस मामले में सीबीआई जांच की माँग करेंगे। यह बैठक महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री एवं पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में आयोजित हुई।

कोर कमेटी के प्रमुख फैसले

एनसीपी सूत्रों के अनुसार, कोर कमेटी ने तीन अहम निर्णय लिए। पहला, दिवाली के बाद पार्टी प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री फडणवीस से मिलकर सीआईडी जांच में तेजी लाने का आग्रह करेगा। दूसरा, कमेटी इस मामले में सीबीआई जांच की नई माँग भी रखेगी। तीसरा, अनुभवी वकीलों की सहायता से एनसीपी बनाम एनसीपी (एसपी) पार्टी विभाजन विवाद को सर्वोच्च न्यायालय में मजबूती से लड़ने का फैसला किया गया।

विपक्ष के दबाव का सामना

इस निर्णय का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदर्भ भी है। एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं और फडणवीस सरकार पर जांच में देरी का आरोप लगाते रहे हैं। एनसीपी (अजित पवार) का यह कदम विपक्ष को इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक बढ़त लेने से रोकने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।

जय पवार का सीआईडी दफ्तर दौरा

एनसीपी सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय अजित पवार के पुत्र और पार्टी नेता जय पवार द्वारा 28 अक्टूबर को पुणे स्थित सीआईडी मुख्यालय में जांच की प्रगति की समीक्षा करने के लिए किए गए दौरे के कुछ दिन बाद लिया गया। जय पवार ने तकनीकी मंजूरी रिपोर्टों के लंबित होने के संदर्भ में समयसीमा पर अद्यतन जानकारी मांगी और पारदर्शिता तथा शीघ्र जांच पूरी करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कोर कमेटी की बैठक में भी भाग लिया।

सीआईडी और सीबीआई जांच की स्थिति

सीआईडी अधिकारियों ने बताया है कि जांच में निरंतर प्रगति हो रही है और अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी रिपोर्टों तथा विशेष नागरिक उड्डयन एजेंसियों से प्राप्त जानकारियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। सीबीआई जांच के संदर्भ में, फरवरी 2026 में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और अन्य वरिष्ठ एनसीपी नेताओं की माँग के बाद महाराष्ट्र सरकार ने औपचारिक रूप से मामला सीबीआई को सौंपने की सिफारिश प्रस्तुत की थी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि यह सिफारिश अभी भी बरकरार है, लेकिन विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) के अंतिम तकनीकी निष्कर्ष जारी होने के बाद ही सीबीआई की आपराधिक जांच औपचारिक रूप से शुरू होगी। गौरतलब है कि एएआईबी के तकनीकी मूल्यांकन में आमतौर पर एक वर्ष तक का समय लगता है।

कोर कमेटी में कौन थे मौजूद

बैठक में एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल, महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख सुनील तटकरे, मंत्री छगन भुजबल और हसन मुश्रीफ, पूर्व मंत्री दिलीप वलसे पाटिल और धनंजय मुंडे, पार्टी सांसद पार्थ पवार तथा युवा नेता जय पवार उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि कमेटी ने पार्टी के वरिष्ठ और युवा नेताओं के बीच चल रहे आंतरिक विवाद पर चर्चा से परहेज किया।

आने वाले दिनों में दिवाली के बाद यह प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा — और उस मुलाकात के नतीजे तय करेंगे कि जांच की दिशा क्या होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी नौ महीने बाद वही माँग 'नई' बनाकर पेश की जा रही है। असली सवाल यह है कि एएआईबी की तकनीकी रिपोर्ट कब आएगी — जिसके बिना सीबीआई जांच आगे बढ़ ही नहीं सकती। जब तक वह रिपोर्ट नहीं आती, यह माँग राजनीतिक संकेत भेजने का साधन अधिक है, ठोस जवाबदेही का जरिया कम।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारामती विमान हादसा क्या था और इसमें अजित पवार की मौत कैसे हुई?
28 जनवरी को बारामती में हुए एक विमान हादसे में एनसीपी नेता अजित पवार की मौत हो गई थी। इस हादसे की जांच सीआईडी कर रही है और एएआईबी तकनीकी कारणों की पड़ताल में जुटी है।
एनसीपी कोर कमेटी ने 4 नवंबर की बैठक में क्या फैसले लिए?
कोर कमेटी ने तीन प्रमुख फैसले लिए — मुख्यमंत्री फडणवीस से मिलकर सीआईडी जांच में तेजी लाने की माँग, सीबीआई जांच की नई माँग रखना, और एनसीपी बनाम एनसीपी (एसपी) विवाद को सर्वोच्च न्यायालय में लड़ने का निर्णय। बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने की।
सीबीआई जांच अब तक क्यों शुरू नहीं हुई?
फरवरी 2026 में महाराष्ट्र सरकार ने मामला सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की थी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि एएआईबी के अंतिम तकनीकी निष्कर्ष जारी होने के बाद ही सीबीआई की आपराधिक जांच औपचारिक रूप से शुरू होगी, और एएआईबी के मूल्यांकन में आमतौर पर एक वर्ष तक का समय लगता है।
जय पवार ने सीआईडी मुख्यालय का दौरा क्यों किया?
अजित पवार के पुत्र जय पवार ने 28 अक्टूबर को पुणे स्थित सीआईडी मुख्यालय का दौरा कर जांच की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने तकनीकी मंजूरी रिपोर्टों के लंबित होने के बारे में जानकारी ली और पारदर्शिता तथा शीघ्र जांच पर जोर दिया।
एनसीपी (एसपी) के रोहित पवार की इस मामले में क्या भूमिका है?
एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार बार-बार इस हादसे की जांच का मुद्दा उठाते रहे हैं और फडणवीस सरकार पर जांच में देरी का आरोप लगाते रहे हैं। एनसीपी (अजित पवार) के ताजा कदम का एक उद्देश्य विपक्ष को इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक बढ़त लेने से रोकना भी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले