विक्रम मिस्री की काठमांडू यात्रा: नेपाल के विदेश सचिव और वित्त मंत्री से भेंट, द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री बुधवार, 4 नवंबर 2026 को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर काठमांडू पहुँचे। इस दौरे में उन्होंने नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय और वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले से अलग-अलग मुलाकातें कीं। इन बैठकों में नेपाल-भारत द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख पहलुओं — व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग — पर विस्तृत चर्चा हुई।
दौरे की पृष्ठभूमि और स्वागत
यह यात्रा नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय के सौहार्दपूर्ण निमंत्रण पर आयोजित की गई है। नेपाल में भारत के राजदूत सुधाकर दलेला और नेपाल के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को हवाई अड्डे पर विक्रम मिस्री का औपचारिक स्वागत किया। दोनों देशों ने सोमवार को इस यात्रा की पुष्टि की थी, जिसके अनुसार मिस्री 4 से 5 नवंबर तक काठमांडू में रहेंगे।
नेपाल के विदेश सचिव से द्विपक्षीय वार्ता
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि विदेश सचिव अमृत बहादुर राय ने विक्रम मिस्री के साथ व्यापक द्विपक्षीय बातचीत की। मंत्रालय के अनुसार, 'दोनों पक्षों ने उच्च स्तरीय दौरों के आदान-प्रदान, संपर्क एवं कनेक्टिविटी, व्यापार, विकास सहयोग, ऊर्जा और लोगों के बीच आपसी रिश्तों जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया।' बातचीत में दोनों देशों के बीच मौजूद मजबूत और करीबी संबंधों को भी रेखांकित किया गया।
गौरतलब है कि नेपाल और भारत के बीच संबंध ऐतिहासिक रूप से बहुआयामी रहे हैं — ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग से लेकर व्यापारिक संपर्क और लोगों के आपसी रिश्तों तक। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश आर्थिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने की कोशिश में हैं।
वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले से शिष्टाचार भेंट
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वित्त मंत्रालय में नेपाल के वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले से भी शिष्टाचार भेंट की। नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 'इस बैठक में दोनों नेताओं ने नेपाल और भारत के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा आपसी सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया।' मंत्रालय ने इसे दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते आर्थिक और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
नेपाली प्रधानमंत्री की भारत यात्रा की पृष्ठभूमि
विश्लेषकों के अनुसार, विक्रम मिस्री की यह काठमांडू यात्रा नेपाली प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की आगामी भारत यात्रा की कूटनीतिक ज़मीन तैयार करने के उद्देश्य से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत-नेपाल संबंधों में उच्च स्तरीय यात्राओं का यह क्रम दोनों देशों के बीच संस्थागत संवाद को गति देता है। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और ऊर्जा सहयोग के मामले में दोनों देशों के बीच कई परियोजनाएँ प्रगति पर हैं।
आगे की संभावनाएँ
दोनों देशों के वरिष्ठ राजनयिकों के बीच हुई इस बहुस्तरीय बातचीत से आने वाले महीनों में द्विपक्षीय समझौतों और उच्च स्तरीय यात्राओं का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है। 5 नवंबर को भी विक्रम मिस्री के काठमांडू में रहने की जानकारी है, और इस दौरान और भी बैठकें होने की संभावना है।