अमेरिकी मध्यावधि चुनाव 2026: 5 भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट जीते, नित्या रमन LA मेयर रेस में आगे
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में 3 नवंबर 2026 को भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया — पाँच भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट प्रतिनिधियों ने यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में अपनी सीटें सुनिश्चित कर लीं और छठी सीट भी उनकी पहुँच में बताई जा रही है। इसके साथ ही लॉस एंजिलिस के मेयर चुनाव में भारतीय मूल की उम्मीदवार नित्या रमन मतगणना के दौरान मौजूदा मेयर करेन बास से आगे चल रही थीं।
प्रमुख विजेता और उनके मतप्रतिशत
'डिसीजन डेस्क एचक्यू' के अनुसार, पिया डंडिया (फ्लोरिडा, 22वाँ जिला), सुहास सुब्रमण्यम (वर्जीनिया, 10वाँ जिला), प्रमिला जयपाल (वॉशिंगटन राज्य, 7वाँ जिला), रो खन्ना (कैलिफोर्निया, 17वाँ जिला) और एमी बेरा (कैलिफोर्निया, 3रा जिला) को विजेता घोषित किया गया।
पूर्व स्कूल प्रिंसिपल पिया डंडिया, जिनके माता-पिता भारत से अमेरिका आए थे, ने फ्लोरिडा में रिपब्लिकन कैसी अस्कार को लगभग 52 प्रतिशत बनाम 48 प्रतिशत के अंतर से हराया। सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया में रिपब्लिकन डेव बेकविथ को 61.5 प्रतिशत मतों से पराजित करते हुए लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की।
जीत के बाद सुब्रमण्यम ने कहा, 'चुनाव खत्म हो गया है, लेकिन असली काम अब शुरू होता है। मैं अपने समुदाय के साथ मिलकर वॉशिंगटन में बदलाव लाने के लिए काम करने को तैयार हूँ।'
लॉस एंजिलिस मेयर रेस: नित्या रमन की बढ़त
एबीसी-7 लॉस एंजिलिस की रिपोर्ट के अनुसार, लॉस एंजिलिस सिटी काउंसिल की सदस्य नित्या रमन को ताज़ा मतगणना में 3,54,214 वोट (50.55 प्रतिशत) मिले, जबकि मौजूदा मेयर करेन बास को 3,46,513 वोट (49.45 प्रतिशत) प्राप्त हुए। हालाँकि, यह मुकाबला अत्यंत करीबी बना हुआ था और अंतिम परिणाम की प्रतीक्षा थी।
राज्य विधानसभाओं में भी भारतीय मूल की छाप
राज्य स्तर पर टेक्सास में पूजा सेठी ने हाउस डिस्ट्रिक्ट 47 में 63.4 प्रतिशत मत पाकर जीत का दावा किया। जॉर्जिया में ज्योत सिंह ने हाउस डिस्ट्रिक्ट 97 में लगभग 68 प्रतिशत वोट के साथ जीत दर्ज की। इलिनोइस में नबीला सैयद और राम विलीवलम ने अपनी-अपनी सीनेट सीटें बरकरार रखीं, जबकि अरविंद वेंकट ने पेनसिल्वेनिया विधानसभा में दोबारा जीत हासिल की। मैरीलैंड में भारतीय मूल की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर ने गवर्नर वेस मूर की जीत के साथ एक और चार साल का कार्यकाल सुनिश्चित किया। विस्कॉन्सिन में अटॉर्नी जनरल जोश कौल, जिनके पिता भारतीय मूल के हैं, ने भी दोबारा जीत दर्ज की।
विवेक रामास्वामी की हार: रिपब्लिकन को झटका
इन चुनावों में सबसे चर्चित हार ओहायो में रही, जहाँ भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी गवर्नर पद के लिए डेमोक्रेट एमी एक्टन से हार गए। रामास्वामी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का खुला समर्थन प्राप्त था। केरल के पलक्कड़ जिले से जुड़े परिवार से आने वाले रामास्वामी ने मंगलवार देर रात अपनी हार स्वीकार कर ली। इसके अलावा न्यूयॉर्क में सरिता कोमाटिरेड्डी, नॉर्थ कैरोलाइना में महेश गनोरकर और ओहायो में संदीप दीक्षित को भी हार का सामना पड़ा।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और आगे की राह
गौरतलब है कि अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल की भागीदारी की नींव 1957 में पड़ी थी, जब दलीप सिंह सोंध अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बने थे। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बीच ये मध्यावधि चुनाव आयोजित किए गए — प्रतिनिधि सभा की 435 सीटों, सीनेट की 35 सीटों और कई राज्यों के गवर्नर पदों पर मतदान हुआ। भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों की बढ़ती तादाद और दोनों प्रमुख दलों में उनकी उपस्थिति यह दर्शाती है कि डायस्पोरा की राजनीतिक महत्वाकांक्षा अब नई ऊँचाइयाँ छू रही है।