भारतवंशी नित्या रमन ने लॉस एंजिल्स मेयर प्राइमरी जीती, नवंबर में करेन बैस से होगा मुकाबला
सारांश
मुख्य बातें
भारतवंशी नेता नित्या रमन ने लॉस एंजिल्स मेयर पद की प्राइमरी में जीत दर्ज करते हुए नवंबर 2026 के आम चुनाव में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। उन्होंने पूर्व रियलिटी टीवी स्टार स्पेंसर प्रैट को पराजित किया और अब उनका सीधा मुकाबला मौजूदा मेयर करेन बैस से होगा। यह जीत भारतीय मूल की एक राजनेता के लिए अमेरिका के सबसे बड़े शहरों में से एक के सर्वोच्च पद तक पहुँचने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
समर्थकों का आभार और अभियान का संदेश
जीत के बाद नित्या रमन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने मतदाताओं और स्वयंसेवकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, "यह सफलता केवल उनकी नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की है जिन्होंने घर-घर जाकर प्रचार किया, फोन कॉल किए, संदेश भेजे, दान दिया और उनके अभियान को मजबूत बनाने में योगदान दिया।"
रमन ने यह भी रेखांकित किया कि शहर की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली हित समूहों को प्राथमिकता मिलती रही है, जबकि आम नागरिक बढ़ते किराए, कमज़ोर सार्वजनिक सेवाओं और अन्य समस्याओं से जूझते रहे हैं। उन्होंने वादा किया कि वे एक ऐसा लॉस एंजिल्स बनाने के लिए काम करेंगी जो सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित, किफायती और बेहतर हो।
बेघरी और 2028 ओलंपिक: प्रमुख चुनावी मुद्दे
रमन का प्रमुख चुनावी एजेंडा शहर में बेघर लोगों की संख्या कम करना है। 2028 ओलंपिक खेलों से पहले सड़कों और अस्थायी शिविरों में रहने वाले लोगों की स्थिति में ठोस सुधार लाना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। इसके अलावा किफायती आवास निर्माण और जलवायु परिवर्तन से जुड़े लक्ष्यों को गति देना भी उनके अभियान के केंद्र में है।
नित्या रमन: शिक्षा और राजनीतिक सफर
हार्वर्ड विश्वविद्यालय और MIT से शिक्षित रमन एक प्रशिक्षित शहरी योजनाकार हैं। राजनीति में आने से पहले वह बेघरों के मुद्दों पर सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता रही हैं। वर्ष 2020 में उन्होंने लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल का चुनाव जीतकर इतिहास रचा — वह इस पद पर पहुँचने वाली पहली एशियाई-अमेरिकी महिला और पहली दक्षिण एशियाई बनीं। मार्च 2024 में उन्हें दूसरे कार्यकाल के लिए भी भारी जनसमर्थन मिला।
आगे की राह: नवंबर का निर्णायक मुकाबला
अब रमन का सामना मौजूदा मेयर करेन बैस से होगा, जो 2022 से इस पद पर हैं। यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब लॉस एंजिल्स बेघरी की गंभीर समस्या, बढ़ती आवास लागत और 2025 के विनाशकारी जंगल की आग के बाद पुनर्निर्माण की चुनौतियों से जूझ रहा है। रमन की जीत भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व की दृष्टि से भी एक ऐतिहासिक अवसर है।