अजित पवार विमान हादसा: जय पवार ने पुणे सीआईडी से मांगी जांच में तेज़ी, 28 जनवरी 2026 से मामला लंबित
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के युवा नेता जय पवार ने 28 अक्टूबर 2026 को पुणे स्थित सीआईडी (CID) कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार के विमान हादसे की जांच में तेज़ी लाने की माँग की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब 28 जनवरी 2026 को बारामती में हुए हादसे को नौ महीने से अधिक बीत चुके हैं और मामले की जांच अभी भी अधूरी बताई जा रही है।
बैठक में क्या हुआ
जय पवार ने सीआईडी अधिकारियों से हादसे की जांच की वर्तमान स्थिति, अब तक उठाए गए कदम, अभी भी लंबित पहलुओं और जांच पूरी होने की संभावित समय-सीमा के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इस बैठक में विधायक विक्रम काकडे भी उनके साथ उपस्थित रहे।
जय पवार ने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि मामले की जांच पारदर्शी, निष्पक्ष और बिना किसी अनावश्यक देरी के पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में यदि किसी व्यक्ति या संस्था की जवाबदेही सामने आती है, तो उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए।
जय पवार का बयान
बैठक के बाद जय पवार ने कहा, 'अजितदादा पवार के विमान हादसे के पीछे की सच्चाई सामने आना केवल उनके परिजनों के लिए नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए भी ज़रूरी है जो उन्हें अपना नेता मानते थे।' उन्होंने जोड़ा कि जनता के मन में इस हादसे को लेकर अनेक सवाल हैं और जांच प्रक्रिया को उन सभी सवालों का जवाब देना होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक हादसे की पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, वे इस मामले का नियमित फॉलोअप करते रहेंगे और जांच की प्रगति पर नज़र बनाए रखेंगे।
हादसे की पृष्ठभूमि
28 जनवरी 2026 को बारामती में हुए एक विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार का निधन हो गया था। घटना के तुरंत बाद से ही सीआईडी जांच शुरू की गई थी। गौरतलब है कि तब से समय-समय पर उनके परिजन और समर्थक जांच को जल्द पूरा करने की माँग उठाते रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
आम जनता और परिवार पर असर
अजितदादा पवार पश्चिमी महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रमुख और प्रभावशाली नाम थे। उनके निधन के बाद एनसीपी और उनके समर्थकों में जांच को लेकर बेचैनी बनी हुई है। आलोचकों का कहना है कि इतने संवेदनशील मामले में नौ महीने बाद भी कोई ठोस निष्कर्ष सामने न आना जांच की गति पर सवाल खड़े करता है।
आगे की राह
जय पवार की इस बैठक के बाद अब सभी की नज़रें सीआईडी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच जल्द पूरी होती है और निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाते हैं, तो इससे न केवल परिवार को, बल्कि महाराष्ट्र की जनता को भी राहत मिलेगी।