एनसीआर में एक्यूआई फिर लाल निशान के पार, गर्मी में बढ़ेगा तापमान

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एनसीआर में एक्यूआई फिर लाल निशान के पार, गर्मी में बढ़ेगा तापमान

सारांश

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गंभीर स्थिति में पहुँच गया है। ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में यह लाल निशान के पार जा चुका है। जानिए इसके कारण और इससे बचने के उपाय।

Key Takeaways

  • एनसीआर में एक्यूआई फिर से लाल निशान के पार जा चुका है।
  • ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सबसे अधिक प्रदूषण दर्ज किया गया है।
  • तापमान में वृद्धि से प्रदूषण में इजाफा हो सकता है।
  • बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
  • मौसम साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन प्रदूषण का स्तर चिंता का विषय है।

नोएडा, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में एक बार फिर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिल रही है। पिछले कुछ दिनों से तेज हवाओं के कारण हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ था, लेकिन अब प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ने लगा है।

हालिया आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के कई क्षेत्रों में एक्यूआई लाल निशान के पार जा चुका है, जो गंभीर स्थिति का संकेत देता है। वहीं, दिल्ली और नोएडा के विभिन्न स्थानों पर वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है।

ग्रेटर नोएडा में स्थिति सबसे चिंताजनक मानी जा रही है। यहाँ नॉलेज पार्क-5 में एक्यूआई 331 दर्ज किया गया, जो लाल श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक है। वहीं, नॉलेज पार्क-3 में एक्यूआई 202 रिकॉर्ड किया गया, जो खराब श्रेणी में शामिल है।

इसी प्रकार, गाजियाबाद के कई इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। लोनी में एक्यूआई 312 और संजय नगर में 301 दर्ज किया गया, जो गंभीर स्थिति दर्शाता है। इसके अलावा, इंदिरापुरम में एक्यूआई 273 और वसुंधरा में 271 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।

नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में भी वायु गुणवत्ता चिंता का कारण बन रही है। सेक्टर-125 में एक्यूआई 278, सेक्टर-1 में 262 और सेक्टर-116 में 269 दर्ज किया गया है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं, सेक्टर-62 में एक्यूआई 201 रिकॉर्ड किया गया, जो खराब श्रेणी में है।

दिल्ली के कई क्षेत्रों में भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। आनंद विहार में एक्यूआई 278, अशोक विहार में 263, बवाना में 260 और बुराड़ी क्रॉसिंग में 251 दर्ज किया गया। इसके अलावा, चांदनी चौक में एक्यूआई 239, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 231 और सीआरआरआई मथुरा रोड में 210 दर्ज किया गया। हालांकि, कैंटोनमेंट क्षेत्र में एक्यूआई 177 और आया नगर में 197 दर्ज किया गया, जो अन्य इलाकों की तुलना में थोड़ा बेहतर है।

मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में तापमान में लगातार वृद्धि होने की संभावना है। सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार, 7 मार्च को न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32 डिग्री रहने का अनुमान है। 8 और 9 मार्च को न्यूनतम तापमान 17 डिग्री और अधिकतम 33 डिग्री रहने की संभावना है। वहीं, 10, 11 और 12 मार्च को अधिकतम तापमान 34 डिग्री तक पहुँच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 16 से 17 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। मौसम साफ रहने और तेज धूप निकलने की संभावना भी जताई गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में वृद्धि और हवाओं की गति में कमी के कारण प्रदूषक कण वातावरण में जमा होने लगते हैं, जिससे एक्यूआई में बढ़ोतरी होती है। ऐसे में, लोगों को सुबह और शाम के समय बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतने, मास्क का उपयोग करने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

Point of View

वायु गुणवत्ता में गिरावट एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषण के बढ़ने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर। हमें इस मुद्दे पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

एक्यूआई क्या है?
एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) वायु की गुणवत्ता का माप है, जो प्रदूषण के स्तर को दर्शाता है।
एक्यूआई के उच्च स्तर का क्या मतलब है?
एक्यूआई के उच्च स्तर का मतलब है कि वायु गुणवत्ता खराब है, जिससे स्वास्थ्य के लिए खतरा हो सकता है।
प्रदूषण से कैसे बचा जा सकता है?
प्रदूषण से बचने के लिए मास्क पहनना, घर के अंदर रहने और पौधों की देखभाल करना आवश्यक है।
क्या मौसम का तापमान वायु गुणवत्ता को प्रभावित करता है?
हाँ, उच्च तापमान और कम हवा की गति से प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो सकते हैं, जिससे एक्यूआई बढ़ता है।
क्या हमें बाहर जाने से बचना चाहिए?
यदि एक्यूआई उच्च है, तो सुबह और शाम के समय बाहर जाने से बचना चाहिए, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को।
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