विश्व साइकिल दिवस पर NDRF की दूसरी बटालियन के 105 जवान-परिजन साइक्लोथॉन में उतरे
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की दूसरी बटालियन के जवान और उनके परिवार के सदस्य रविवार, 7 जून को विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर पेडल पर सवार हुए। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के हरिंगघाटा स्थित बटालियन परिसर से 25 किलोमीटर की साइक्लोथॉन आयोजित की गई, जिसमें 15 बच्चों सहित कुल 105 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। यह आयोजन स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
हरिंगघाटा में आयोजित 25 किमी साइक्लोथॉन के अलावा, NDRF कर्मियों ने कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) द्वारा आयोजित 'संडे ऑन साइकिल' रैली में भी भाग लिया। इस रैली में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, सेना, कोलकाता पुलिस, नागरिक प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों के मिलाकर लगभग 1,000 साइकिल चालकों ने 10 किलोमीटर की रैली सफलतापूर्वक पूरी की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक थे।
पर्यावरण संरक्षण की पहल
साइक्लोथॉन से दो दिन पूर्व, 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर NDRF की दूसरी बटालियन ने एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान भी चलाया। इस अभियान में स्वदेशी और पर्यावरण-अनुकूल प्रजातियों के 2,000 से अधिक पौधे निर्धारित स्थानों पर लगाए गए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पौधों के पूरी तरह विकसित होने तक NDRF कर्मी उनकी देखभाल करते रहेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन आयोजनों से फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के प्रति बटालियन की प्रतिबद्धता परिलक्षित होती है।
NDRF की दूसरी बटालियन की उपलब्धियाँ
हरिंगघाटा स्थित इस बटालियन के जवान देश भर में प्राकृतिक आपदाओं और संकटों के दौरान तैनात किए जाते हैं। बटालियन का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उल्लेखनीय योगदान रहा है — 2023 में तुर्की में आए विनाशकारी भूकंप के बाद इन जवानों ने मलबे के नीचे दबे छह वर्षीय बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला था। यह बचाव अभियान बटालियन की तकनीकी दक्षता और साहस का प्रतीक बना।
आम जनता पर असर
NDRF जैसी अग्रिम पंक्ति की संस्था का इस तरह सामुदायिक स्वास्थ्य और पर्यावरण अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेना एक व्यापक संदेश देता है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में जलवायु परिवर्तन से जुड़ी आपदाओं की आवृत्ति बढ़ रही है और नागरिकों में पर्यावरण-सजगता की माँग तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि साइकिल को परिवहन के टिकाऊ साधन के रूप में प्रोत्साहित करने का संयुक्त राष्ट्र का यह वैश्विक दिवस भारत में तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है।