विश्व साइकिल दिवस पर BJP नेताओं का TMC पर हमला: '15 साल बंगाल के खेलों पर अंधेरा छाया रहा'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मंत्री निशिथ प्रमाणिक ने 7 जून को कोलकाता में विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर आयोजित साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में पश्चिम बंगाल के खेल जगत पर अंधेरा छाया हुआ था, जो अब सरकार बदलने के साथ समाप्त हो गया है।
मुख्य घटनाक्रम
विश्व साइकिल दिवस के उपलक्ष्य में पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार की ओर से व्यापक साइक्लोथॉन कार्यक्रम आयोजित किए गए। निशिथ प्रमाणिक ने रैली को रवाना करते हुए कहा कि नई सरकार ने खेल क्षेत्र में परिवारवाद समाप्त करने की घोषणा की थी, जिसके बाद परिवारवाद को बढ़ावा देने वाले स्वयं ही इस्तीफा देकर हट गए। उन्होंने शेष पदाधिकारियों से भी सम्मानपूर्वक विदाई लेने का आह्वान किया।
प्रमाणिक ने कहा, 'अब खेल के क्षेत्र में भी परिवर्तन आया है। हम लोग उसमें भी परिवर्तन करके रहेंगे।' उन्होंने बताया कि राज्य के खेल मंत्रालय ने मिलकर पूरे बंगाल में खेलों का माहौल तैयार किया है और विश्व साइकिल दिवस से इसकी औपचारिक शुरुआत की गई।
मंत्री अशोक डिंडा का बयान
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अशोक डिंडा ने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया के नेतृत्व में यह बड़ा आयोजन संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि 'फिट इंडिया' अभियान और विश्व साइकिल दिवस का यह उत्सव केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत और विश्व में मनाया जा रहा है। डिंडा ने कहा, 'इंडिया फिट रहेगा तो भागेगा।'
AIFF अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा से खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल ने लगातार केंद्र सरकार का विरोध किया और केंद्र की किसी भी योजना को राज्य में लागू नहीं होने दिया। चौबे के अनुसार, इसी कारण पिछले 15 वर्षों में बंगाल के खेलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
साइक्लोथॉन में जन-भागीदारी
आयोजन में कोलकाता शहर से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर तक लाखों युवाओं ने साइक्लोथॉन में भाग लिया। हजारों खिलाड़ी और नागरिक साइकिल चलाने के लिए एकत्रित हुए। यह आयोजन राज्य सरकार की खेलों को जन-जन तक पहुँचाने की मुहिम का हिस्सा बताया जा रहा है।
आगे की राह
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं के इन बयानों के बाद राज्य की राजनीति में खेल के मुद्दे को नई धार मिली है। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि TMC इन आरोपों का किस प्रकार जवाब देती है और राज्य में खेल के बुनियादी ढाँचे में सुधार की घोषणाएँ ज़मीन पर किस हद तक उतरती हैं।