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जयपुर हत्याकांड: पड़ोसी निकला बुजुर्ग दंपति का कातिल, बेड के बॉक्स में छिपाए थे शव, 5 गिरफ्तार

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जयपुर हत्याकांड: पड़ोसी निकला बुजुर्ग दंपति का कातिल, बेड के बॉक्स में छिपाए थे शव, 5 गिरफ्तार

सारांश

जयपुर के पुनावाली गांव में बुजुर्ग दंपति की हत्या का खुलासा हुआ — मास्टरमाइंड निकला उन्हीं का पड़ोसी कुशल पालीवाल, जिसने डेढ़ साल की योजना के बाद लूट के लिए दोनों की जान ली और शव बेड के बॉक्स में छिपा दिए। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर वाहन भी बरामद किया।

मुख्य बातें

राजस्थान पुलिस ने जयपुर के पुनावाली गांव में बुजुर्ग दंपति लहरीलाल पालीवाल और राधाबाई की हत्या का खुलासा किया।
मास्टरमाइंड पड़ोसी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल (26) ने डेढ़ साल से इस वारदात की योजना बनाई थी।
आरोपियों ने 11 अगस्त की रात हत्या की और दोनों शवों को बिस्तर के स्टोरेज बॉक्स में छिपाया; शव 14 अगस्त को मिले।
पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक छठे संदिग्ध को हिरासत में लिया; अपराध में इस्तेमाल वाहन बरामद ।
कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और टोल प्लाजा फुटेज के तकनीकी विश्लेषण से मामले का भंडाफोड़ हुआ।
वारदात का मकसद लूट था — आरोपी ने कर्ज चुकाने के लिए दंपति के घर की नकदी और गहने निशाना बनाए।

राजस्थान पुलिस ने जयपुर के सायरा थाना क्षेत्र के पुनावाली गांव में एक बुजुर्ग दंपति की नृशंस हत्या के मामले का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस के अनुसार, इस सुनियोजित वारदात का मास्टरमाइंड दंपति का पड़ोसी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल (26) था, जो लूट के इरादे से करीब डेढ़ साल से इस षड्यंत्र को अंजाम देने की फिराक में था। पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और एक छठे संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है।

मृतक दंपति और वारदात की पृष्ठभूमि

जिला पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन के अनुसार, मृतक लहरीलाल पालीवाल और उनकी पत्नी राधाबाई पुनावाली गांव में रहते थे। 11 अगस्त की रात गुजरात में रहने वाले उनके बेटे मनोहर लाल ने राधाबाई से फोन पर बात की थी। अगले दिन जब दंपति घर पर नहीं मिले, तो परिजनों और पड़ोसियों ने तलाश शुरू की। 14 अगस्त को दोनों के शव घर के अंदर रखे बिस्तर के स्टोरेज बॉक्स में प्लास्टिक की थैलियों में छिपे मिले।

डेढ़ साल की साजिश और वारदात का तरीका

पुलिस जांच के अनुसार, कुशल ने लोगों और बैंकों से कर्ज लिया था और उसे चुकाने में असमर्थ था। आर्थिक तंगी से घिरे कुशल को पता था कि बुजुर्ग दंपति अक्सर अकेले रहते थे और घर में गहने व नकदी रखते थे। 9 अगस्त को कुशल अपने साथियों चंदन यादव, विकास खरवाड़ और दिलीप चौधरी के साथ पुनावाली पहुंचा और दंपति के घर तथा आसपास के इलाके की रेकी की।

इसके बाद कुशल ने अपने चचेरे भाइयों किशन पालीवाल और जीवन पालीवाल को भी साजिश में शामिल किया। 10 अगस्त को कुशल और चंदन लहरीलाल के घर गए, जहां पड़ोसी होने के नाते उन्हें अंदर आने दिया गया और राधाबाई ने दोनों को खाना भी खिलाया। इसी दौरान कुशल ने घर के भीतर मिली एक हथौड़ी अपने कपड़ों के नीचे छिपा ली।

11 अगस्त की रात किशन और जीवन 'कुंडली दिखाने' के बहाने घर पहुंचे और राधाबाई का ध्यान भटकाया, जिससे कुशल को घर में घुसकर बाथरूम में छिपने का मौका मिल गया। देर रात कुशल ने दरवाजा खोला और चंदन, दिलीप व विकास को अंदर बुला लिया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद आरोपियों ने लहरीलाल के सिर पर हथौड़े से वार कर उनकी हत्या कर दी और राधाबाई का गला घोंटकर उनकी जान ले ली।

शव छिपाने और सबूत मिटाने की कोशिश

वारदात के बाद आरोपियों ने दोनों शवों को प्लास्टिक की थैलियों में लपेटकर बिस्तर के स्टोरेज बॉक्स में छिपा दिया और उन्हें बिस्तर के सामान से ढक दिया। राधाबाई की चाबियों से अलमारी खोलकर गहने और नकदी लूट ली गई। दंपति के मोबाइल फोन भी साथ ले जाए गए और बाद में हाईवे पर फेंक दिए गए। जांचकर्ताओं के अनुसार, संदिग्धों ने ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जिससे लगे कि दंपति खुद घर से निकले थे।

तकनीकी जांच से खुला राज

पुलिस ने मृतक दंपति के मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा का विश्लेषण किया और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों ने जांचकर्ताओं का ध्यान एक संदिग्ध वाहन की ओर खींचा, जो 9 से 11 अगस्त की रातों और 12 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे इलाके में देखा गया था। यह वाहन खेरवाड़ा टोल प्लाजा पर भी दर्ज हुआ था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने कुशल पालीवाल और उसके साथियों तक पहुंचकर अपराध का खुलासा किया।

गिरफ्तार आरोपियों का ब्योरा

पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं: कुशल उर्फ खुशी पालीवाल (26), निवासी पुनावाली, वर्तमान में सूरत; चंदन यादव (27), निवासी समस्तीपुर, बिहार, वर्तमान में सूरत; दिलीप चौधरी (30), निवासी सूरत; किशन पालीवाल (21) और जीवन पालीवाल (21), दोनों निवासी पुनावाली। अपराध में इस्तेमाल वाहन भी बरामद कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि तीन दिन बाद शव मिलने तक पड़ोसी और प्रशासन क्या कर रहे थे। बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए बने कानूनी प्रावधान कागज़ों पर हैं — ज़मीन पर उनकी निगरानी का तंत्र अभी भी खोखला है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर के पुनावाली गांव में बुजुर्ग दंपति की हत्या किसने और क्यों की?
हत्या का मास्टरमाइंड दंपति का पड़ोसी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल (26) था, जिसने लूट के इरादे से यह वारदात की। पुलिस के अनुसार, वह कर्ज में डूबा था और उसे पता था कि बुजुर्ग दंपति अकेले रहते हैं और घर में गहने-नकदी रखते हैं।
बुजुर्ग दंपति के शव कब और कहां मिले?
लहरीलाल पालीवाल और राधाबाई के शव 14 अगस्त को उनके घर में रखे बिस्तर के स्टोरेज बॉक्स के भीतर प्लास्टिक की थैलियों में मिले। 11 अगस्त की रात हत्या के बाद आरोपियों ने शव वहीं छिपा दिए थे।
इस हत्याकांड में कितने लोग गिरफ्तार हुए और कौन हैं?
पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है — कुशल पालीवाल, चंदन यादव, दिलीप चौधरी, किशन पालीवाल और जीवन पालीवाल। एक छठे संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है और अपराध में इस्तेमाल वाहन भी बरामद हो चुका है।
पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कैसे किया?
पुलिस ने मृतक दंपति के मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा का विश्लेषण किया। तकनीकी जांच में एक संदिग्ध वाहन सामने आया जो 9 से 12 अगस्त के बीच इलाके और खेरवाड़ा टोल प्लाजा पर दर्ज था, जिससे आरोपियों तक पहुंचा गया।
कुशल पालीवाल ने हत्या की योजना कितने समय पहले से बनाई थी?
पुलिस जांच के अनुसार, कुशल करीब डेढ़ साल से इस वारदात की योजना बना रहा था। उसने 9 अगस्त को पहले रेकी की, फिर 10 और 11 अगस्त को घर में घुसने की कोशिश की और अंततः 11 अगस्त की रात हत्या को अंजाम दिया।
राष्ट्र प्रेस
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