नेपाल बाढ़ का उत्तराखंड पर असर नहीं, आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने दी राहत की जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने 27 अगस्त को स्पष्ट किया कि नेपाल में आई बाढ़ का उत्तराखंड पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने राज्य के नागरिकों और पर्यटकों को आश्वस्त किया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
मौसम की स्थिति और अलर्ट
सुमन ने बताया कि मौसम विभाग की ओर से कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, लेकिन अत्यधिक बारिश की संभावना नहीं है। मौसम में किसी भी बदलाव की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी। नदियों के जलस्तर पर भी निरंतर नज़र रखी जा रही है और जलस्तर बढ़ने पर लोगों को फौरन सूचित किया जाएगा।
आपदा प्रबंधन की तैयारी
आपदा प्रबंधन सचिव ने बताया कि विभाग ने एक विस्तृत एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार की है, जिसके आधार पर सभी कार्य किए जा रहे हैं। प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुँचाने के प्रयास जारी हैं। विभाग ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जिस पर किसी भी आपात स्थिति में संपर्क किया जा सकता है। गौरतलब है कि एक ब्रिटिश नागरिक के लापता होने की सूचना भी मिली है, जिनकी तलाश जारी है।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए संदेश
सुमन ने उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को भी आश्वस्त किया कि वे निश्चिंत होकर राज्य में आ सकते हैं। चारधाम यात्रा निर्बाध रूप से जारी है और श्रद्धालु बिना किसी रुकावट के दर्शन कर सकते हैं। उन्होंने पर्यटकों को सलाह दी कि वे अपने साथ पर्याप्त खाने-पीने का सामान रखें, ताकि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में असुविधा न हो।
सचेत ऐप डाउनलोड करने की अपील
आपदा सचिव ने सभी पर्यटकों से अपील की कि वे अपने मोबाइल फोन में 'सचेत ऐप' अवश्य डाउनलोड करें। यह ऐप पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा के दौरान मौसम की वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध कराता है, जिससे यात्री समय रहते सतर्क हो सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीजन में पहाड़ी इलाकों में अचानक मौसम बदलने की घटनाएँ आम हो जाती हैं।