27 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़: रेवंत रेड्डी के निर्देश पर तेलंगाना भवन में हेल्पलाइन शुरू, फंसे नागरिकों को मिलेगी मदद

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नेपाल बाढ़: रेवंत रेड्डी के निर्देश पर तेलंगाना भवन में हेल्पलाइन शुरू, फंसे नागरिकों को मिलेगी मदद

सारांश

नेपाल में भीषण बाढ़ के बीच तेलंगाना और आंध्र प्रदेश — दोनों राज्यों ने अपने फंसे नागरिकों के लिए दिल्ली में आपातकालीन हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम खोले हैं। CM रेवंत रेड्डी और CM चंद्रबाबू नायडू दोनों ने अधिकारियों को तत्काल समन्वय के निर्देश दिए हैं।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी के निर्देश पर 27 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के तेलंगाना भवन में हेल्पलाइन और समन्वय केंद्र स्थापित किया गया।
हेल्पलाइन पर नाम, पासपोर्ट विवरण, मोबाइल नंबर, नेपाल में अंतिम ज्ञात स्थान और ट्रैवल ऑपरेटर की जानकारी देना आवश्यक है।
तेलंगाना भवन को विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से समन्वय का निर्देश दिया गया है।
आंध्र प्रदेश ने भी आंध्र प्रदेश भवन, दिल्ली में कंट्रोल रूम बनाया; फोन नंबर 011-23384016 , 011-23387089 ; व्हाट्सएप 9059824101 ।
चंद्रबाबू नायडू ने RTG विंग को लगातार निगरानी और प्रभावित तीर्थयात्रियों तक सहायता पहुँचाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के निर्देश पर तेलंगाना सरकार ने 27 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित तेलंगाना भवन में एक हेल्पलाइन और समन्वय केंद्र स्थापित किया है, ताकि बाढ़ प्रभावित नेपाल में फंसे या संकटग्रस्त राज्य के नागरिकों को आवश्यक सहायता पहुँचाई जा सके। यह कदम नेपाल में जारी भीषण बाढ़ की स्थिति के बीच उठाया गया है, जहाँ तेलंगाना के तीर्थयात्री, पर्यटक और अन्य निवासी प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद हो सकते हैं।

हेल्पलाइन कैसे काम करेगी

तेलंगाना भवन के अधिकारियों ने बताया कि जो परिवार नेपाल में मौजूद अपने रिश्तेदारों — चाहे वे तीर्थयात्री हों या पर्यटक — से संपर्क नहीं कर पा रहे, वे इस हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। सहायता के लिए निम्नलिखित जानकारी देना आवश्यक होगा: व्यक्ति का नाम, पासपोर्ट विवरण, मोबाइल नंबर, नेपाल में वर्तमान या अंतिम ज्ञात स्थान, ट्रैवल या टूर ऑपरेटर की जानकारी तथा परिवार के सदस्यों की संपर्क जानकारी

प्राप्त मामलों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा और आगे की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार की समन्वय रणनीति

राज्य सरकार के बयान के अनुसार, तेलंगाना भवन को निर्देश दिया गया है कि वह भारत के विदेश मंत्रालय, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करे। अधिकारियों ने कहा, 'राज्य सरकार स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है और जरूरतमंद निवासियों को आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।'

आंध्र प्रदेश ने भी उठाए कदम

इसी बीच, आंध्र प्रदेश सरकार भी यह पता लगाने के लिए सूचनाएँ एकत्र कर रही है कि क्या राज्य का कोई निवासी या तीर्थयात्री आपदा प्रभावित क्षेत्र में फंसा है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नेपाल बाढ़ में फंसे राज्य के नागरिकों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने के उपाय करें।

नई दिल्ली स्थित आंध्र प्रदेश भवन में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके फोन नंबर 011-23384016 और 011-23387089 हैं, जबकि व्हाट्सएप नंबर 9059824101 है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि रियल-टाइम गवर्नेंस (RTG) विंग लगातार निगरानी करते हुए प्रभावित तीर्थयात्रियों तक सहायता पहुँचाए।

आगे की स्थिति

दोनों राज्य सरकारें केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है और बड़ी संख्या में भारतीय तीर्थयात्री व पर्यटक वहाँ मौजूद हो सकते हैं। गौरतलब है कि नेपाल हर वर्ष मानसून में गंभीर बाढ़ का सामना करता है, और इस बार की स्थिति के मद्देनज़र दोनों राज्यों की त्वरित प्रतिक्रिया राहत की बात है। संबंधित अधिकारियों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर नागरिकों को अपडेट दिए जाते रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा हेल्पलाइन की परिचालन क्षमता और वास्तविक समन्वय की होगी — क्योंकि पिछले आपदा प्रकरणों में ऐसे केंद्र अक्सर जानकारी के अभाव में निष्प्रभावी रहे हैं। नेपाल में फंसे तीर्थयात्रियों की सटीक संख्या अभी सार्वजनिक नहीं है, जो पारदर्शिता का एक बड़ा अंतर है। दोनों राज्यों का केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास के साथ समन्वय का दावा है, लेकिन इस समन्वय की गति और प्रभाव जमीन पर तभी दिखेगा जब फंसे नागरिक वास्तव में सुरक्षित लौटें।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में फंसे तेलंगाना के नागरिक हेल्पलाइन से कैसे संपर्क करें?
परिवार के सदस्य नई दिल्ली स्थित तेलंगाना भवन की हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। उन्हें फंसे व्यक्ति का नाम, पासपोर्ट विवरण, मोबाइल नंबर, नेपाल में अंतिम ज्ञात स्थान और ट्रैवल ऑपरेटर की जानकारी देनी होगी।
आंध्र प्रदेश के नागरिक नेपाल बाढ़ में सहायता के लिए कहाँ संपर्क करें?
आंध्र प्रदेश भवन, नई दिल्ली में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। फोन नंबर 011-23384016 और 011-23387089 हैं, जबकि व्हाट्सएप नंबर 9059824101 है।
तेलंगाना सरकार ने नेपाल बाढ़ के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के निर्देश पर 27 अगस्त 2026 को दिल्ली के तेलंगाना भवन में हेल्पलाइन और समन्वय केंद्र खोला गया है। सरकार विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के साथ मिलकर फंसे नागरिकों की मदद कर रही है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने नेपाल बाढ़ पर क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नेपाल में फंसे राज्य के नागरिकों और तीर्थयात्रियों की पहचान की जाए और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने के उपाय किए जाएँ। RTG विंग को लगातार निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है।
क्या दोनों राज्य सरकारें केंद्र के साथ मिलकर काम कर रही हैं?
हाँ, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों राज्य सरकारें केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर रही हैं। तेलंगाना भवन को विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से तालमेल का निर्देश दिया गया है, जबकि आंध्र प्रदेश भी केंद्र के साथ मिलकर प्रभावितों की जानकारी जुटा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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