स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन एनआईएचएफडब्ल्यू का 49वां वार्षिक दिवस समारोह: प्रतापराव जाधव की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण चर्चा

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स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन एनआईएचएफडब्ल्यू का 49वां वार्षिक दिवस समारोह: प्रतापराव जाधव की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण चर्चा

सारांश

नई दिल्ली में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत एनआईएचएफडब्ल्यू ने अपने 49वें वार्षिक दिवस समारोह का आयोजन किया। मंत्री प्रतापराव जाधव ने संस्थान की भूमिका और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में उठाए गए कदमों की चर्चा की।

मुख्य बातें

स्वास्थ्य संस्थानों का सुदृढ़ीकरण आवश्यक है।
डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना का विस्तार किया जा रहा है।
टीकाकरण प्रयासों का विस्तार हो रहा है।
संस्थान के वार्षिक प्रकाशनों का विमोचन किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने शैक्षणिक वातावरण को प्रदर्शित किया।

नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्था राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (एनआईएचएफडब्ल्यू) ने सोमवार को नई दिल्ली के मुनिरका में स्थित एनआईएचएफडब्ल्यू सभागार में अपना 49वां वार्षिक दिवस समारोह आयोजित किया।

इस समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री तथा आयुष मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार) के राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने की। इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डॉ. सुनीता शर्मा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में संस्थान के योगदान को उजागर किया गया, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को सुदृढ़ करने, क्षमता निर्माण और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में अनुसंधान में महत्वपूर्ण है।

संबोधन में, प्रतापराव जाधव ने सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत बनाने के महत्व पर जोर दिया और कुशल स्वास्थ्य पेशेवरों के निर्माण तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में एनआईएचएफडब्ल्यू की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हम आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना का विस्तार कर रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के माध्यम से मजबूत किया जा रहा है। साथ ही, हम टीकाकरण प्रयासों का विस्तार कर रहे हैं, नए टीकों का आरंभ कर रहे हैं और रोग निगरानी प्रणालियों को और प्रभावी बना रहे हैं।

डॉ. सुनीता शर्मा ने भी सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान, प्रशिक्षण और भारत सरकार को नीतिगत सहयोग प्रदान करने में संस्थान के निरंतर योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने भारत के स्वास्थ्य कार्यबल की क्षमता को मजबूत करने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

एनआईएचएफडब्ल्यू के निदेशक डॉ. सुनील विलासराव गित्ते ने अपने वार्षिक प्रतिवेदन में पिछले वर्ष के दौरान संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों को साझा किया, जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण में प्रगति, अनुसंधान पहलें और देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए किए गए विभिन्न सहयोगात्मक प्रयास शामिल हैं।

इस कार्यक्रम के दौरान संस्थान के वार्षिक प्रकाशन 'धारणा', एचपीपीआई जर्नल और 'प्रॉस्पेक्ट्स ऑफ प्लेसमेंट सेल' का गणमान्य अतिथियों द्वारा औपचारिक विमोचन किया गया। इसके साथ ही, उत्कृष्ट कर्मचारियों, विद्यार्थियों और खेल में उपलब्धि प्राप्त करने वालों को पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

समारोह में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने संस्थान के जीवंत शैक्षणिक वातावरण को प्रदर्शित किया।

वार्षिक दिवस समारोह ने सार्वजनिक स्वास्थ्य शिक्षा, अनुसंधान और नीतिगत सहयोग को आगे बढ़ाने में एनआईएचएफडब्ल्यू की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया, जिसका उद्देश्य देश भर में स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति और जनस्वास्थ्य में सुधार करना है। संस्थान के डीन प्रो. वी. के. तिवारी ने सभी विशिष्ट अतिथियों और उपस्थित जनों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है। यह कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य समर्पण को प्रदर्शित करता है बल्कि भविष्य की योजनाओं की दिशा भी तय करता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईएचएफडब्ल्यू क्या है?
एनआईएचएफडब्ल्यू, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को सुधारने में कार्यरत है।
49वें वार्षिक दिवस समारोह में किन-किन विषयों पर चर्चा हुई?
समारोह में सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और अनुसंधान में संस्थान के योगदान पर चर्चा की गई।
इस समारोह में कौन-कौन उपस्थित थे?
समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने की, साथ ही स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. सुनीता शर्मा भी उपस्थित रहीं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?
कार्यक्रम का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य शिक्षा, अनुसंधान और नीतिगत सहयोग को आगे बढ़ाना था।
एनआईएचएफडब्ल्यू के निदेशक ने क्या कहा?
एनआईएचएफडब्ल्यू के निदेशक डॉ. सुनील विलासराव गित्ते ने पिछले वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों को साझा किया।
राष्ट्र प्रेस
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