निक्की भाटी मौत मामला: पंचायत की मध्यस्थता से समझौता, बहन कंचन लौटेगी ससुराल
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के बहुचर्चित निक्की भाटी मौत मामले में 27 मई 2026 को एक अहम घटनाक्रम सामने आया — पंचायत की मध्यस्थता के बाद दोनों परिवारों के बीच समझौता हो गया है। मृतका की बहन कंचन भाटी, जिनका विवाह निक्की के देवर रोहित से हुआ है, अब ग्रेटर नोएडा स्थित अपने ससुराल वापस लौटेंगी। यह समझौता लगभग नौ महीने से चले आ रहे पारिवारिक विवाद के बाद संभव हुआ है।
मुख्य घटनाक्रम
निक्की भाटी की मौत 21 अगस्त 2025 को ग्रेटर नोएडा के सिरसा गाँव में हुई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि उन्हें जिंदा जलाया गया। घटना के बाद निक्की के पति विपिन भाटी को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा सास, ससुर और जेठ को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। परिजनों ने घरेलू हिंसा और दहेज माँग के गंभीर आरोप भी लगाए थे।
घटना के बाद से दोनों परिवारों के बीच गहरा तनाव बना हुआ था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जाँच शुरू की थी और एनकाउंटर के बाद विपिन भाटी की गिरफ्तारी हुई थी।
पंचायत की भूमिका
समझौता पंचायत के कई दौर की बातचीत के बाद संभव हुआ। बैठक में दोनों परिवारों के बुजुर्गों और समाज के सम्मानित लोगों की उपस्थिति रही। पंचायत ने बच्चों के भविष्य और परिवार के व्यापक हितों को केंद्र में रखते हुए दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाई।
समझौते की शर्तें
सूत्रों के अनुसार, समझौते के तहत कंचन भाटी उसी ससुराल लौटेंगी जहाँ उनकी बहन निक्की की मौत हुई थी। परिवार के सदस्यों ने बताया कि संपत्ति बच्चों के नाम की जाएगी, ताकि उनके अधिकार सुरक्षित रहें। यह निर्णय बच्चों के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया बताया गया है।
कानूनी प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसार, समझौते के बाद निक्की के परिवार द्वारा मामले में केस वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी और अदालत में हलफनामा दाखिल किया जाएगा। हालाँकि, चूँकि यह एक आपराधिक मामला है, अदालत की स्वीकृति आवश्यक होगी।
आगे की राह
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दहेज और घरेलू हिंसा के मामलों में पंचायती हस्तक्षेप की भूमिका पर समाज में बहस जारी है। महिला अधिकार संगठनों की नज़र इस प्रकरण पर बनी रहेगी, क्योंकि आपराधिक मामलों में पारिवारिक समझौते की कानूनी सीमाएँ स्पष्ट हैं। अदालत का अगला कदम इस मामले की दिशा तय करेगा।