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निक्की भाटी मौत मामला: पंचायत की मध्यस्थता से समझौता, बहन कंचन लौटेगी ससुराल

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निक्की भाटी मौत मामला: पंचायत की मध्यस्थता से समझौता, बहन कंचन लौटेगी ससुराल

सारांश

नौ महीने के कानूनी और पारिवारिक विवाद के बाद निक्की भाटी मौत मामले में पंचायत की मध्यस्थता से समझौता हुआ। मृतका की बहन कंचन भाटी उसी ससुराल लौटेंगी जहाँ निक्की की मौत हुई थी — संपत्ति बच्चों के नाम होगी और परिवार केस वापसी की प्रक्रिया शुरू करेगा।

मुख्य बातें

निक्की भाटी की मौत 21 अगस्त 2025 को ग्रेटर नोएडा के सिरसा गाँव में हुई थी; पति विपिन भाटी समेत सास, ससुर और जेठ गिरफ्तार हुए थे।
पंचायत की मध्यस्थता के बाद नौ महीने बाद दोनों परिवारों में समझौता हुआ।
मृतका की बहन कंचन भाटी — जिनका विवाह निक्की के देवर रोहित से हुआ है — अब ससुराल लौटेंगी।
समझौते के तहत संपत्ति बच्चों के नाम की जाएगी।
निक्की के परिवार द्वारा अदालत में हलफनामा दाखिल कर केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

ग्रेटर नोएडा के बहुचर्चित निक्की भाटी मौत मामले में 27 मई 2026 को एक अहम घटनाक्रम सामने आया — पंचायत की मध्यस्थता के बाद दोनों परिवारों के बीच समझौता हो गया है। मृतका की बहन कंचन भाटी, जिनका विवाह निक्की के देवर रोहित से हुआ है, अब ग्रेटर नोएडा स्थित अपने ससुराल वापस लौटेंगी। यह समझौता लगभग नौ महीने से चले आ रहे पारिवारिक विवाद के बाद संभव हुआ है।

मुख्य घटनाक्रम

निक्की भाटी की मौत 21 अगस्त 2025 को ग्रेटर नोएडा के सिरसा गाँव में हुई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि उन्हें जिंदा जलाया गया। घटना के बाद निक्की के पति विपिन भाटी को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा सास, ससुर और जेठ को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। परिजनों ने घरेलू हिंसा और दहेज माँग के गंभीर आरोप भी लगाए थे।

घटना के बाद से दोनों परिवारों के बीच गहरा तनाव बना हुआ था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जाँच शुरू की थी और एनकाउंटर के बाद विपिन भाटी की गिरफ्तारी हुई थी।

पंचायत की भूमिका

समझौता पंचायत के कई दौर की बातचीत के बाद संभव हुआ। बैठक में दोनों परिवारों के बुजुर्गों और समाज के सम्मानित लोगों की उपस्थिति रही। पंचायत ने बच्चों के भविष्य और परिवार के व्यापक हितों को केंद्र में रखते हुए दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाई।

समझौते की शर्तें

सूत्रों के अनुसार, समझौते के तहत कंचन भाटी उसी ससुराल लौटेंगी जहाँ उनकी बहन निक्की की मौत हुई थी। परिवार के सदस्यों ने बताया कि संपत्ति बच्चों के नाम की जाएगी, ताकि उनके अधिकार सुरक्षित रहें। यह निर्णय बच्चों के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया बताया गया है।

कानूनी प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार, समझौते के बाद निक्की के परिवार द्वारा मामले में केस वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी और अदालत में हलफनामा दाखिल किया जाएगा। हालाँकि, चूँकि यह एक आपराधिक मामला है, अदालत की स्वीकृति आवश्यक होगी।

आगे की राह

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दहेज और घरेलू हिंसा के मामलों में पंचायती हस्तक्षेप की भूमिका पर समाज में बहस जारी है। महिला अधिकार संगठनों की नज़र इस प्रकरण पर बनी रहेगी, क्योंकि आपराधिक मामलों में पारिवारिक समझौते की कानूनी सीमाएँ स्पष्ट हैं। अदालत का अगला कदम इस मामले की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और पीड़ित पक्ष की बहन का उसी घर में वापस जाना महिला सुरक्षा के नज़रिए से गंभीर सवाल खड़े करता है। पंचायत की भूमिका को 'मध्यस्थता' के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, लेकिन यह देखना ज़रूरी है कि क्या इस सहमति में दबाव की कोई परत है — बच्चों के हित की आड़ में महिला की स्वायत्तता से समझौता तो नहीं हुआ।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निक्की भाटी मौत मामला क्या है?
निक्की भाटी की मौत 21 अगस्त 2025 को ग्रेटर नोएडा के सिरसा गाँव में हुई थी। परिजनों के अनुसार उन्हें जिंदा जलाया गया और घरेलू हिंसा व दहेज माँग के आरोप लगाए गए थे। पति विपिन भाटी समेत सास, ससुर और जेठ को गिरफ्तार किया गया था।
पंचायत समझौते की मुख्य शर्तें क्या हैं?
समझौते के तहत निक्की की बहन कंचन भाटी अपने ससुराल (जो निक्की का भी ससुराल था) लौटेंगी। संपत्ति बच्चों के नाम की जाएगी और निक्की के परिवार द्वारा अदालत में हलफनामा दाखिल कर केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कंचन भाटी कौन हैं और उनका इस मामले से क्या संबंध है?
कंचन भाटी, निक्की भाटी की बहन हैं। उनका विवाह निक्की के देवर रोहित से हुआ है, यानी दोनों बहनें एक ही परिवार में ब्याही थीं। निक्की की मौत के बाद से कंचन अपने मायके में थीं।
क्या आपराधिक मामले में पंचायत समझौते से केस वापस हो सकता है?
दहेज हत्या जैसे संज्ञेय अपराधों में केस वापसी के लिए अदालत की अनुमति आवश्यक होती है। परिवार द्वारा हलफनामा दाखिल करना एक कदम है, लेकिन अंतिम निर्णय अदालत का होगा। पंचायती समझौता स्वतः कानूनी कार्यवाही समाप्त नहीं करता।
यह समझौता कब और कहाँ हुआ?
यह समझौता 27 मई 2026 को पंचायत की कई दौर की बातचीत के बाद हुआ। बैठक में दोनों परिवारों के बुजुर्गों और समाज के सम्मानित लोगों की उपस्थिति रही। यह घटनाक्रम ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से जुड़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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