राहुल गांधी पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का प्रहार: 'युवराज नहीं, मोदी ही करेंगे राज'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 4 नवंबर 2026 को गोरखपुर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि देश के लोकतंत्र में इतनी ताकत है कि राहुल गांधी जैसे 'तथाकथित युवराज' आते-जाते रहेंगे, लेकिन इस देश की मिट्टी पर शासन नरेंद्र मोदी ही करेंगे। नवीन गोरखपुर में BJP द्वारा आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा' को संबोधित कर रहे थे।
पदयात्रा में क्या हुआ
इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मंच पर उपस्थित रहे। नवीन और मुख्यमंत्री ने हज़ारों समर्थकों के साथ करीब डेढ़ किलोमीटर तक पदयात्रा की। पदयात्रा मार्ग पर बनाए गए 18 स्वागत स्थलों पर कार्यकर्ताओं ने नेताओं का जोरदार स्वागत किया।
मोदी पर जताया भरोसा
नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की 140 करोड़ जनता का भरोसा हासिल है, जो उन्होंने अपने कार्यों और पुरुषार्थ से अर्जित किया है। उनके अनुसार, देश के लोग मोदी को अपना 'प्रधान सेवक और चौकीदार' मानते हैं और उन्हें विश्वास है कि उनके घर, परिवार और देश की रक्षा केवल नरेंद्र मोदी ही कर सकते हैं।
कांग्रेस और इंदिरा गांधी का ऐतिहासिक संदर्भ
नवीन ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि इसी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को अवैध घोषित किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत ने चुनाव में निर्वाचन आयोग और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का उल्लेख किया था, और कांग्रेस ने संविधान संशोधन के ज़रिए उस फैसले को पलटने का काम किया।
राहुल गांधी पर सीधा प्रहार
BJP अध्यक्ष ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने जनता को भ्रमित करने के बहुत प्रयास किए, लेकिन यह 'नया और नई सोच का भारत' है जो प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में चल रही BJP की पदयात्राओं से विपक्षी दलों के नेताओं के 'हाथ-पैर फूल रहे हैं।'
आगे क्या
गौरतलब है कि यह पदयात्रा देशव्यापी BJP अभियान का हिस्सा बताई जा रही है, जो कथित तौर पर विपक्ष की राजनीति के विरुद्ध जन-समर्थन जुटाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राजनीतिक दलों के बीच वाक्-युद्ध तेज़ हो रहा है और आगामी चुनावी रणनीतियाँ आकार ले रही हैं।