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धनतेरस पर आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव की अपील: स्वास्थ्य को बनाएं असली निवेश

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धनतेरस पर आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव की अपील: स्वास्थ्य को बनाएं असली निवेश

सारांश

धनतेरस पर आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव का संदेश सोने-चांदी से आगे जाता है — उन्होंने भारतवासियों से आग्रह किया कि इस पर्व पर स्वास्थ्य को सबसे बड़ा निवेश मानें। धन्वंतरि जयंती के संदर्भ में आयुर्वेद के 'स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्' सिद्धांत को आज की जीवनशैली चुनौतियों से जोड़कर उन्होंने निवारक देखभाल की अनिवार्यता पर बल दिया।

मुख्य बातें

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने 4 नवंबर 2026 को धनतेरस पर नागरिकों से निवारक स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने की अपील की।
मंत्री ने कहा कि परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा को वही अहमियत देनी चाहिए जो वे आर्थिक समृद्धि को देते हैं।
आयुर्वेद के सिद्धांत 'स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्' को गैर-संचारी रोगों और बढ़ते तनाव के संदर्भ में प्रासंगिक बताया।
संतुलित आहार, नियमित योगाभ्यास, पर्याप्त नींद और जंक फूड से परहेज़ को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहल को सामुदायिक स्तर पर आयुष स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में सहायक बताया।

केंद्रीय आयुष एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने 4 नवंबर 2026 को धनतेरस के अवसर पर देशवासियों से आग्रह किया कि वे इस पर्व पर भौतिक संपत्तियों के साथ-साथ निवारक स्वास्थ्य देखभाल को भी प्राथमिकता दें। आयुष मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री ने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य ही वास्तविक समृद्धि और खुशहाली की नींव है।

धनतेरस और स्वास्थ्य निवेश का संदेश

मंत्री जाधव ने कहा कि धनतेरस का पर्व परंपरागत रूप से सोना, चांदी और अन्य संपत्तियों की खरीद से जुड़ा है, परंतु यह पर्व परिवारों के लिए बेहतर जीवनशैली अपनाने और भविष्य के स्वास्थ्य में निवेश करने का सुनहरा अवसर भी है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि परिवारों को अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा को उतनी ही अहमियत देनी चाहिए, जितनी वे आर्थिक भविष्य को देते हैं।

मंत्री ने यह भी कहा कि अक्सर बीमारी की स्थिति आने के बाद ही स्वास्थ्य देखभाल पर ध्यान जाता है, जबकि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर बीमारियों की रोकथाम पर समान बल दिया जाना चाहिए।

धन्वंतरि जयंती और आयुर्वेद की प्रासंगिकता

गौरतलब है कि धनतेरस को भगवान धन्वंतरि की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे और उन्हें देवताओं का दिव्य वैद्य माना जाता है। उनका सीधा संबंध भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद से है।

इसी संदर्भ में मंत्री जाधव ने आयुर्वेद के मूल सिद्धांत 'स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्' — यानी स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा — का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सिद्धांत आज के दौर में गैर-संचारी रोगों, निष्क्रिय जीवनशैली और बढ़ते तनाव जैसी चुनौतियों के बीच अत्यंत प्रासंगिक हो गया है।

स्वस्थ जीवन के लिए व्यावहारिक सुझाव

मंत्री ने परिवारों को संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन को अपनी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाने की सलाह दी। उन्होंने घर का बना पौष्टिक भोजन अपनाने और जंक फूड के अत्यधिक सेवन से बचने पर विशेष जोर दिया।

इसके साथ ही जाधव ने परिवार के बुजुर्ग सदस्यों की उचित देखभाल और उन पर ध्यान देने की भी अपील की। नियमित योगाभ्यास और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को भी निवारक स्वास्थ्य देखभाल के लिए अनिवार्य बताया गया।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर: सामुदायिक स्वास्थ्य की पहल

मंत्री जाधव ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसी सरकारी पहलों का विशेष उल्लेख किया, जो सामुदायिक स्तर पर आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में सहायक हैं। यह पहल ऐसे समय में और भी महत्त्वपूर्ण हो जाती है जब शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।

इस धनतेरस पर मंत्री का यह संदेश स्पष्ट है — असली धन वह है जो आपके शरीर और मन को स्वस्थ रखे, और उसमें निवेश की शुरुआत आज से ही होनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह अपील तब और विश्वसनीय बनेगी जब सरकारी आयुष सेवाओं की ज़मीनी उपलब्धता भी उतनी ही मज़बूत हो। गौरतलब है कि भारत में गैर-संचारी रोगों का बोझ लगातार बढ़ रहा है और स्वास्थ्य पर सार्वजनिक खर्च अभी भी GDP के 2.5% से नीचे है। मंत्री का 'स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्' का उल्लेख सांस्कृतिक दृष्टि से प्रासंगिक है, परंतु असली परीक्षा यह है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसी पहलें दूरदराज़ के इलाकों में कितनी प्रभावी हैं — यही अपील को नीति से जोड़ता है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनतेरस पर आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने क्या अपील की?
आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने 4 नवंबर 2026 को धनतेरस के अवसर पर नागरिकों से निवारक स्वास्थ्य देखभाल को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य ही समृद्धि और खुशहाली का आधार है।
धनतेरस और धन्वंतरि जयंती का क्या संबंध है?
धनतेरस को भगवान धन्वंतरि की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे और उन्हें देवताओं का दिव्य वैद्य तथा आयुर्वेद का प्रतीक माना जाता है।
आयुर्वेद का 'स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्' सिद्धांत क्या है?
यह आयुर्वेद का मूल सिद्धांत है जिसका अर्थ है — स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना। मंत्री जाधव ने इसे गैर-संचारी रोगों, निष्क्रिय जीवनशैली और बढ़ते तनाव की चुनौतियों के संदर्भ में अत्यंत प्रासंगिक बताया।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्या है और यह कैसे मदद करता है?
आयुष्मान आरोग्य मंदिर सरकार की एक पहल है जो सामुदायिक स्तर पर आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में सहायक है। मंत्री जाधव ने इसे निवारक स्वास्थ्य देखभाल को आम नागरिकों तक पहुंचाने के महत्त्वपूर्ण माध्यम के रूप में रेखांकित किया।
स्वस्थ जीवनशैली के लिए मंत्री ने कौन-कौन से सुझाव दिए?
मंत्री प्रतापराव जाधव ने संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन, नियमित योगाभ्यास और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य बताया। साथ ही जंक फूड से परहेज़ और घर का बना पौष्टिक भोजन अपनाने की सलाह दी।
राष्ट्र प्रेस
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