विपक्षी नेताओं का बयान- नीतीश कुमार की जगह कोई नहीं ले सकता
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार का इस्तीफा बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।
- सम्राट चौधरी एनडीए के नए नेता बने हैं।
- विपक्षी नेता नीतीश कुमार की जगह कोई और नहीं ले सकता, यह उनका मानना है।
- भाजपा की भूमिका को लेकर विपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
- बिहार की जनता को अपने जनादेश के प्रति धोखा महसूस हो रहा है।
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार का इस्तीफा देना एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है। दूसरी ओर, एनडीए विधायक दल ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुना है और वे बुधवार को बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे।
एनडीए के नेताओं का कहना है कि सम्राट चौधरी नीतीश कुमार के विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगे, जबकि विपक्षी दलों के नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार की स्थानापर्ण कोई नहीं कर सकता।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि नीतीश कुमार की जगह कोई नहीं ले सकता, उनकी विशिष्ट छवि थी और उन्होंने बिहार में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने कभी किसी वर्ग को पीछे नहीं छोड़ा, सभी वर्गों के लिए विकास की दिशा में काम किया। इंडिया गठबंधन के समय हम सभी को उम्मीद थी कि वे हमारे साथ मिलकर देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। भाजपा ने उन्हें राज्यसभा के सदस्य के रूप में रिटायर करवा दिया। भाजपा ने नीतीश कुमार के सपनों को तोड़ दिया। उनका कहना है कि भाजपा देश के लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रही है।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि सम्राट चौधरी का पार्टी बदलने का इतिहास उनके राजनीतिक सफर की उलझन को दर्शाता है। उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत लालू यादव की पार्टी से हुई थी। उनके पिता कांग्रेस में थे, इसलिए उनकी राजनीतिक जड़ें कांग्रेस में हैं। समय के साथ वे विभिन्न पार्टियों में गए और अंततः भाजपा में शामिल हो गए। यह कहना मुश्किल है कि भविष्य में वे कहाँ जा सकते हैं।
एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा कि नीतीश कुमार ने लंबे समय तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उनके साथ एक राजनीतिक खेल खेला गया। भाजपा ने उन्हें इस्तीफा दिलवाया और अपनी सरकार बना ली। यह एक भाजपा की साजिश प्रतीत होती है।
उन्होंने चिंता व्यक्त की है कि जब उनके बेटे का नाम डिप्टी सीएम के लिए नहीं आ रहा, तो नीतीश कुमार ने इस्तीफा क्यों दिया। बिहार की जनता ने जो जनादेश नीतीश कुमार के नाम पर एनडीए को दिया था, वह अब धोखे में है।