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विदेशी ताकतें भारत की तरक्की नहीं रोक सकतीं: तिरंगा रैली में बोले सीएम फडणवीस

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विदेशी ताकतें भारत की तरक्की नहीं रोक सकतीं: तिरंगा रैली में बोले सीएम फडणवीस

सारांश

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मुंबई में BJP की तिरंगा रैली में सीएम फडणवीस का दो-टूक संदेश — विदेशी हस्तक्षेप की कोशिशें बेकार हैं, भारत की युवा शक्ति और मोदी नेतृत्व में देश 2047 तक 'विकसित भारत' बनकर रहेगा।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 10 अगस्त 2026 को मुंबई में BJP की तिरंगा रैली को संबोधित किया।
फडणवीस ने कहा — PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
विदेशी शक्तियों को चेतावनी — भारत के आंतरिक मामलों में दखल देकर इसकी तरक्की नहीं रोकी जा सकती।
9 अगस्त 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' का हवाला देते हुए 'करो या मरो' की भावना से विकसित भारत बनाने का आह्वान।
नागरिकों से अपील — जाति-धर्म से ऊपर उठकर 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य के लिए एकजुट रहें।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 10 अगस्त 2026 को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तिरंगा रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी विदेशी ताकत भारत को वैश्विक महाशक्ति बनने की राह से नहीं रोक सकती। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस रैली में फडणवीस ने जोशीला भाषण दिया और देशभक्ति गीत भी गाया।

भारत की वैश्विक उपलब्धियाँ

फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि देश सूचना प्रौद्योगिकी (IT), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उभरती तकनीकों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सबसे आगे है। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अंतरिक्ष यान उतारने की ऐतिहासिक उपलब्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत की वैज्ञानिक क्षमता का प्रमाण है।

विदेशी हस्तक्षेप पर चेतावनी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विदेशी शक्तियाँ भारत की तीव्र प्रगति से भयभीत हैं और उसकी गति को धीमा करने के लिए आंतरिक मामलों में दखलंदाज़ी की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने ऐसी ताकतों को स्पष्ट चेतावनी दी कि न तो वे देश के युवाओं को रोक सकती हैं और न ही भारत के महाशक्ति बनने के मार्ग में बाधा बन सकती हैं।

9 अगस्त का ऐतिहासिक संदर्भ

9 अगस्त 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' का उल्लेख करते हुए फडणवीस ने कहा कि जहाँ उस दौर का नारा ब्रिटिश शासन के विरुद्ध था, वहीं आज का आह्वान एक विकसित भारत के लिए 'करो या मरो' की भावना से प्रेरित है। उन्होंने इसे भारत-विरोधी ताकतों के लिए एक स्पष्ट संदेश बताया।

एकता और विकसित भारत का आह्वान

फडणवीस ने जाति, पंथ और धर्म से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अगले दो दशकों तक मिलकर काम करें ताकि 2047 तक पीएम मोदी के 'विकसित भारत' के विजन को साकार किया जा सके। रैली में उपस्थित भीड़ को देखते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें दो सागर दिखाई दे रहे हैं — एक हिंद महासागर और दूसरा नागरिकों द्वारा बनाया गया तिरंगे का विशाल सागर।

युवा शक्ति पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के पास आज दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि जब तक सूरज और चाँद रहेंगे, तब तक राष्ट्रीय ध्वज शान से लहराता रहेगा। आने वाले स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए उन्होंने नागरिकों से एकजुट संकल्प के साथ देश की तरक्की के लिए समर्पित रहने का आग्रह किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे ज़मीन पर उतारने के लिए IT और AI क्षेत्र में रोज़गार सृजन के ठोस आँकड़े और युवाओं के लिए कौशल विकास की स्पष्ट रूपरेखा अभी भी अपेक्षित है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवेंद्र फडणवीस ने तिरंगा रैली में क्या कहा?
सीएम फडणवीस ने कहा कि कोई भी विदेशी ताकत भारत को वैश्विक महाशक्ति बनने से नहीं रोक सकती। उन्होंने भारत की IT, AI और अंतरिक्ष उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए नागरिकों से 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य के लिए एकजुट रहने की अपील की।
तिरंगा रैली का आयोजन कहाँ और कब हुआ?
यह रैली 10 अगस्त 2026 को मुंबई में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा आयोजित की गई। रैली में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
फडणवीस ने किन विदेशी ताकतों की बात की?
मुख्यमंत्री ने किसी देश का नाम लिए बिना कहा कि कुछ विदेशी शक्तियाँ भारत की तीव्र प्रगति से भयभीत हैं और उसके आंतरिक मामलों में दखलंदाज़ी की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी।
'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य क्या है?
यह PM नरेंद्र मोदी का विज़न है जिसके तहत भारत को 2047 तक — यानी स्वतंत्रता की शताब्दी तक — एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। फडणवीस ने नागरिकों से अगले दो दशकों तक जाति-धर्म से ऊपर उठकर इस लक्ष्य के लिए काम करने की अपील की।
फडणवीस ने 9 अगस्त 1942 का संदर्भ क्यों दिया?
उन्होंने 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 84वीं वर्षगाँठ के संदर्भ में कहा कि जैसे उस दौर में 'करो या मरो' का नारा ब्रिटिश शासन के खिलाफ था, वैसे ही आज यह भावना विकसित भारत के निर्माण और भारत-विरोधी ताकतों को स्पष्ट संदेश देने के लिए प्रासंगिक है।
राष्ट्र प्रेस
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