नोएडा में फर्जी ऑनलाइन पेमेंट से इलेक्ट्रॉनिक सामान ठगने वाला समीर अंसारी गिरफ्तार, 16 AC बरामद

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नोएडा में फर्जी ऑनलाइन पेमेंट से इलेक्ट्रॉनिक सामान ठगने वाला समीर अंसारी गिरफ्तार, 16 AC बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने एक 21 वर्षीय आरोपी को पकड़ा जो फर्जी ऑनलाइन पेमेंट स्क्रीनशॉट दिखाकर एनसीआर के दुकानदारों से महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हड़प लेता था। बरामदगी में 16 एसी, फ्रिज और LED टीवी शामिल — डिजिटल पेमेंट फ्रॉड का बड़ा मामला।

मुख्य बातें

समीर अंसारी (उम्र करीब 21 वर्ष , निवासी शास्त्री पार्क, नई दिल्ली) को 15 मई 2026 को नोएडा के बीओपीएल कट के पास गिरफ्तार किया गया।
आरोपी फर्जी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदारों को गुमराह करता और पोर्टर के जरिए सामान उठवाकर फरार हो जाता था।
बरामद सामान में 13 एसी इंडोर यूनिट , 13 एसी आउटडोर यूनिट , 3 विंडो एसी , 1 फ्रिज, 1 कूलर, 1 LED टीवी और ₹2,440 नकद शामिल।
आरोपी एनसीआर के कई इलाकों में इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदारों को निशाना बनाता था।
पुलिस अब आरोपी के आपराधिक इतिहास और अन्य साथियों की जांच कर रही है।

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के फेस-2 थाने ने 15 मई 2026 को एनसीआर में इलेक्ट्रॉनिक दुकानदारों को फर्जी ऑनलाइन पेमेंट दिखाकर ठगने वाले शातिर आरोपी समीर अंसारी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से 16 एयर कंडीशनर, एक फ्रिज, एक कूलर, एक एलईडी टीवी और ₹2,440 नकद बरामद किए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, समीर अंसारी — पुत्र मेहराज अंसारी, मूल निवासी शास्त्री पार्क, नई दिल्ली — की उम्र करीब 21 वर्ष है। गिरफ्तारी के समय वह कासिम विहार, ग्राम सबापुर, थाना ट्रोनिका सिटी, जिला गाजियाबाद में रह रहा था। लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे बीओपीएल कट के पास बंद पड़ी एक कंपनी से दबोचा।

बरामद सामान में 13 एसी इंडोर यूनिट, 13 एसी आउटडोर यूनिट, तीन विंडो एसी, एक फ्रिज, एक कूलर और एक एलईडी टीवी शामिल हैं। आरोपी के खिलाफ थाना फेस-2 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

ठगी का तरीका

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले दुकानदारों से विश्वास कायम करता था। इसके बाद वह मोबाइल फोन के जरिए फर्जी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट या नकली पेमेंट की सूचना दिखाकर उन्हें गुमराह कर देता था।

जैसे ही दुकानदार भुगतान की पुष्टि किए बिना सामान सौंप देते, आरोपी पोर्टर की सेवा के माध्यम से एसी, फ्रिज, कूलर और अन्य महंगे उपकरण उठवाकर मौके से फरार हो जाता था। यह तरीका डिजिटल लेनदेन में दुकानदारों की सीमित तकनीकी समझ का फायदा उठाने पर आधारित था।

एनसीआर में फैला था जाल

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में घूम-घूमकर इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाले दुकानदारों को निशाना बनाता था। यह ऐसे समय में आया है जब डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के मामले देशभर में तेज़ी से बढ़ रहे हैं और छोटे दुकानदार सबसे अधिक असुरक्षित हैं।

गौरतलब है कि फर्जी UPI या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट के जरिए ठगी की यह शैली एनसीआर में पहले भी सामने आ चुकी है, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान की बरामदगी इस मामले को असामान्य बनाती है।

जांच की दिशा

पुलिस अब आरोपी के आपराधिक इतिहास और उसके संभावित साथियों की तलाश कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी ने एनसीआर के किन-किन इलाकों में इसी प्रकार की वारदातों को अंजाम दिया है। जांच के दायरे में अन्य राज्यों में भी इसी तरह के मामलों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।

आम दुकानदारों पर असर

यह मामला छोटे इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारियों के लिए एक चेतावनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि दुकानदारों को किसी भी ऑनलाइन भुगतान की पुष्टि अपने बैंक खाते या UPI ऐप में सीधे करने के बाद ही सामान सौंपना चाहिए — स्क्रीनशॉट को प्रमाण मानना सुरक्षित नहीं है। पुलिस ने भी व्यापारियों से सतर्क रहने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे मामले बढ़ते रहेंगे।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में फर्जी पेमेंट से ठगी का यह मामला क्या है?
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 21 वर्षीय समीर अंसारी को गिरफ्तार किया, जो एनसीआर के इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदारों को फर्जी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट दिखाकर महंगे उपकरण ठग लेता था। उसके कब्जे से 16 एयर कंडीशनर सहित कई इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद हुए हैं।
आरोपी ठगी कैसे करता था?
आरोपी पहले दुकानदारों से विश्वास बनाता, फिर मोबाइल पर फर्जी UPI या ऑनलाइन पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर भुगतान का भ्रम पैदा करता था। दुकानदार के सामान सौंपते ही वह पोर्टर के जरिए माल उठवाकर फरार हो जाता था।
पुलिस ने आरोपी से क्या-क्या बरामद किया?
फेस-2 थाने की पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 13 एसी इंडोर यूनिट, 13 एसी आउटडोर यूनिट, तीन विंडो एसी, एक फ्रिज, एक कूलर, एक LED टीवी और ₹2,440 नकद बरामद किए। कुल मिलाकर 16 एयर कंडीशनर ज़ब्त हुए हैं।
दुकानदार इस तरह की ठगी से कैसे बच सकते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, दुकानदारों को किसी भी ऑनलाइन भुगतान की पुष्टि अपने बैंक खाते या UPI ऐप में सीधे करनी चाहिए — केवल स्क्रीनशॉट को प्रमाण न मानें। भुगतान की पुष्टि होने के बाद ही सामान सौंपें।
क्या आरोपी के अन्य साथी भी हैं?
पुलिस अभी आरोपी के आपराधिक इतिहास और संभावित साथियों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने एनसीआर के किन-किन इलाकों में इसी तरह की वारदातें की हैं।
राष्ट्र प्रेस
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