नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में बड़ा बदलाव: नीतू समरा बनीं अंतरिम सीईओ, BCAS नियमों का पालन
सारांश
Key Takeaways
- नीतू समरा को 24 अप्रैल 2025 से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का अंतरिम सीईओ नियुक्त किया गया।
- यह नियुक्ति BCAS के उस नियम के अनुपालन में हुई जिसके तहत एयरपोर्ट सीईओ का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।
- नीतू समरा अक्टूबर 2021 से एयरपोर्ट में सीएफओ के रूप में कार्यरत थीं।
- पूर्व सीईओ क्रिस्टोफ स्कैनेलमैन को एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन बनाया गया है।
- चेयरमैन डेनियल बिर्चर के अनुसार मार्च 2026 में प्रधानमंत्री एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे।
- यह बदलाव पारदर्शी गवर्नेंस और नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
ग्रेटर नोएडा, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में शीर्ष नेतृत्व स्तर पर एक महत्वपूर्ण फेरबदल हुआ है — नीतू समरा को 24 अप्रैल 2025 से तत्काल प्रभाव से अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) के उस अनिवार्य निर्देश के अनुपालन में की गई है जिसके तहत भारत में किसी भी एयरपोर्ट का सीईओ भारतीय नागरिक होना जरूरी है। यह बदलाव तब तक प्रभावी रहेगा जब तक निदेशक मंडल नियमित सीईओ के चयन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेता।
नीतू समरा: अनुभव और पृष्ठभूमि
नीतू समरा इससे पहले अक्टूबर 2021 से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) के पद पर कार्यरत थीं। करीब साढ़े तीन वर्षों के अपने कार्यकाल में उन्होंने एयरपोर्ट के विकास के सबसे अहम चरणों में वित्तीय प्रबंधन, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और रणनीतिक योजना में केंद्रीय भूमिका निभाई है।
परियोजना की गहरी समझ और दीर्घकालिक जुड़ाव को देखते हुए उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति एयरपोर्ट के संचालन में नियामकीय अनुपालन और नेतृत्व निरंतरता दोनों सुनिश्चित करती है।
क्रिस्टोफ स्कैनेलमैन को नई भूमिका
अब तक सीईओ के रूप में कार्यरत क्रिस्टोफ स्कैनेलमैन को अब एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन (कार्यकारी उपाध्यक्ष) के पद पर नियुक्त किया गया है। इस नई भूमिका में वे एयरपोर्ट परियोजना और उसके परिचालन में सतत सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करते रहेंगे।
यह पुनर्गठन संकेत देता है कि प्रबंधन विदेशी अनुभव को बरकरार रखते हुए भारतीय नियामकीय ढांचे के साथ तालमेल बिठाने की रणनीति पर चल रहा है — एक ऐसा संतुलन जो बड़े अंतरराष्ट्रीय अवसंरचना परियोजनाओं में अक्सर जरूरी होता है।
BCAS नियम और नियामकीय अनुपालन
ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) के नियमों के अनुसार भारत में संचालित किसी भी नागरिक हवाई अड्डे का मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिवार्य रूप से भारतीय नागरिक होना चाहिए। यह प्रावधान राष्ट्रीय सुरक्षा और एविएशन इन्फ्रास्ट्रक्चर की संप्रभुता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
गौरतलब है कि यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) एक बहुराष्ट्रीय कंसोर्शियम द्वारा संचालित परियोजना है, इसलिए बीसीएएस के इस नियम का अनुपालन सुनिश्चित करना कानूनी और परिचालन दोनों दृष्टियों से अनिवार्य था।
चेयरमैन का बयान और भविष्य की योजना
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन डेनियल बिर्चर ने इस बदलाव पर कहा कि मार्च 2026 में प्रधानमंत्री द्वारा एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद प्राथमिकता जल्द से जल्द व्यावसायिक संचालन शुरू करने की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रबंधन पुनर्गठन बीसीएएस के दिशा-निर्देशों के पूरी तरह अनुरूप है।
बिर्चर ने आगे कहा कि नया प्रबंधन ढांचा एयरपोर्ट के सुचारू संचालन, पारदर्शी गवर्नेंस और मजबूत कॉर्पोरेट संस्कृति को बढ़ावा देगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब एयरपोर्ट के उद्घाटन की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
आम जनता और क्षेत्र पर असर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश का एक अत्याधुनिक एविएशन हब बनाने की दिशा में तेज गति से काम चल रहा है। यह परियोजना दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट रोजगार सृजन, लॉजिस्टिक्स विकास और औद्योगिक निवेश के लिहाज से पूरे यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है। मार्च 2026 के उद्घाटन की दिशा में अब नेतृत्व परिवर्तन के बाद प्रबंधन टीम पूरी तरह तैयार नजर आ रही है।