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क्या नोएडा में 17 साल पुराने मामले में न्यायालय ने सजा सुनाई?

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क्या नोएडा में 17 साल पुराने मामले में न्यायालय ने सजा सुनाई?

सारांश

नोएडा में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत 17 साल पुराने वन्य जीव संरक्षण मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दो-दो साल की कैद की सजा सुनाई। यह फैसला वन्य जीव संरक्षण के प्रति पुलिस की सख्ती को दर्शाता है।

मुख्य बातें

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 17 साल पुराने मामले में सजा सुनाई।
वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई।
'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत प्रभावी पैरवी।
अर्थदंड न चुकाने पर अतिरिक्त कारावास।
जुनून से भरी पुलिस कार्रवाई।

नोएडा, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के नेतृत्व में थाना बिसरख पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन इकाई की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप 17 वर्ष पुराने एक मामले में न्यायालय ने कठोर निर्णय सुनाया है।

थाना बिसरख क्षेत्र में 2008 में दर्ज एक वन्य जीव संरक्षण अधिनियम से संबंधित मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था। इस मामले में तीन व्यक्तियों, धनपत पुत्र पीतमनाथ, वीरपाल पुत्र मुन्शीनाथ और कन्हैयानाथ पुत्र नानकनाथ, सभी निवासी ग्राम इटैड़ा थाना बिसरख, पर आरोप था कि उन्होंने अवैध रूप से सांपों को बंधक बना रखा था। यह कृत्य वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का गंभीर उल्लंघन है, जिसके तहत वन्य प्राणियों को बंधक बनाना या उनका अवैध शोषण पूरी तरह प्रतिबंधित है।

पुलिस की सतर्कता और अभियोजन की प्रभावी दलीलों के बाद न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया। न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए धनपत, वीरपाल और कन्हैयानाथ को दो-दो वर्ष के कारावास की सजा के साथ दस-दस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। इसके अतिरिक्त यदि अर्थदंड की राशि जमा नहीं की जाती है तो प्रत्येक आरोपी को 15-15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने कहा है कि इस फैसले से स्पष्ट संदेश जाता है कि वन्य जीवों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध रूप से वन्य जीवों को बंधक बनाने, उनका शिकार करने या उनके व्यापार से जुड़े लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान का मकसद केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अदालतों में प्रभावी पैरवी कर उन्हें सजा दिलाना भी है, ताकि समाज में अपराध के प्रति भय और कानून के प्रति सम्मान की भावना बनी रहे।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा विभिन्न अपराधों से जुड़े कई पुराने मामलों में दोषसिद्धि कराकर अपराधियों को सजा दिलाई गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह संकेत भी है कि वन्य जीवों के संरक्षण में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देश में कानून का राज कायम रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस मामले में आरोप क्या था?
आरोप था कि तीन व्यक्तियों ने अवैध रूप से सांपों को बंधक बना रखा था, जो वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन है।
न्यायालय ने क्या सजा सुनाई?
न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दो-दो वर्ष की कैद और दस-दस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
ऑपरेशन कन्विक्शन का उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ अदालतों में प्रभावी पैरवी कर उन्हें सजा दिलाना है।
राष्ट्र प्रेस
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