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नोएडा: यमुना मार्जिनल बंध की 11.2 किमी चार लेन सड़क मरम्मत को ₹34.18 करोड़ मंजूर, मई से शुरू होगा काम

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नोएडा: यमुना मार्जिनल बंध की 11.2 किमी चार लेन सड़क मरम्मत को ₹34.18 करोड़ मंजूर, मई से शुरू होगा काम

सारांश

12 साल पुरानी और बुरी तरह जर्जर हो चुकी यमुना मार्जिनल बंध की चार लेन सड़क को अब नया जीवन मिलने वाला है। नोएडा प्राधिकरण ने ₹34.18 करोड़ की मंजूरी दी है और मई 2026 से काम शुरू होगा — जिससे बाढ़ सुरक्षा बंध के किनारे बसे गाँवों और सेक्टरों के हजारों निवासियों को राहत मिलेगी।

मुख्य बातें

नोएडा प्राधिकरण ने यमुना मार्जिनल बंध पर बनी 11.200 किमी चार लेन सड़क की मरम्मत के लिए ₹34.18 करोड़ स्वीकृत किए।
यह सड़क वर्ष 2014 में बनाई गई थी और करीब 12 वर्षों के उपयोग के बाद जर्जर हो चुकी है।
मरम्मत कार्य में क्रैश बैरियर, आरसीसी ड्रेन, गेबियन ग्राउटिंग और बिटुमिनस कंक्रीट की नई परत शामिल है।
कार्य मई 2026 से शुरू होगा और सिंचाई विभाग द्वारा एमओयू के माध्यम से कराया जाएगा।
असगरपुर, रायपुर, नगला नगली, नगला बाजिदपुर सहित नोएडा के कई सेक्टरों के निवासियों को लाभ मिलेगा।

नोएडा प्राधिकरण ने यमुना मार्जिनल बंध पर बनी 11.200 किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क के व्यापक सुधार और मरम्मत के लिए ₹34.18 करोड़ (3418.13 लाख रुपये) की धनराशि स्वीकृत कर दी है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्य मई 2026 से शुरू होने की संभावना है और इसे सिंचाई विभाग द्वारा एमओयू के माध्यम से कराया जाएगा।

सड़क की मौजूदा स्थिति और समस्याएँ

यह चार लेन सड़क वर्ष 2014 में सिंचाई विभाग द्वारा नोएडा प्राधिकरण के वित्त पोषण से बनाई गई थी। करीब 12 वर्ष बीत जाने के बाद भारी यातायात दबाव और अत्यधिक वर्षा के कारण मुख्य मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इसके अलावा सिटी साइड लेन में गेबियन बॉक्स से लीकेज और ड्रेनेज पाइपों के चोक होने के कारण भी सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है।

गौरतलब है कि यह बंध ओखला बैराज के डाउनस्ट्रीम में यमुना नदी के बाएं किनारे पर स्थित है और ग्राम असगरपुर, रायपुर, नगला नगली, नगला बाजिदपुर तथा नोएडा के विभिन्न रिहायशी सेक्टरों को यमुना की बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करता है। सड़क की बदहाली के चलते स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है।

मरम्मत कार्य में क्या-क्या शामिल

स्वीकृत परियोजना के तहत सड़क के विभिन्न हिस्सों का व्यापक सुधार किया जाएगा। इसमें क्रैश बैरियर की मरम्मत, आरसीसी ड्रेन सिस्टम का पुनर्निर्माण, गेबियन ग्राउटिंग, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना, तथा जीएसबी और डीबीएम लेयर की मरम्मत शामिल है।

साथ ही पूरी सड़क की लंबाई में बीसी (बिटुमिनस कंक्रीट) की नई परत बिछाई जाएगी। रोड मार्किंग और पेंटिंग का कार्य भी इस परियोजना का हिस्सा होगा, जिससे सड़क सुरक्षा में भी सुधार आएगा।

आम जनता पर असर

अधिकारियों के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद बंध से लगे गाँवों और नोएडा के सेक्टरों के निवासियों को एक बेहतर और सुगम वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। इससे यात्रा का समय कम होगा और ईंधन की भी बचत होगी। यह ऐसे समय में आया है जब नोएडा में बढ़ते यातायात दबाव के बीच वैकल्पिक मार्गों की माँग लगातार बढ़ रही है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि लंबे समय से खराब पड़ी इस सड़क के सुधरने से उनकी दैनिक आवाजाही में काफी राहत मिलेगी और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी।

क्या होगा आगे

यह कार्य सिंचाई विभाग और नोएडा प्राधिकरण के बीच एमओयू के माध्यम से कराया जाएगा। मई 2026 से काम शुरू होने की संभावना के साथ, यह परियोजना नोएडा के बुनियादी ढाँचे को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 2014 में बनी सड़क महज 12 वर्षों में इतनी जर्जर कैसे हो गई — और क्या इस बार निर्माण गुणवत्ता की निगरानी के लिए कोई स्वतंत्र तंत्र होगा। नोएडा जैसे नियोजित शहर में बुनियादी ढाँचे का इतनी जल्दी क्षरण, सिंचाई विभाग और प्राधिकरण दोनों के रखरखाव प्रोटोकॉल पर सवाल उठाता है। एमओयू-आधारित क्रियान्वयन मॉडल में जवाबदेही की स्पष्ट रेखाएँ न हों तो यह परियोजना भी कुछ वर्षों में उसी हालत में पहुँच सकती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमुना मार्जिनल बंध सड़क मरम्मत परियोजना क्या है?
यह नोएडा प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत ₹34.18 करोड़ की परियोजना है, जिसके तहत यमुना मार्जिनल बंध पर बनी 11.200 किमी लंबी चार लेन सड़क की व्यापक मरम्मत और सुधार किया जाएगा। यह सड़क 2014 में बनी थी और 12 वर्षों के उपयोग के बाद जर्जर हो चुकी है।
यमुना मार्जिनल बंध सड़क मरम्मत का काम कब शुरू होगा?
अधिकारियों के अनुसार यह कार्य मई 2026 से शुरू होने की संभावना है। काम सिंचाई विभाग द्वारा नोएडा प्राधिकरण के साथ एमओयू के माध्यम से कराया जाएगा।
इस सड़क मरम्मत से किन क्षेत्रों को फायदा होगा?
ग्राम असगरपुर, रायपुर, नगला नगली, नगला बाजिदपुर और नोएडा के विभिन्न रिहायशी सेक्टरों के निवासियों को बेहतर और सुगम वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। इससे यात्रा समय और ईंधन खर्च दोनों में बचत होगी।
मरम्मत कार्य में क्या-क्या किया जाएगा?
मरम्मत में क्रैश बैरियर की मरम्मत, आरसीसी ड्रेन सिस्टम का पुनर्निर्माण, गेबियन ग्राउटिंग, जल निकासी सुधार, जीएसबी और डीबीएम लेयर की मरम्मत तथा पूरी सड़क पर बिटुमिनस कंक्रीट की नई परत बिछाना शामिल है। रोड मार्किंग और पेंटिंग का कार्य भी होगा।
यमुना मार्जिनल बंध का क्या महत्व है?
यह बंध ओखला बैराज के डाउनस्ट्रीम में यमुना नदी के बाएं किनारे पर स्थित है और नोएडा के कई गाँवों व रिहायशी सेक्टरों को यमुना की बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करता है। इसी बंध पर बनी सड़क स्थानीय निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग भी है।
राष्ट्र प्रेस
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