क्या पूर्वोत्तर राज्यों में वर्ल्ड-क्लास टूरिज्म सर्किट्स और ट्रांसपोर्ट अपग्रेड करने पर सरकार का फोकस है?

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क्या पूर्वोत्तर राज्यों में वर्ल्ड-क्लास टूरिज्म सर्किट्स और ट्रांसपोर्ट अपग्रेड करने पर सरकार का फोकस है?

सारांश

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटन, कृषि और परिवहन के विकास पर जोर दिया। हाई-लेवल टास्क फोर्स की बैठक में क्षेत्रीय विकास और सहयोग को प्राथमिकता दी गई। क्या ये प्रयास पूर्वोत्तर में संभावनाओं को बढ़ावा देंगे?

मुख्य बातें

पर्यटन के विकास के लिए विश्व स्तरीय सर्किट का निर्माण हो रहा है।
कृषि और बागवानी में नई पहल की जा रही हैं।
सड़क , रेल , और हवाई संपर्क में सुधार पर जोर दिया गया है।
इंटीग्रेटेड कोल्ड चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा।
जैविक उत्पादों की ब्रांडिंग पर चर्चा की गई है।

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय संचार और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तीन हाई-लेवल टास्क फोर्स (एचएलटीएफ) बैठकों में भाग लिया और पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटन, कृषि और परिवहन क्षेत्र के समग्र विकास पर जोर दिया। यह जानकारी सरकार की ओर से मंगलवार को साझा की गई।

एचएलटीएफ की बैठक सोमवार को हुई, जिसमें मिजोरम, मेघालय और सिक्किम के मुख्यमंत्री भी शामिल थे।

सरकारी बयान में कहा गया है कि ये टास्क फोर्स अंतर-राज्य सहयोग को बढ़ावा दे रहे हैं, नीतिगत समन्वय को सक्षम बना रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि विकास के प्रयास क्षेत्रीय रूप से एकीकृत हों।

मिजोरम के मुख्यमंत्री पु लालदुहोमा की अध्यक्षता में एचएलटीएफ ने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में सड़क, रेल, हवाई संपर्क, अंतर्देशीय जलमार्ग, ऊर्जा, डिजिटल संपर्क, व्यापार गलियारे और सीमावर्ती व्यापार इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए लघु, मध्यम और दीर्घकालिक हस्तक्षेपों की समीक्षा की।

मेघालय, असम और मणिपुर से सुझाव मांगे गए और सिंधिया ने मिजोरम सरकार से फीडबैक को शामिल करते हुए एक अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की अध्यक्षता में पर्यटन पर एचएलटीएफ में सदस्यों ने विश्व स्तरीय पर्यटन सर्किट विकसित करने और एक आधारभूत कार्य योजना अपनाने हेतु प्रारंभिक सिफारिशों पर चर्चा की।

सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग की अध्यक्षता में कृषि और बागवानी पर उच्च स्तरीय बैठक (एचएलटीएफ) ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में कृषि और बागवानी क्षेत्रों में चल रही पहलों की प्रगति की समीक्षा की।

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने कहा कि राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों, एपीडा अधिकारियों और नाबार्ड पदाधिकारियों सहित उपस्थित लोगों ने प्रमुख कृषि-बागवानी उत्पादों के मूल्यवर्धन, प्रसंस्करण और बाजार संपर्क बढ़ाने की रणनीतियों पर चर्चा की।

सरकारी बयान में कहा गया है कि टास्क फोर्स ने एकीकृत कोल्ड चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, जैविक खेती को बढ़ावा देने, क्लस्टरों में खेती करने और एकीकृत 'जैविक' लेबल के साथ क्षेत्र-विशिष्ट उत्पादों की ब्रांडिंग पर चर्चा की।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह क्षेत्रीय सहयोग को भी प्रोत्साहित करती हैं। यह सरकार की एक सकारात्मक पहल है, जो विकास के प्रयासों को एकीकृत करने का प्रयास कर रही है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्वोत्तर राज्यों का विकास कैसे हो रहा है?
सरकार ने उच्च स्तरीय टास्क फोर्स के माध्यम से पर्यटन, कृषि और परिवहन क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया है।
क्या टास्क फोर्स बैठकें प्रभावी हैं?
हाँ, ये बैठकें विकास के लिए नीतिगत समन्वय को सक्षम बना रही हैं और अंतर-राज्य सहयोग को बढ़ावा दे रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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