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ओडिशा CM माझी ने छुट्टी के दिन की शासन समीक्षा, ईंधन बचत के लिए 8 सूत्रीय निर्देश जारी

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ओडिशा CM माझी ने छुट्टी के दिन की शासन समीक्षा, ईंधन बचत के लिए 8 सूत्रीय निर्देश जारी

सारांश

छुट्टी के दिन दफ्तर पहुँचना महज़ प्रतीकात्मक नहीं था — माझी ने कानून व्यवस्था की समीक्षा के साथ-साथ ईंधन खपत में 10% कटौती का लक्ष्य तय करते हुए 8 सूत्रीय निर्देश जारी किए। यह कदम पश्चिम एशिया संकट की पृष्ठभूमि और PM मोदी से हुई चर्चा के बाद आया है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 23 मई को चौथे शनिवार की छुट्टी के बावजूद खारवेल भवन में शासन समीक्षा बैठक की।
राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के निकट कल्याण योजनाओं, औद्योगीकरण और रोजगार रोडमैप की समीक्षा हुई।
21 मई को गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा और DGP वाईबी खुरानिया के साथ कानून व्यवस्था पर उच्च स्तरीय बैठक हो चुकी थी।
सरकारी विभागों के लिए 8 सूत्रीय ईंधन संरक्षण निर्देश जारी; ईंधन खपत में 10% कटौती का लक्ष्य।
निर्देशों में इलेक्ट्रिक वाहन , कारपूलिंग , वर्चुअल बैठकें और सरकारी कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा शामिल।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 23 मई 2026 को चौथे शनिवार की सार्वजनिक छुट्टी के बावजूद भुवनेश्वर स्थित खारवेल भवन कार्यालय में उपस्थित होकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शासन और कानून व्यवस्था पर व्यापक समीक्षा बैठक की। राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के निकट इस बैठक में सरकारी वादों के क्रियान्वयन से लेकर औद्योगीकरण और रोजगार तक के मुद्दों पर चर्चा हुई।

शासन समीक्षा के मुख्य बिंदु

मुख्यमंत्री माझी ने बैठक में कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, औद्योगीकरण की पहलों, रोजगार के अवसरों और विकास के भविष्य के रोडमैप की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रकाश मिश्रा भी उपस्थित रहे।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार अपने दो वर्ष के कार्यकाल का लेखा-जोखा तैयार कर रही है। गौरतलब है कि माझी पहले भी अवकाश के दिनों में कार्यालय पहुँचकर प्रशासनिक सक्रियता का संदेश देते रहे हैं।

कानून व्यवस्था पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य के समग्र विकास के लिए शांतिपूर्ण कानून व्यवस्था अनिवार्य शर्त है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को अधिक कुशलता, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

इससे पहले 21 मई को माझी ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा और पुलिस महानिदेशक वाईबी खुरानिया के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की थी, जिसमें कानून व्यवस्था सुधार के लिए पहले दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की जाँच की गई थी।

ईंधन संरक्षण के लिए 8 सूत्रीय निर्देश

पश्चिम एशिया में उथल-पुथल और बढ़ती ईंधन खपत की चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री माझी ने राज्य के सभी सरकारी विभागों और कार्यालयों के लिए 8 सूत्रीय निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में शामिल हैं:

वर्चुअल बैठकों को प्राथमिकता देना; सरकारी दफ्तरों में इलेक्ट्रिक वाहनों की अनिवार्यता; वरिष्ठ अधिकारियों के लिए कारपूलिंग; वाहन उपयोग की नई गाइडलाइन; आधिकारिक दौरों में सार्वजनिक परिवहन को वरीयता; निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग की योजना; सरकारी कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा; और समग्र ईंधन खपत में 10 प्रतिशत कटौती का लक्ष्य।

प्रधानमंत्री से चर्चा के बाद उठाया कदम

मुख्यमंत्री माझी इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ईंधन संरक्षण के विषय पर चर्चा कर चुके हैं। उसके बाद उन्होंने अपने आधिकारिक काफिले में वाहनों की संख्या कम की और आम नागरिकों से भी ईंधन बचत की अपील की थी। नया 8 सूत्रीय निर्देश उसी नीतिगत दिशा का विस्तार है।

आगे क्या

राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आने वाले हफ्तों में प्रमुख योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की संभावना है। ईंधन संरक्षण निर्देशों के अनुपालन की निगरानी के लिए विभागीय तंत्र तैयार करने के संकेत भी मिले हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी अनुपालन की निगरानी होगी। ओडिशा में सरकारी वाहन बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी अभी बेहद सीमित है, इसलिए 'अनिवार्यता' का निर्देश तब तक कागज़ी रहेगा जब तक खरीद योजना और बजट आवंटन स्पष्ट न हो। 10% ईंधन कटौती का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, पर इसके मापन का कोई स्वतंत्र तंत्र अभी सामने नहीं आया है। दो वर्ष के करीब पहुँचती सरकार के लिए यह समीक्षा-श्रृंखला जवाबदेही की छवि बनाने का प्रयास है — जिसे ठोस परिणामों से पुष्ट करना होगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा CM माझी ने छुट्टी के दिन क्यों कार्यालय बुलाई बैठक?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के निकट शासन और कानून व्यवस्था की प्रगति की समीक्षा के लिए 23 मई को चौथे शनिवार की छुट्टी के बावजूद खारवेल भवन में बैठक बुलाई। इसमें कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन, औद्योगीकरण और रोजगार रोडमैप पर चर्चा हुई।
ओडिशा सरकार के 8 सूत्रीय ईंधन संरक्षण निर्देश क्या हैं?
मुख्यमंत्री माझी ने सभी सरकारी विभागों के लिए 8 निर्देश जारी किए हैं — वर्चुअल बैठकों को प्राथमिकता, सरकारी दफ्तरों में इलेक्ट्रिक वाहनों की अनिवार्यता, वरिष्ठ अधिकारियों के लिए कारपूलिंग, वाहन उपयोग की नई गाइडलाइन, आधिकारिक दौरों में सार्वजनिक परिवहन को वरीयता, निजी इलेक्ट्रिक वाहन उपयोग की योजना, सरकारी कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा और ईंधन खपत में 10% कटौती का लक्ष्य।
ओडिशा में कानून व्यवस्था समीक्षा बैठक में कौन शामिल थे?
21 मई की उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री माझी के साथ गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा और पुलिस महानिदेशक वाईबी खुरानिया उपस्थित थे। 23 मई की शासन समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रकाश मिश्रा भी मौजूद रहे।
ओडिशा में ईंधन संरक्षण की पहल PM मोदी से बातचीत से कैसे जुड़ी है?
मुख्यमंत्री माझी ने इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ईंधन संरक्षण पर चर्चा की थी, जिसके बाद उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम की और नागरिकों से ईंधन बचत की अपील की। 8 सूत्रीय निर्देश उसी नीतिगत दिशा का अगला चरण है।
ओडिशा सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर क्या अपेक्षित है?
आने वाले हफ्तों में प्रमुख योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की संभावना है। ईंधन संरक्षण निर्देशों के अनुपालन की निगरानी के लिए विभागीय तंत्र तैयार करने के भी संकेत मिले हैं।
राष्ट्र प्रेस
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