ओडिशा CM माझी ने छुट्टी के दिन की शासन समीक्षा, ईंधन बचत के लिए 8 सूत्रीय निर्देश जारी
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 23 मई 2026 को चौथे शनिवार की सार्वजनिक छुट्टी के बावजूद भुवनेश्वर स्थित खारवेल भवन कार्यालय में उपस्थित होकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शासन और कानून व्यवस्था पर व्यापक समीक्षा बैठक की। राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के निकट इस बैठक में सरकारी वादों के क्रियान्वयन से लेकर औद्योगीकरण और रोजगार तक के मुद्दों पर चर्चा हुई।
शासन समीक्षा के मुख्य बिंदु
मुख्यमंत्री माझी ने बैठक में कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, औद्योगीकरण की पहलों, रोजगार के अवसरों और विकास के भविष्य के रोडमैप की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रकाश मिश्रा भी उपस्थित रहे।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार अपने दो वर्ष के कार्यकाल का लेखा-जोखा तैयार कर रही है। गौरतलब है कि माझी पहले भी अवकाश के दिनों में कार्यालय पहुँचकर प्रशासनिक सक्रियता का संदेश देते रहे हैं।
कानून व्यवस्था पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य के समग्र विकास के लिए शांतिपूर्ण कानून व्यवस्था अनिवार्य शर्त है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को अधिक कुशलता, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
इससे पहले 21 मई को माझी ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा और पुलिस महानिदेशक वाईबी खुरानिया के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की थी, जिसमें कानून व्यवस्था सुधार के लिए पहले दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की जाँच की गई थी।
ईंधन संरक्षण के लिए 8 सूत्रीय निर्देश
पश्चिम एशिया में उथल-पुथल और बढ़ती ईंधन खपत की चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री माझी ने राज्य के सभी सरकारी विभागों और कार्यालयों के लिए 8 सूत्रीय निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में शामिल हैं:
वर्चुअल बैठकों को प्राथमिकता देना; सरकारी दफ्तरों में इलेक्ट्रिक वाहनों की अनिवार्यता; वरिष्ठ अधिकारियों के लिए कारपूलिंग; वाहन उपयोग की नई गाइडलाइन; आधिकारिक दौरों में सार्वजनिक परिवहन को वरीयता; निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग की योजना; सरकारी कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा; और समग्र ईंधन खपत में 10 प्रतिशत कटौती का लक्ष्य।
प्रधानमंत्री से चर्चा के बाद उठाया कदम
मुख्यमंत्री माझी इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ईंधन संरक्षण के विषय पर चर्चा कर चुके हैं। उसके बाद उन्होंने अपने आधिकारिक काफिले में वाहनों की संख्या कम की और आम नागरिकों से भी ईंधन बचत की अपील की थी। नया 8 सूत्रीय निर्देश उसी नीतिगत दिशा का विस्तार है।
आगे क्या
राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आने वाले हफ्तों में प्रमुख योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की संभावना है। ईंधन संरक्षण निर्देशों के अनुपालन की निगरानी के लिए विभागीय तंत्र तैयार करने के संकेत भी मिले हैं।