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ओडिशा सरकार और NLC इंडिया के बीच JVA: 1,000 MW ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स का लक्ष्य

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ओडिशा सरकार और NLC इंडिया के बीच JVA: 1,000 MW ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स का लक्ष्य

सारांश

ओडिशा ने NLC इंडिया के साथ JVA साइन कर 1,000 MW हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम उठाया। NIRL और OREDA की 51:49 साझेदारी में 250 MW पवन और 225 MW फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। यह राज्य के RPO लक्ष्यों और भारत के 2030 के 500 GW लक्ष्य की दिशा में एक संस्थागत छलांग है।

मुख्य बातें

ओडिशा सरकार और NLC इंडिया लिमिटेड ने 23 जून 2026 को भुवनेश्वर के खारवेला भवन में JVA पर हस्ताक्षर किए।
संयुक्त उद्यम कंपनी (JVC) का लक्ष्य ओडिशा में 1,000 मेगावाट ग्रीन एनर्जी विकसित करना है।
परियोजनाओं में 250 MW पवन ऊर्जा और 225 MW फ्लोटिंग सोलर शामिल हैं।
JVC में NIRL की 51% और OREDA की 49% इक्विटी हिस्सेदारी होगी।
उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता की।
यह साझेदारी ओडिशा के Renewable Purchase Obligation (RPO) लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक होगी।

ओडिशा सरकार ने 23 जून 2026 को राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा विकास को गति देने के लिए नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम NLC इंडिया लिमिटेड के साथ एक संयुक्त उद्यम समझौते (JVA) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता भुवनेश्वर स्थित खारवेला भवन में संपन्न हुआ, जो ओडिशा के स्वच्छ ऊर्जा एजेंडे को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

समझौते का स्वरूप और संरचना

यह JVA NLC इंडिया रिन्यूएबल्स लिमिटेड (NIRL) — जो NLC इंडिया लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है — और ऊर्जा विभाग के अंतर्गत आने वाली ओडिशा रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (OREDA) लिमिटेड के बीच हस्ताक्षरित हुआ। बनाई जाने वाली संयुक्त उद्यम कंपनी (JVC) में NIRL की 51 प्रतिशत और OREDA की 49 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी होगी। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में पाँच सदस्य होंगे — तीन NIRL द्वारा और दो OREDA द्वारा नामित।

1,000 MW ग्रीन एनर्जी का लक्ष्य

इस JVC का प्राथमिक उद्देश्य ओडिशा में 1,000 मेगावाट के हरित ऊर्जा प्रोजेक्ट्स विकसित करना है। इसमें 250 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएँ और 225 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, साथ ही अन्य नवीकरणीय ऊर्जा पहलें भी इस साझेदारी के दायरे में आएँगी। गौरतलब है कि फ्लोटिंग सोलर तकनीक जलाशयों की सतह पर सोलर पैनल स्थापित करती है, जिससे भूमि की बचत होती है और जल-वाष्पीकरण भी कम होता है।

सरकार की प्रतिक्रिया और दृष्टिकोण

हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने की। उन्होंने कहा कि NIRL और OREDA के बीच यह सहयोग ओडिशा के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक अहम मोड़ है। सिंह देव ने यह भी कहा, "यह उद्यम टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा और भारत में ग्रीन इनोवेशन के केंद्र के रूप में ओडिशा की स्थिति को मजबूत करेगा।"

उन्होंने आगे कहा कि राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तकनीकी और वित्तीय विशेषज्ञता के साथ जोड़कर यह उद्यम स्वच्छ ऊर्जा प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगा और ओडिशा को उसके Renewable Purchase Obligation (RPO) लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ाएगा।

संस्थागत क्षमता और व्यापक संदर्भ

अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल कुमार देव ने कहा कि यह पहल बड़े पैमाने पर नवीकरणीय परियोजनाओं को संभालने के लिए ओडिशा की संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार ने 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है, और राज्यों पर अपने RPO लक्ष्य पूरे करने का दबाव बढ़ रहा है।

आगे की राह

JVC के गठन के बाद परियोजना विकास, भूमि अधिग्रहण और ग्रिड कनेक्टिविटी की प्रक्रियाएँ शुरू होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, NIRL की तकनीकी दक्षता और OREDA की स्थानीय प्रशासनिक जानकारी का संयोजन परियोजनाओं के क्रियान्वयन को तेज कर सकता है। ओडिशा के ऊर्जा मिश्रण में नवीकरणीय स्रोतों की हिस्सेदारी बढ़ाने की यह यात्रा अब एक ठोस संस्थागत आधार पर खड़ी होती दिख रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर OREDA की सीमित वित्तीय क्षमता एक अव्यक्त जोखिम बनी रह सकती है। राज्य का RPO अनुपालन रिकॉर्ड और परियोजनाओं के लिए समयसीमा तय होने पर ही इस साझेदारी की वास्तविक सफलता आँकी जा सकेगी।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा और NLC इंडिया के बीच JVA क्या है?
यह 23 जून 2026 को भुवनेश्वर में हस्ताक्षरित एक संयुक्त उद्यम समझौता है, जिसके तहत NLC इंडिया रिन्यूएबल्स लिमिटेड (NIRL) और OREDA मिलकर ओडिशा में 1,000 मेगावाट हरित ऊर्जा परियोजनाएँ विकसित करेंगे। इसमें पवन, फ्लोटिंग सोलर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत शामिल हैं।
इस JVC में किसकी कितनी हिस्सेदारी होगी?
संयुक्त उद्यम कंपनी में NIRL की 51 प्रतिशत और OREDA की 49 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी होगी। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में पाँच सदस्य होंगे — तीन NIRL द्वारा और दो OREDA द्वारा नामित।
इस समझौते में कौन-से ऊर्जा प्रोजेक्ट्स शामिल हैं?
साझेदारी में 250 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएँ, 225 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट्स और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा पहलें शामिल हैं, जो मिलकर 1,000 MW के लक्ष्य की ओर काम करेंगी।
ओडिशा के लिए यह JVA क्यों महत्वपूर्ण है?
यह समझौता ओडिशा को उसके Renewable Purchase Obligation (RPO) लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगा और राज्य की संस्थागत क्षमता को बड़े पैमाने पर नवीकरणीय परियोजनाएँ संभालने के लिए सुदृढ़ करेगा। यह भारत के 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप भी है।
NLC इंडिया रिन्यूएबल्स लिमिटेड (NIRL) क्या है?
NIRL, नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम NLC इंडिया लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास में विशेषज्ञता रखती है। इस JVA के ज़रिए यह ओडिशा में हरित ऊर्जा विस्तार में अग्रणी भूमिका निभाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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