ओडिशा विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: मलकानगिरी के AEE शिशिर कुमार दास के 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा विजिलेंस ने 27 सितंबर 2026 (रविवार) को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मलकानगिरी जिले के माथिली ब्लॉक में तैनात सहायक कार्यकारी अभियंता (AEE) शिशिर कुमार दास के 6 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई भुवनेश्वर, ब्रह्मपुर और मलकानगिरी में एक साथ की जा रही है।
छापेमारी का आधार
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, यह तलाशी अभियान माननीय विशेष न्यायाधीश, विजिलेंस, ब्रह्मपुर द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर चलाया जा रहा है। शिशिर कुमार दास वर्तमान में DRDA, मलकानगिरी से संलग्न हैं और उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से काफी अधिक संपत्ति अर्जित की है।
टीम का नेतृत्व 1 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 5 उपाधीक्षक (DSP), 5 इंस्पेक्टर और अन्य सहायक कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है — जो इस कार्रवाई की गंभीरता को स्पष्ट करता है।
किन ठिकानों पर हो रही है तलाशी
विजिलेंस की टीम कुल 6 स्थानों पर एक साथ तलाशी ले रही है। इनमें भुवनेश्वर के बरामुंडा स्थित चार मंजिला इमारत, ब्रह्मपुर के नीलाचल नगर में दो मंजिला इमारत, गंजाम जिले के बासुदेवपुर गोबरा स्थित एक मकान, ब्रह्मपुर के गजपति नगर में पैतृक घर, मलकानगिरी में किराए का मकान और DRDA मलकानगिरी स्थित कार्यालय चैंबर शामिल हैं।
गौरतलब है कि एकाधिक शहरों में एक साथ फैले ठिकानों की संख्या और प्रकृति — विशेष रूप से भुवनेश्वर में चार मंजिला इमारत — जाँच अधिकारियों की नज़र में इस मामले को असाधारण बनाती है।
जाँच की स्थिति
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान मिले दस्तावेज़ों, बैंक खातों और अन्य संपत्तियों की गहन जाँच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी पूरी होने के बाद ही कुल संपत्ति का आकलन संभव होगा और इसके आधार पर आगे की रिपोर्ट जारी की जाएगी।
ओडिशा में भ्रष्टाचार-रोधी अभियान का व्यापक संदर्भ
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब ओडिशा में भ्रष्टाचार-रोधी एजेंसियाँ सक्रियता से काम कर रही हैं। इससे पहले 19 सितंबर को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े ₹48.48 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में हैदराबाद और ओडिशा के कई ठिकानों पर समन्वित छापेमारी की थी। वह कार्रवाई बेंगलुरु स्थित CBI बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच (BSFB) में दर्ज मामले के सिलसिले में की गई थी।
यह Nवीं ऐसी कार्रवाई है जो ओडिशा में सरकारी इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध की गई है, जहाँ आधारभूत संरचना परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप लंबे समय से एक संवेदनशील मुद्दा रहे हैं।
आगे की कार्यवाही
तलाशी पूरी होने के उपरांत विजिलेंस टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी। मामले की गंभीरता और बरामद साक्ष्यों के आधार पर शिशिर कुमार दास के विरुद्ध आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।