OECD ने भारत की GDP वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.1% किया, जून के 6.3% से 80 आधार अंक की छलांग
सारांश
मुख्य बातें
आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) ने 23 सितंबर 2026 को भारत के वित्त वर्ष 2026 27 (FY27) की GDP वृद्धि दर का अनुमान 7.1 प्रतिशत कर दिया — जो जून 2026 में जारी किए गए 6.3 प्रतिशत के पूर्वानुमान से 80 आधार अंक अधिक है। यह संशोधन मजबूत घरेलू माँग और उन सरकारी नीतियों के कारण संभव हुआ, जिन्होंने ऊर्जा की ऊँची कीमतों के बोझ से परिवारों और कंपनियों को राहत दी है।
संशोधित अनुमान की मुख्य बातें
OECD के ताज़ा आउटलुक में वित्त वर्ष 2027 28 (FY28) के लिए भी भारत की GDP वृद्धि दर को पहले के 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया गया है। हालाँकि, रिपोर्ट में सावधान करते हुए कहा गया कि "क्रय शक्ति में कमी से इस साल की दूसरी छमाही में भारत की वृद्धि प्रभावित होने की उम्मीद है, जिसके बाद 2027 में धीरे धीरे सुधार होगा।"
मुद्रास्फीति के मोर्चे पर रिपोर्ट का अनुमान है कि भारत में मूल (कोर) महंगाई 2026 में 4.7 प्रतिशत से घटकर 2027 में 4.2 प्रतिशत रह सकती है।
ब्याज दरों पर OECD का आकलन
OECD की रिपोर्ट के अनुसार, "उभरती बाज़ार अर्थव्यवस्थाओं में भारत द्वारा महंगाई के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए अस्थायी रूप से नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने का अनुमान है।" रिपोर्ट यह भी रेखांकित करती है कि भारत जैसी कुछ उभरती अर्थव्यवस्थाओं में सरकार द्वारा कीमतों को समर्थन देने वाले उपाय ऊर्जा मूल्य दबाव को कम कर रहे हैं और निकट भविष्य में यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
महासचिव की चेतावनी
OECD महासचिव माथियास कॉर्मन ने कहा, "वैश्विक वृद्धि उम्मीद से बेहतर बनी हुई है, लेकिन ऊर्जा संकट के झटके को झेलने में मदद करने वाले सुरक्षा उपाय अब कमज़ोर पड़ रहे हैं। वृद्धि पिछले साल की तुलना में कमज़ोर है और महंगाई फिर बढ़ रही है।"
कॉर्मन ने आगे जोड़ा, "सरकारों को सहायता वहाँ केंद्रित करनी चाहिए जहाँ इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है और सार्वजनिक खर्च को टिकाऊ स्तर पर लाना चाहिए। उन्हें मजबूत कौशल विकास, अधिक विविध ऊर्जा आपूर्ति और AI को तेज़ी से अपनाने के साथ दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि की नींव भी मजबूत करनी चाहिए।"
वैश्विक परिदृश्य और जोखिम
OECD के आउटलुक के अनुसार, वैश्विक GDP वृद्धि 2026 में 2.9 प्रतिशत और 2027 में 3.0 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अमेरिका की GDP वृद्धि 2026 में 2.2 प्रतिशत और 2027 में 2.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि यूरो क्षेत्र दोनों वर्षों में 1 प्रतिशत पर सीमित रह सकता है। चीन की वृद्धि 2026 में 4.5 प्रतिशत और 2027 में 4.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का भविष्य अत्यधिक अनिश्चित बना हुआ है और यह वैश्विक वृद्धि अनुमानों पर महत्वपूर्ण जोखिम उत्पन्न कर सकता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हुई हैं।
भारत के लिए आगे की राह
OECD का यह ऊर्ध्वमुखी संशोधन भारत को प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शीर्ष वृद्धि प्रदर्शक के रूप में स्थापित करता है। हालाँकि, विशेषज्ञों के अनुसार क्रय शक्ति पर दबाव और संभावित ब्याज दर वृद्धि निकट अवधि में उपभोग आधारित माँग को सीमित कर सकती है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की आगामी मौद्रिक नीति समिति की बैठक में यह आँकड़ा महत्वपूर्ण संदर्भ बिंदु होगा।