23 अक्टूबर 2026
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ओडिशा: जलेश्वर नाबालिग बलात्कार-हत्या मामले में कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग टीम बालेश्वर पहुंची

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ओडिशा: जलेश्वर नाबालिग बलात्कार-हत्या मामले में कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग टीम बालेश्वर पहुंची

सारांश

ओडिशा के जलेश्वर में एक नाबालिग छात्रा के साथ बलात्कार और हत्या का मामला सामने आया है। आरोपी ने अपराध कबूला, पुलिस लापरवाही के आरोप में SI निलंबित। कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग टीम घटनास्थल पहुंची, प्रशासन ने डीसीपी-स्तरीय जांच के आदेश दिए।

मुख्य बातें

ओपीसीसी की फैक्ट फाइंडिंग टीम 23 अक्टूबर 2026 को बालेश्वर जिले के जलेश्वर पहुंची।
10वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा 16 अक्टूबर को लापता हुई थी; आरोपी चंद्रकांत जेना उर्फ कान्हा ने बलात्कार और हत्या कबूल की।
पीड़िता का अर्धदग्ध शव गुरुवार, 22 अक्टूबर को घटनास्थल से बरामद हुआ।
कथित लापरवाही के लिए जलेश्वर थाने के SI करण मरांडी को निलंबित किया गया; IIC का तत्काल तबादला हुआ।
मामले की जांच अब डीसीपी रैंक के अधिकारी को सौंपी गई; फास्ट ट्रैक ट्रायल की प्राथमिकता घोषित।
परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की कथित लापरवाही के विरोध में प्रदर्शन किया।

ओडिशा के बालेश्वर जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार और हत्या के सनसनीखेज मामले में ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) की एक फैक्ट फाइंडिंग टीम शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को जलेश्वर पहुंची। ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास के निर्देश पर गठित इस टीम ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और घटनास्थल का जायजा लिया। पीड़िता का अर्धदग्ध शव गुरुवार, 22 अक्टूबर को बरामद हुआ था।

मुख्य घटनाक्रम

10वीं कक्षा की छात्रा 16 अक्टूबर 2026 को उसी इलाके के सुल्तानपुर गांव के निवासी आरोपी चंद्रकांत जेना उर्फ कान्हा के साथ गायब हुई थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कान्हा उसे पास के बाजार ले जाने का बहाना बनाकर अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गया। कई घंटों तक लड़की के न लौटने पर उसके परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और अपहरण का आरोप लगाया।

आरोप है कि जलेश्वर पुलिस थाने ने उस समय कान्हा से पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया था। बाद में कुछ ठोस सुराग मिलने पर पुलिस गुरुवार को आरोपी को दोबारा हिरासत में लेकर आई, जहाँ उसने पूछताछ के दौरान बलात्कार और हत्या दोनों की बात कबूल की।

पुलिस की प्रतिक्रिया और कार्रवाई

बालासोर के पुलिस अधीक्षक प्रत्युष दिवाकर ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया, "16 अक्टूबर को हमें एक नाबालिग लड़की के लापता होने की सूचना मिली थी। संदिग्ध को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। लगातार पूछताछ से पता चला कि आरोपी उसे अपने साथ ले गया और जबरदस्ती शारीरिक दुर्व्यवहार किया। जब लड़की ने विरोध किया तो आरोपी ने गुस्से में आकर उसका गला दबाकर हत्या कर दी।"

एसपी दिवाकर ने यह भी कहा कि मामले की जांच अब डीसीपी रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई है। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि इस अपराध में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। उन्होंने फास्ट ट्रैक ट्रायल के ज़रिए शीघ्र सजा सुनिश्चित करने की प्राथमिकता बताई।

कथित पुलिसिया लापरवाही के मद्देनज़र बालेश्वर के एसपी ने जलेश्वर थाने के सब-इंस्पेक्टर करण मरांडी को निलंबित कर दिया और उसी थाने के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (आईआईसी) का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया।

कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग टीम

ओपीसीसी के कार्यालय आदेश के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उप मुख्य सचेतक और बालासोर जिले के प्रभारी अशोक दास, पूर्व विधायक देबीप्रसन्ना चंद तथा पीसीसी महासचिव संजीव गिरी सहित अन्य नेता शामिल हैं। टीम ने पीड़िता के पैतृक गांव का दौरा कर परिवार से संवेदना व्यक्त की।

आम जनता और परिजनों का विरोध

शव बरामद होने के बाद पीड़िता के रिश्तेदारों और स्थानीय ग्रामीणों ने जलेश्वर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि 16 अक्टूबर को लापता होने की शिकायत के बावजूद पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जिससे यह दुखद परिणाम हुआ। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नाबालिगों के खिलाफ अपराधों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि एसपी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आश्वासन दिया है। डीसीपी-स्तरीय जांच और निलंबित-तबादले की कार्रवाई से संकेत मिलता है कि प्रशासन पर सार्वजनिक दबाव असरकारक रहा। मामले की निगरानी अब उच्च स्तर पर होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रणालीगत पुलिस विफलता का प्रतीक है — लापता बच्ची की शिकायत के बावजूद आरोपी को छोड़ देना उस लापरवाही को उजागर करता है जो अक्सर कमज़ोर और हाशिये के परिवारों की शिकायतों पर दिखाई देती है। SI का निलंबन और IIC का तबादला जवाबदेही की दिशा में कदम हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या ये कार्रवाइयाँ महज दबाव-प्रतिक्रिया हैं या संस्थागत सुधार की शुरुआत। फास्ट ट्रैक ट्रायल का आश्वासन सराहनीय है, परंतु बिना स्वतंत्र जांच और पारदर्शी समयसीमा के, यह भी पिछले वादों की तरह फाइलों में दब सकता है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जलेश्वर नाबालिग बलात्कार-हत्या मामला क्या है?
ओडिशा के बालेश्वर जिले के जलेश्वर थाना क्षेत्र में 10वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा 16 अक्टूबर 2026 को लापता हुई थी। आरोपी चंद्रकांत जेना उर्फ कान्हा ने पूछताछ में उससे बलात्कार करने और गला दबाकर हत्या करने की बात कबूल की। पीड़िता का अर्धदग्ध शव 22 अक्टूबर को बरामद हुआ।
पुलिस पर लापरवाही के क्या आरोप हैं?
परिजनों का आरोप है कि 16 अक्टूबर को लापता होने की शिकायत के बाद स्थानीय पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की, लेकिन उसे छोड़ दिया, जिससे समय पर कार्रवाई नहीं हो सकी। इस कथित लापरवाही के चलते जलेश्वर थाने के SI करण मरांडी को निलंबित और IIC का तत्काल तबादला किया गया।
कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग टीम क्यों भेजी गई?
ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास के निर्देश पर यह टीम पीड़िता के परिवार से मिलने, घटनास्थल का दौरा करने और पुलिस की कथित लापरवाही की सच्चाई जानने के लिए बालेश्वर भेजी गई। दल में विधायक, पूर्व विधायक और पीसीसी पदाधिकारी शामिल हैं।
मामले की जांच अब किसके हाथ में है?
बालासोर के एसपी प्रत्युष दिवाकर के अनुसार मामले की जांच डीसीपी रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई है। एसपी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने में तेजी लाने और शीघ्र सजा सुनिश्चित करने को प्राथमिकता बताया है।
आरोपी चंद्रकांत जेना के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
आरोपी चंद्रकांत जेना उर्फ कान्हा को पुलिस ने 22 अक्टूबर को दोबारा हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बलात्कार और हत्या दोनों स्वीकार किए। उसकी निशानदेही पर ही पीड़िता का शव घटनास्थल से बरामद किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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