23 अक्टूबर 2026
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ईडी की बड़ी कार्रवाई: ₹326 करोड़ के बैंक घोटाले में हैदराबाद के 7 ठिकानों पर छापे

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ईडी की बड़ी कार्रवाई: ₹326 करोड़ के बैंक घोटाले में हैदराबाद के 7 ठिकानों पर छापे

सारांश

ईडी ने एक ही दिन दो बड़े मोर्चों पर कार्रवाई की — हैदराबाद में ₹326.49 करोड़ के PNB घोटाले में 7 ठिकानों पर छापे, और दिल्ली-एनसीआर समेत तीन शहरों में NRI के नाम पर फर्जी हाउसिंग लोन के मामले में 13 ठिकानों पर तलाशी। फर्जी इनवॉइस और मध्यस्थ कंपनियों के जरिए धन डायवर्जन का आरोप।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 23 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद , सिकंदराबाद और मेडचल-मलकाजगिरी में 7 ठिकानों पर तलाशी ली।
मामला पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह की ₹326.49 करोड़ की क्रेडिट सुविधाओं के कथित दुरुपयोग से संबंधित है।
कनकधारा वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (केवीपीएल) पर फर्जी स्टील खरीद के बिल व ट्रांसपोर्ट दस्तावेजों से धन डायवर्जन का आरोप।
उसी दिन दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, बेंगलुरु और चंडीगढ़ में NRI हाउसिंग लोन धोखाधड़ी मामले में 13 ठिकानों पर छापे।
जाँच में अंतरिक्ष प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और सनशाइन इंफ्रावेल प्राइवेट लिमिटेड के नाम सामने आए।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 23 अक्टूबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत हैदराबाद, सिकंदराबाद और मेडचल-मलकाजगिरी (तेलंगाना) में स्थित 7 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई कनकधारा वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (केवीपीएल) और उसके निदेशकों से जुड़े कथित बैंक घोटाले की जाँच के सिलसिले में की गई, जिसमें ₹326.49 करोड़ की क्रेडिट सुविधाओं के दुरुपयोग का आरोप है।

मामले की पृष्ठभूमि

जाँच एजेंसी के अनुसार, यह मामला पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के नेतृत्व वाले बैंकों के एक समूह द्वारा केवीपीएल को दी गई ₹326.49 करोड़ की क्रेडिट सुविधाओं के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। ईडी की जाँच में सामने आया है कि कंपनी को दी गई बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधाओं का इस्तेमाल कथित तौर पर गलत तरीके से किया गया।

धोखाधड़ी का तरीका

जाँच में आरोप है कि केवीपीएल ने फर्जी स्टील खरीद के बिल (इनवॉइस) और ट्रांसपोर्ट दस्तावेजों का सहारा लेते हुए संबंधित व मध्यस्थ कंपनियों के जरिए धनराशि को दूसरी जगह डायवर्ट किया। इसके अतिरिक्त, ईडी की जाँच में यह भी सामने आया है कि कंपनी ने बैंकों के समूह की जानकारी के बिना और उनके साथ हुए समझौते की शर्तों से परे जाकर अलग बैंक खाते संचालित किए।

दिल्ली में एनआरआई हाउसिंग लोन धोखाधड़ी का मामला

इसी दिन दिल्ली से एक अलग मामला भी सामने आया, जहाँ ईडी ने एनआरआई हाउसिंग लोन धोखाधड़ी की जाँच में दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, बेंगलुरु और चंडीगढ़ समेत तीन क्षेत्रों में 13 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि यह मामला कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के नाम पर हाउसिंग लोन हासिल करने से जुड़ा है।

संदिग्ध कंपनियाँ

दिल्ली मामले की जाँच के दौरान एनआरआई से जुड़ी दो रियल एस्टेट कंपनियों के नाम उजागर हुए हैं — अंतरिक्ष प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और सनशाइन इंफ्रावेल प्राइवेट लिमिटेड। ईडी की टीमें इन ठिकानों पर दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड और अन्य संभावित साक्ष्यों की पड़ताल में जुटी हैं।

आगे की जाँच

ईडी दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई जारी रखेगी। गौरतलब है कि पीएमएलए के तहत जाँच एजेंसी न केवल संपत्तियों को कुर्क कर सकती है, बल्कि आरोपियों को गिरफ्तार करने का अधिकार भी रखती है। दोनों प्रकरणों में आगामी दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसी ईडी कार्रवाइयाँ परिणाम से ज़्यादा प्रतीकात्मक बनती रहेंगी।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद में ईडी की छापेमारी किस मामले में हुई?
यह छापेमारी कनकधारा वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (केवीपीएल) और उसके निदेशकों के खिलाफ पीएमएलए के तहत की गई। आरोप है कि कंपनी ने पंजाब नेशनल बैंक के नेतृत्व वाले बैंक समूह की ₹326.49 करोड़ की क्रेडिट सुविधाओं का दुरुपयोग किया।
केवीपीएल पर धन डायवर्जन का तरीका क्या था?
ईडी की जाँच के अनुसार, केवीपीएल ने फर्जी स्टील खरीद के इनवॉइस और ट्रांसपोर्ट दस्तावेजों की मदद से संबंधित व मध्यस्थ कंपनियों के जरिए धन को अन्यत्र डायवर्ट किया। इसके अलावा, बैंकों की जानकारी और समझौते की शर्तों के बाहर जाकर अलग खाते भी संचालित किए गए।
दिल्ली में ईडी ने किस मामले में छापे मारे?
दिल्ली में ईडी ने एनआरआई हाउसिंग लोन धोखाधड़ी मामले में दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, बेंगलुरु और चंडीगढ़ में 13 ठिकानों पर तलाशी ली। इस मामले में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए अनिवासी भारतीयों के नाम पर हाउसिंग लोन हासिल करने का आरोप है।
दिल्ली मामले में कौन-सी कंपनियाँ संदेह के घेरे में हैं?
जाँच में अंतरिक्ष प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और सनशाइन इंफ्रावेल प्राइवेट लिमिटेड के नाम सामने आए हैं। ईडी इन कंपनियों से जुड़े वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
ईडी इन मामलों में आगे क्या कार्रवाई कर सकती है?
पीएमएलए के तहत ईडी के पास कथित धोखाधड़ी से जुड़ी संपत्तियाँ कुर्क करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने का अधिकार है। दोनों मामलों में दस्तावेजों और साक्ष्यों की जाँच के बाद आगामी दिनों में गिरफ्तारी या कुर्की के आदेश आ सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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