ईडी की बड़ी कार्रवाई: ₹326 करोड़ के बैंक घोटाले में हैदराबाद के 7 ठिकानों पर छापे
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 23 अक्टूबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत हैदराबाद, सिकंदराबाद और मेडचल-मलकाजगिरी (तेलंगाना) में स्थित 7 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई कनकधारा वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (केवीपीएल) और उसके निदेशकों से जुड़े कथित बैंक घोटाले की जाँच के सिलसिले में की गई, जिसमें ₹326.49 करोड़ की क्रेडिट सुविधाओं के दुरुपयोग का आरोप है।
मामले की पृष्ठभूमि
जाँच एजेंसी के अनुसार, यह मामला पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के नेतृत्व वाले बैंकों के एक समूह द्वारा केवीपीएल को दी गई ₹326.49 करोड़ की क्रेडिट सुविधाओं के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। ईडी की जाँच में सामने आया है कि कंपनी को दी गई बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधाओं का इस्तेमाल कथित तौर पर गलत तरीके से किया गया।
धोखाधड़ी का तरीका
जाँच में आरोप है कि केवीपीएल ने फर्जी स्टील खरीद के बिल (इनवॉइस) और ट्रांसपोर्ट दस्तावेजों का सहारा लेते हुए संबंधित व मध्यस्थ कंपनियों के जरिए धनराशि को दूसरी जगह डायवर्ट किया। इसके अतिरिक्त, ईडी की जाँच में यह भी सामने आया है कि कंपनी ने बैंकों के समूह की जानकारी के बिना और उनके साथ हुए समझौते की शर्तों से परे जाकर अलग बैंक खाते संचालित किए।
दिल्ली में एनआरआई हाउसिंग लोन धोखाधड़ी का मामला
इसी दिन दिल्ली से एक अलग मामला भी सामने आया, जहाँ ईडी ने एनआरआई हाउसिंग लोन धोखाधड़ी की जाँच में दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, बेंगलुरु और चंडीगढ़ समेत तीन क्षेत्रों में 13 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि यह मामला कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के नाम पर हाउसिंग लोन हासिल करने से जुड़ा है।
संदिग्ध कंपनियाँ
दिल्ली मामले की जाँच के दौरान एनआरआई से जुड़ी दो रियल एस्टेट कंपनियों के नाम उजागर हुए हैं — अंतरिक्ष प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और सनशाइन इंफ्रावेल प्राइवेट लिमिटेड। ईडी की टीमें इन ठिकानों पर दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड और अन्य संभावित साक्ष्यों की पड़ताल में जुटी हैं।
आगे की जाँच
ईडी दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई जारी रखेगी। गौरतलब है कि पीएमएलए के तहत जाँच एजेंसी न केवल संपत्तियों को कुर्क कर सकती है, बल्कि आरोपियों को गिरफ्तार करने का अधिकार भी रखती है। दोनों प्रकरणों में आगामी दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।