23 अक्टूबर 2026
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₹645 करोड़ IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला: सावन ज्वैलर्स के साझेदार राजन सिंह कटोदिया गिरफ्तार, 4 दिन की ED हिरासत

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₹645 करोड़ IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला: सावन ज्वैलर्स के साझेदार राजन सिंह कटोदिया गिरफ्तार, 4 दिन की ED हिरासत

सारांश

चंडीगढ़ के ₹645 करोड़ IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले में ED ने एक और बड़ी गिरफ्तारी की है — सावन ज्वैलर्स के साझेदार राजन सिंह कटोदिया को हिरासत में लिया गया है। अब तक 5 गिरफ्तारियाँ, ₹225 करोड़ की संपत्ति जब्त और 14 आरोपियों पर चार्जशीट — यह जांच तेज़ी से विस्तार पा रही है।

मुख्य बातें

ED ने 23 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ के मेसर्स सावन ज्वैलर्स के साझेदार राजन सिंह कटोदिया को ₹645 करोड़ के IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले में गिरफ्तार किया।
PMLA विशेष न्यायालय ने एजेंसी को आगे की पूछताछ के लिए 4 दिन की हिरासत मंजूर की।
6 नवंबर 2024 से 18 फरवरी 2026 के बीच सावन ज्वैलर्स के खातों में फर्जी संस्थाओं से ₹332 करोड़ जमा हुए।
जांच में अब तक ₹225 करोड़ की संपत्तियाँ अटैच, जब्त या फ्रीज की गई हैं।
पंचकुला PMLA कोर्ट में 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल; इससे पहले 4 अन्य आरोपी भी गिरफ्तार।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चंडीगढ़ स्थित मेसर्स सावन ज्वैलर्स के सक्रिय प्रबंध साझेदार राजन सिंह कटोदिया को ₹645 करोड़ के IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले में गिरफ्तार किया है। इस मामले में हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों से सार्वजनिक धन के गबन का कथित तौर पर आरोप है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत विशेष न्यायालय ने एजेंसी को आगे की पूछताछ के लिए चार दिन की हिरासत मंजूर की है।

गिरफ्तारी का विवरण

ED के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-सेकेंड ने गुरुवार, 23 अक्टूबर 2026 को कटोदिया को गिरफ्तार किया। एजेंसी के अनुसार, कटोदिया सेक्टर 35-सी, चंडीगढ़ स्थित मेसर्स सावन ज्वैलर्स के एकमात्र परिचालन प्रभारी थे और फर्म की सभी व्यावसायिक गतिविधियों की निगरानी करते थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें PMLA विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से हिरासत आदेश जारी हुआ।

मुख्य घटनाक्रम और धन का प्रवाह

जांच में सामने आया कि 6 नवंबर 2024 से 18 फरवरी 2026 के बीच, सावन ज्वैलर्स से जुड़े बैंक खातों में मुख्य आरोपी रिभव ऋषि द्वारा कथित तौर पर नियंत्रित कई फर्जी और मध्यस्थ संस्थाओं से लगभग ₹332 करोड़ प्राप्त हुए।

इन संस्थाओं में कैपको फिनटेक सर्विसेज, स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स, आरएस ट्रेडर्स, चंडीगढ़ मेगा स्टोर, एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड, विस्टामेड सॉल्यूशंस, मां वैभव लक्ष्मी इंटीरियर और ऋषि की पत्नी दिव्या अरोरा शामिल थीं।

मनी लॉन्ड्रिंग का कथित तरीका

ED के अनुसार, कटोदिया ने सावन ज्वैलर्स के माध्यम से धोखाधड़ी से अर्जित अपराध की धनराशि को छिपाने और जमा करने में कथित तौर पर सहयोग किया। इन रकमों को व्यावसायिक लेन-देन की कई परतों में विभाजित कर कंपनी के दैनिक कार्यों में इस प्रकार एकीकृत किया गया कि वे वैध संपत्ति के रूप में प्रतीत हों।

एजेंसी का यह भी दावा है कि ऋषि के साथ संबंध स्थापित होने के बाद ज्वैलर्स की सोने की खरीद में असामान्य रूप से तीव्र वृद्धि हुई, जो ED के अनुसार, अवैध आय की लॉन्ड्रिंग के लिए पूर्व-निर्धारित समझौते की ओर इशारा करता है।

अब तक की जांच और संपत्ति कुर्की

एजेंसी ने इस मामले में इससे पहले चार अन्य आरोपियों को भी मनी लॉन्ड्रिंग में कथित संलिप्तता के चलते गिरफ्तार किया था। जांच के तहत अब तक लगभग ₹225 करोड़ की चल और अचल संपत्तियाँ अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं।

पंचकुला स्थित विशेष PMLA न्यायालय में 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। एजेंसी के अनुसार, आगे की जांच जारी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल हो रही है।

आगे क्या होगा

चार दिन की हिरासत के दौरान ED कटोदिया से संपत्ति प्रवाह, संलिप्त संस्थाओं की भूमिका और मुख्य आरोपी ऋषि से उनके संबंधों के बारे में विस्तृत पूछताछ करेगी। यह मामला हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन के सरकारी खातों से कथित धन-शोधन की व्यापक जांच का हिस्सा है, जो आने वाले सप्ताहों में और नई गिरफ्तारियों का रास्ता खोल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि धन-प्रवाह को 'वैध रंग' देने वाली कड़ियों — जैसे आभूषण फर्मों — तक भी पहुँच रही है। ₹332 करोड़ का सावन ज्वैलर्स के खातों में प्रवाह और सोने की खरीद में असामान्य उछाल बताते हैं कि रियल एस्टेट के बाद अब ज्वैलरी सेक्टर भी लॉन्ड्रिंग का माध्यम बनता दिख रहा है। सवाल यह है कि 14 आरोपियों पर चार्जशीट के बावजूद हरियाणा और चंडीगढ़ के सरकारी विभागों के भीतर से धन के रिसाव की आंतरिक जवाबदेही कब तय होगी — जो अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

₹645 करोड़ का IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला क्या है?
यह चंडीगढ़ से जुड़ा एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामला है जिसमें हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों के सरकारी धन का गबन कर उसे IDFC फर्स्ट बैंक के माध्यम से फर्जी संस्थाओं में घुमाने का आरोप है। मुख्य आरोपी रिभव ऋषि सहित अब तक 5 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और 14 पर चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
राजन सिंह कटोदिया को ED ने क्यों गिरफ्तार किया?
ED के अनुसार, कटोदिया मेसर्स सावन ज्वैलर्स के एकमात्र परिचालन प्रभारी थे और उन्होंने मुख्य आरोपी रिभव ऋषि के साथ मिलकर अपराध की धनराशि को ज्वैलर्स के व्यावसायिक लेन-देन में छिपाने में कथित तौर पर मदद की। उनके खातों में फर्जी संस्थाओं से ₹332 करोड़ का प्रवाह दर्ज किया गया।
इस घोटाले में अब तक कितनी संपत्ति जब्त हुई है?
ED ने अब तक इस मामले में लगभग ₹225 करोड़ की चल और अचल संपत्तियाँ अटैच, जब्त या फ्रीज की हैं। जांच अभी जारी है और आगे और संपत्तियों पर कार्रवाई की संभावना है।
इस मामले में कितने लोगों पर चार्जशीट दाखिल हुई है?
पंचकुला स्थित विशेष PMLA न्यायालय में कुल 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। कटोदिया से पहले 4 अन्य आरोपियों को भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका था।
कटोदिया की ED हिरासत कितने दिन की है और आगे क्या होगा?
PMLA विशेष न्यायालय ने ED को 4 दिन की हिरासत मंजूर की है। इस दौरान एजेंसी संपत्ति प्रवाह, फर्जी संस्थाओं की भूमिका और मुख्य आरोपी ऋषि से संबंधों की विस्तृत पूछताछ करेगी; आगे की जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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