₹645 करोड़ बैंक घोटाला: ईडी ने सावन ज्वेलर्स के पार्टनर राजन सिंह कटोडिया को किया गिरफ्तार, 4 दिन की हिरासत
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-II ने ₹645 करोड़ के बैंक घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में सावन ज्वेलर्स के सक्रिय मैनेजिंग पार्टनर राजन सिंह कटोडिया को गिरफ्तार किया है। 23 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को उन्हें एक विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसने उन्हें चार दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया। यह मामला आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़ी कथित धोखाधड़ी और हरियाणा एवं चंडीगढ़ प्रशासन के सरकारी फंड के गबन से संबंधित है।
आरोपी की भूमिका और साजिश का खुलासा
राजन सिंह कटोडिया चंडीगढ़ के सेक्टर 35सी इनर मार्केट (एससीओ 97) स्थित सावन ज्वेलर्स के कामकाज को पूरी तरह संभालते हैं। जाँच में सामने आया है कि उन्होंने इस मामले के मुख्य आरोपी रिभव ऋषि और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर एक आपराधिक षड्यंत्र रचा, जिसका उद्देश्य हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के सरकारी कोष का गबन करना था।
ईडी के अनुसार, कटोडिया ने अपनी फर्म सावन ज्वेलर्स को अपराध से अर्जित धन को छिपाने और वैध रूप देने का माध्यम बनाया। रिभव ऋषि से जुड़ने के तुरंत बाद सावन ज्वेलर्स द्वारा कीमती धातुओं की खरीद में असामान्य उछाल दर्ज किया गया, जो जाँचकर्ताओं के अनुसार पूर्व नियोजित मिलीभगत का संकेत देता है।
बैंक खाते में करोड़ों का संदिग्ध लेन-देन
सावन ज्वेलर्स के बैंक खाते की जाँच से पता चला कि 6 नवंबर 2024 से 18 फरवरी 2026 के बीच उसमें लगभग ₹332 करोड़ जमा हुए। यह राशि कई शेल कंपनियों, बिचौलियों और व्यक्तियों के ज़रिये आई, जिनमें शामिल हैं — कैपको फिनटेक सर्विसेज, स्वस्तिक देश प्रोजेक्ट्स, आरएस ट्रेडर्स, चंडीगढ़ मेगा स्टोर, एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड, विस्टामेड सॉल्यूशंस, मां वैभव लक्ष्मी इंटीरियर और रिभव ऋषि की पत्नी दिव्या अरोड़ा।
ईडी का आरोप है कि इन सभी संस्थाओं और व्यक्तियों को घोटाले के मास्टरमाइंड रिभव ऋषि द्वारा नियंत्रित और संचालित किया जाता था। अपराध से हासिल इस रकम को अलग-अलग परतों में घुमाकर रोज़मर्रा के कारोबार में खपाया गया और इस तरह मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम दिया गया।
ईडी की अब तक की कार्रवाई
इस मामले में यह पाँचवीं गिरफ्तारी है — इससे पहले ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जाँच के दौरान एजेंसी ने लगभग ₹225 करोड़ की चल और अचल संपत्तियाँ जब्त एवं फ्रीज़ की हैं।
इसके अतिरिक्त, ईडी ने पंचकूला की विशेष पीएमएलए अदालत में 14 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज कराई है। एजेंसी के अनुसार, इस मामले में आगे की जाँच अभी जारी है।
मामले का व्यापक संदर्भ
यह मामला केवल एक ज्वेलरी फर्म तक सीमित नहीं है — इसमें सरकारी विभागों के फंड के कथित दुरुपयोग, शेल कंपनियों के जाल और बहु-स्तरीय मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का जटिल ताना-बाना सामने आया है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब ईडी पूरे देश में वित्तीय धोखाधड़ी और बैंक घोटालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रही है।
आने वाले दिनों में राजन सिंह कटोडिया की हिरासत अवधि समाप्त होने पर अदालत आगे की सुनवाई करेगी, जबकि मामले में और गिरफ्तारियाँ भी संभव बताई जा रही हैं।