क्या ऑपरेशन 'सागर बंधु' श्रीलंका में क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों की बहाली में मदद करेगा?

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क्या ऑपरेशन 'सागर बंधु' श्रीलंका में क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों की बहाली में मदद करेगा?

सारांश

चक्रवात दितवाह ने श्रीलंका में व्यापक तबाही मचाई है, जिसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन 'सागर बंधु' शुरू किया है। इसके तहत सड़कें और संपर्क मार्ग बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। भारत की सहायता से, प्रभावित समुदायों के लिए आवश्यक चिकित्सा सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं।

मुख्य बातें

भारतीय सेना ने श्रीलंका में संपर्क मार्गों को बहाल करने में मदद की है।
ऑपरेशन सागर बंधु के तहत एनडीआरएफ और भारतीय वायुसेना सक्रिय हैं।
श्रीलंका के प्रभावित क्षेत्रों में फील्ड हॉस्पिटल स्थापित किए गए हैं।
चक्रवात दितवाह के कारण भारी नुकसान हुआ है।
भारतीय चिकित्सकों ने 2200 से अधिक रोगियों को चिकित्सा देखभाल प्रदान की है।

कोलंबो, 7 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंका में चक्रवात दितवाह ने व्यापक नुकसान पहुँचाया है। इस चक्रवात के कारण आई भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने कई क्षेत्रों में सड़कों को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिसके कारण कई इलाकों का संपर्क मार्ग टूट गया है। ऐसे में भारतीय सेना श्रीलंका में टूटे संपर्क मार्गों को फिर से जोड़ने में मदद कर रही है।

चक्रवात दितवाह से उत्पन्न स्थिति के बाद, भारत ने श्रीलंका में राहत और बचाव कार्यों के लिए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया है। इसके अंतर्गत एनडीआरएफ और भारतीय वायुसेना ने राहत कार्यों को तेज कर दिया है। इस विषय में भारतीय विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक अद्यतन जारी किया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय सेना के इंजीनियर्स ने श्रीलंका की सेना के इंजीनियर्स के साथ मिलकर किलिनोच्ची में परांथान-कराच्ची-मुल्लातिवु (ए35) सड़क पर क्षतिग्रस्त पुल को हटाना शुरू कर दिया है। यह संयुक्त प्रयास प्रभावित समुदायों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क बहाल करने की दिशा में एक और कदम है।

रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय वायुसेना का एक अन्य सी-17 ग्लोबमास्टर सड़क मार्ग से आवागमन बहाल करने के लिए बेली ब्रिज यूनिट्स के साथ कोलंबो में उतरा है। इसमें लगभग 55 टन बेली ब्रिज का सामान, एक जेसीबी, और इंजीनियर कोर के 13 जवान शामिल हैं। यह श्रीलंका में बेली ब्रिज की यूनिट्स को ले जाने वाला तीसरा विमान था।

इस क्रम में, भारतीय वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर शुक्रवार को भी सड़क मार्ग से आवागमन बहाल करने के लिए उतरा था। इस उड़ान में इंजीनियर्स और चिकित्सा विशेषज्ञों सहित 25 कर्मियों की एक टीम भी पहुंची थी।

भारत की ओर से श्रीलंका के विभिन्न क्षेत्रों में फील्ड हॉस्पिटल स्थापित किए गए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायवाल ने बताया कि भारत द्वारा कैंडी के निकट महियांगनया में 5 दिसंबर से स्थापित फील्ड हॉस्पिटल ने अब तक चक्रवात दितवाह से प्रभावित 2200 से अधिक रोगियों को अत्यंत आवश्यक चिकित्सा देखभाल प्रदान की है।

इसके साथ ही 67 छोटी प्रक्रियाएं और 3 ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए हैं। भारत की चिकित्सा टीमें श्रीलंकाई लोगों को समय पर देखभाल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इनमें सामान्य चोटों से लेकर गंभीर हालत वाले लोग भी शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह मानवता की सेवा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों के संकट के समय में मदद के लिए खड़ा रहा है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन 'सागर बंधु' क्या है?
ऑपरेशन 'सागर बंधु' एक राहत एवं बचाव कार्य है जो भारत द्वारा श्रीलंका में चक्रवात दितवाह के बाद शुरू किया गया है।
इस ऑपरेशन में भारतीय सेना की क्या भूमिका है?
भारतीय सेना ने श्रीलंकाई सेना के साथ मिलकर क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों को बहाल करने में सहायता प्रदान की है।
श्रीलंका में राहत कार्यों के लिए कौन-कौन सी संस्थाएं काम कर रही हैं?
इस ऑपरेशन में एनडीआरएफ और भारतीय वायुसेना शामिल हैं।
भारतीय चिकित्सक श्रीलंका में क्या सेवाएं प्रदान कर रहे हैं?
भारतीय चिकित्सक श्रीलंका में फील्ड हॉस्पिटल स्थापित कर आवश्यक चिकित्सा देखभाल प्रदान कर रहे हैं।
ऑपरेशन 'सागर बंधु' का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य श्रीलंका में चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सहायता प्रदान करना है।
राष्ट्र प्रेस
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