30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या ऑपरेशन 'सागर बंधु' श्रीलंका में तबाही के बीच भारतीय सेना की मदद कर रहा है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या ऑपरेशन 'सागर बंधु' श्रीलंका में तबाही के बीच भारतीय सेना की मदद कर रहा है?

सारांश

श्रीलंका में चक्रवात 'दित्वाह' के कारण उत्पन्न संकट के बीच भारत ने ऑपरेशन 'सागर बंधु' शुरू किया है। भारतीय सेना और एनडीआरएफ ने राहत कार्य में तेजी लाते हुए 1,250 से अधिक लोगों का इलाज किया है। जानिए इस ऑपरेशन के प्रमुख पहलुओं के बारे में।

मुख्य बातें

ऑपरेशन 'सागर बंधु' का उद्देश्य श्रीलंका में राहत कार्य करना है।
भारतीय सेना ने 1,250 से अधिक लोगों का उपचार किया है।
बेली ब्रिज का निर्माण राहत कार्य में तेजी लाने के लिए किया गया है।
चक्रवात 'दित्वाह' ने श्रीलंका में व्यापक तबाही मचाई है।
भारत और श्रीलंका के बीच सहयोग को दर्शाता है।

कोलंबो, 7 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंका में चक्रवात दित्वाह के कारण परिस्थितियाँ अत्यंत गंभीर हो गई हैं। लगातार बारिश, बाढ़ और कई स्थानों पर भूस्खलन ने लोगों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सैकड़ों व्यक्तियों ने इस प्राकृतिक आपदा में अपनी जानें गंवाई हैं, कई घर बह गए, सड़कें टूट गईं और हजारों लोग प्रभावित हुए। ऐसी विषम स्थितियों में भारत ने श्रीलंका की सहायता के लिए ऑपरेशन सागर बंधु की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत भारतीय एनडीआरएफ, वायुसेना और सेना निरंतर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

रविवार को इस ऑपरेशन के संबंध में एक महत्वपूर्ण अपडेट आया। भारतीय सेना का फील्ड हॉस्पिटल श्रीलंका में लगातार कार्यरत है। अब तक यह हॉस्पिटल 1,250 से ज्यादा मरीजों का उपचार कर चुका है। इनमें सामान्य चोटों से लेकर गंभीर अवस्था के लोग भी शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि डॉक्टरों ने मौके पर ही पांच बड़ी इमरजेंसी सर्जरी सफलतापूर्वक की हैं।

राहत प्रदान करने में केवल चिकित्सा ही नहीं, बल्कि सड़कें और संचार व्यवस्था भी अत्यंत आवश्यक होती हैं। बाढ़ के कारण कई स्थानों पर पुल बह गए थे, जिससे सहायता पहुंचाना कठिन हो गया। ऐसे में भारतीय सेना की इंजीनियरिंग टीम ने श्रीलंकाई प्रशासन के साथ मिलकर तीन बेली ब्रिज बनाए हैं। पहले सही स्थानों की पहचान की गई और फिर इन पुलों को तैयार किया गया।

श्रीलंका आर्मी के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल लसंथा रोड्रिगो खुद भारतीय फील्ड हॉस्पिटल का दौरा करने पहुंचे। उन्होंने वहां तैनात चिकित्सा टीम से बातचीत की और उनकी सराहना की। उन्होंने प्रभावित समुदायों को आवश्यक चिकित्सा देखभाल प्रदान करने में तेजी से मदद और प्रयासों के लिए भारत की प्रशंसा की।

भारत ने 28 नवंबर को चक्रवात दित्वाह के कारण श्रीलंका में उत्पन्न भीषण बाढ़, जनहानि और व्यापक तबाही के बाद तुरंत खोज एवं बचाव और मानवीय सहायता के लिए ऑपरेशन सागर बंधु प्रारंभ किया।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर ट्वीट कर बताया कि राहत कार्य लगातार जारी है। शनिवार को ऑपरेशन के तहत चौथा सी-17 विमान कोलंबो पहुंचा, जिसमें बेली ब्रिज से जुड़े लगभग 55 टन उपकरण, एक जेसीबी मशीन और इंजीनियर कोर के 13 विशेषज्ञ मौजूद थे।

बेली ब्रिज, पहले से तैयार, हल्का और मजबूत स्टील का पुल होता है, जिसे आपदाग्रस्त क्षेत्रों में जल्दी से जोड़ा और लगाया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारत और श्रीलंका के बीच सहयोग की एक नई मिसाल भी प्रस्तुत करता है। ऐसे समय में जब प्राकृतिक आपदाएं देश को प्रभावित करती हैं, सहयोग और समर्थन की आवश्यकता होती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन 'सागर बंधु' क्या है?
ऑपरेशन 'सागर बंधु' भारत द्वारा श्रीलंका में चक्रवात 'दित्वाह' के बाद राहत और बचाव कार्य हेतु शुरू किया गया एक मिशन है।
इस ऑपरेशन के तहत कितने लोगों का इलाज किया गया है?
इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना के फील्ड हॉस्पिटल ने 1,250 से ज्यादा लोगों का इलाज किया है।
श्रीलंका में स्थिति कितनी गंभीर है?
चक्रवात 'दित्वाह' के कारण श्रीलंका में बाढ़, भूस्खलन और व्यापक तबाही हुई है, जिससे सैकड़ों लोगों की जानें गई हैं।
भारतीय सेना की क्या भूमिका है?
भारतीय सेना ने राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है, जिसमें चिकित्सा सहायता और बेली ब्रिज का निर्माण शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले