पलामू में कोयला मालगाड़ी के 12 डिब्बे पटरी से उतरे, मुख्य रेल लाइनें अप्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के पलामू जिले में मंगलवार, 11 अगस्त को दोपहर एक कोयला लदी मालगाड़ी के 11 से 12 डिब्बे पटरी से उतर गए। यह हादसा पूर्व मध्य रेलवे के बरकाकाना-सोननगर रेलखंड पर गढ़वा रोड और सिगसिगी रेलवे स्टेशन के बीच सबवना गाँव के निकट हुआ। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना में किसी भी व्यक्ति के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है।
हादसे का घटनाक्रम
मालगाड़ी बरकाकाना से सोननगर की दिशा में जा रही थी। गढ़वा रोड स्टेशन पार करने के बाद ट्रेन रिवर्सिबल लाइन, यानी तीसरी लाइन पर चल रही थी। इसी दौरान उसके कुल 59 डिब्बों में से 11 से 12 डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। यह घटना ग्रासिम इंडस्ट्रीज फैक्ट्री के समीप हुई, जिसके बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बड़ा हादसा क्यों टला
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मालगाड़ी में केवल कोयला लदा था और कोई यात्री सवार नहीं था, जिससे जनहानि की आशंका नहीं रही। इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि दुर्घटना तीसरी (रिवर्सिबल) लाइन पर हुई, जबकि मुख्य अप और डाउन लाइनें पूरी तरह सुरक्षित रहीं। इस कारण इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर यात्री ट्रेनों का परिचालन बाधित नहीं हुआ। हालाँकि, एहतियात के तौर पर कुछ ट्रेनों की गति और परिचालन समय प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
रेलवे की प्रतिक्रिया और राहत कार्य
दुर्घटना की सूचना मिलते ही धनबाद रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। इंजीनियरिंग, तकनीकी और सुरक्षा विभाग की टीमें भी मौके पर भेजी गईं। रेलवे ने क्रेन और आधुनिक उपकरणों की सहायता से पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने तथा क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है।
जाँच के आदेश
रेलवे प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जाँच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जाँच में डिब्बों के पटरी से उतरने का स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित तीसरी लाइन को जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश जारी है।
आगे क्या
गौरतलब है कि बरकाकाना-सोननगर रेलखंड झारखंड का एक महत्वपूर्ण कोयला परिवहन मार्ग है, और इस पर किसी भी व्यवधान का सीधा असर कोयला आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है। फिलहाल मुख्य लाइनों के चालू रहने से यात्री सेवाएँ सामान्य हैं, और रेलवे का लक्ष्य तीसरी लाइन को शीघ्र बहाल करना है।