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गोंडा में मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतरे, यार्ड में बड़ा हादसा टला

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गोंडा में मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतरे, यार्ड में बड़ा हादसा टला

सारांश

गोंडा के रेलवे यार्ड में बुधवार को भठिंडा से एनएफ रेलवे जा रही मालगाड़ी के दो वैगनों की तीन बोगियाँ पटरी से उतर गईं। डीआरएम समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। पुनर्विकास कार्य और हालिया बारिश को संभावित कारण माना जा रहा है; जाँच जारी है।

मुख्य बातें

22 जुलाई को गोंडा के रेलवे यार्ड में मालगाड़ी के दो वैगनों की तीन बोगियाँ पटरी से उतरीं।
मालगाड़ी भठिंडा से चलकर एनएफ रेलवे की ओर जा रही थी।
मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) समेत वरिष्ठ रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे।
हाल में हुए पुनर्विकास कार्य और बारिश को संभावित कारण बताया जा रहा है; जाँच के आदेश दिए गए।
19 जुलाई को झारखंड के पूर्वी सिंहभूम में भी टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस के ओएचई तार टूटने से बड़ा हादसा टला था।
किसी के हताहत होने की सूचना नहीं; ट्रैक फिटनेस प्रमाणित होने के बाद ही परिचालन बहाल होगा।

उत्तर प्रदेश के गोंडा में बुधवार, 22 जुलाई को एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब यार्ड लाइन पर खड़ी एक मालगाड़ी के दो वैगनों की तीन बोगियाँ (ट्रॉलियाँ) पटरी से उतर गईं। सूचना मिलते ही मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँच गए।

मुख्य घटनाक्रम

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह मालगाड़ी भठिंडा से चलकर एनएफ रेलवे की ओर जा रही थी। यार्ड में खड़े रहने के दौरान उसके दो वैगनों की तीन बोगियाँ पटरी से उतर गईं। अधिकारी ने बताया, 'कुछ दिन पहले यहाँ पुनर्विकास का काम हुआ था और हाल में बारिश भी हुई है। घटना के कारणों की जाँच की जाएगी।'

रेलवे की टीमें सभी वैगनों को हटाने में जुट गई हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रैक की मरम्मत के बाद उसकी फिटनेस प्रमाणित होने पर ही उसे परिचालन के लिए खोला जाएगा।

पृष्ठभूमि: हाल के रेल हादसे

यह घटना ऐसे समय में आई है जब देश में रेल सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ी हुई हैं। गौरतलब है कि 19 जुलाई को झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में भी एक बड़ा हादसा टला था, जब टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस के स्वर्णरेखा नदी पर बने रेलवे पुल से गुजरने के दौरान ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) तार टूटकर एक कोच की छत पर गिर गया था।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, वह घटना 19 जुलाई की सुबह करीब सात बजे चंद्ररेखा गाँव के समीप, गालूडीह थाना क्षेत्र में हुई थी। टाटानगर से हावड़ा जा रही ट्रेन को बीच पुल पर ही रोकना पड़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना से पहले तेज चरमराहट की आवाज़ सुनाई दी, जिसके बाद चिंगारियाँ निकलती दिखीं और हाई-टेंशन तार कोच की छत पर आ गिरा। रेलवे की तत्परता से उस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

सरकार और रेलवे की प्रतिक्रिया

गोंडा घटना की सूचना मिलते ही डीआरएम समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का जायज़ा लिया। रेलवे ने जाँच के आदेश दिए हैं और ट्रैक को तब तक बंद रखने का निर्णय लिया है जब तक उसकी फिटनेस प्रमाणित नहीं हो जाती।

आम जनता पर असर

घटना यार्ड लाइन पर हुई, इसलिए यात्री ट्रेनों पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ा। हालाँकि, माल ढुलाई मार्ग पर अस्थायी व्यवधान की आशंका बनी रही। रेलवे अधिकारियों ने शीघ्र बहाली का भरोसा दिलाया है।

क्या होगा आगे

रेलवे की जाँच टीम पुनर्विकास कार्य की गुणवत्ता और हालिया बारिश के प्रभाव का मूल्यांकन करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान ट्रैक रखरखाव की निगरानी और कड़ी होनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि घटनाएँ घटने के बाद प्रतिक्रिया देने की जगह उन्हें पहले से रोकने की व्यवस्था कब मज़बूत होगी।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोंडा में मालगाड़ी पटरी से क्यों उतरी?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, घटना से कुछ दिन पहले यार्ड में पुनर्विकास कार्य हुआ था और हाल में बारिश भी हुई थी। इन दोनों को संभावित कारण माना जा रहा है, हालाँकि आधिकारिक जाँच अभी जारी है।
क्या इस हादसे में कोई यात्री हताहत हुआ?
नहीं, यह घटना यार्ड लाइन पर खड़ी मालगाड़ी के साथ हुई, इसलिए कोई यात्री प्रभावित नहीं हुआ और किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
यह मालगाड़ी कहाँ से कहाँ जा रही थी?
यह मालगाड़ी भठिंडा से चलकर एनएफ रेलवे की ओर जा रही थी और गोंडा यार्ड में खड़ी थी, तभी उसके दो वैगनों की तीन बोगियाँ पटरी से उतर गईं।
रेलवे ने घटना के बाद क्या कदम उठाए?
मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) समेत वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे। सभी वैगनों को हटाने का काम शुरू किया गया और ट्रैक की फिटनेस प्रमाणित होने के बाद ही उसे परिचालन के लिए खोलने का निर्णय लिया गया।
क्या हाल ही में भारत में इस तरह की कोई अन्य रेल घटना हुई है?
हाँ, 19 जुलाई को झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस के स्वर्णरेखा नदी पुल से गुजरने के दौरान ओएचई तार टूटकर कोच की छत पर गिर गया था। उस घटना में भी कोई हताहत नहीं हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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