24 सितंबर 2026
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पालघर में टीना रबर कंपनी की दीवार ढही, 3 मजदूरों की मौत; केशव, मीरा और रंजना की पहचान

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पालघर में टीना रबर कंपनी की दीवार ढही, 3 मजदूरों की मौत; केशव, मीरा और रंजना की पहचान

सारांश

पालघर के विक्रमगढ़ रोड स्थित टीना रबर कंपनी में गुरुवार सुबह स्टोर रूम की दीवार अचानक गिर पड़ी। मलबे में दबने से तीन मजदूरों — केशव गुनगुणा, मीरा गवली और रंजना कोंब — की मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे और जाँच शुरू कर दी है।

मुख्य बातें

पालघर के विक्रमगढ़ रोड स्थित टीना रबर कंपनी में 24 सितंबर 2026 को स्टोर रूम की दीवार गिरने से 3 मजदूरों की मौत ।
हादसा सुबह 10 बजे हुआ, जब मजदूर नाश्ता कर रहे थे।
मृतकों की पहचान: केशव वालकु गुनगुणा (मोहा गांव, विक्रमगढ़), मीरा जानू गवली (वसूरी, विक्रमगढ़) और रंजना दिलीप कोंब (कोंब पोशेरी, वाडा)।
वाडा पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे, मामले की जाँच जारी।
दीवार गिरने के कारणों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

महाराष्ट्र के पालघर जिले में 24 सितंबर 2026 को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जब वाडा थाना क्षेत्र के विक्रमगढ़ रोड स्थित टीना रबर कंपनी के स्टोर रूम की दीवार अचानक भरभराकर गिर पड़ी। पुलिस के अनुसार, हादसे के वक्त मजदूर नाश्ता कर रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई।

हादसे का पूरा घटनाक्रम

पुलिस ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 10 बजे मजदूर कंपनी परिसर में नाश्ता कर रहे थे। इसी दौरान पास स्थित स्टोर रूम की दीवार बिना किसी पूर्व चेतावनी के ढह गई और कई श्रमिक मलबे में दब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की। हालाँकि, तीन मजदूरों की मलबे में दबने से मौके पर ही मौत हो गई।

मृतकों की पहचान

पुलिस ने मृतकों की पहचान इस प्रकार की है — केशव वालकु गुनगुणा, निवासी मोहा गांव, विक्रमगढ़; मीरा जानू गवली, निवासी वसूरी, विक्रमगढ़; और रंजना दिलीप कोंब, निवासी कोंब पोशेरी, वाडा। तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

सूचना मिलते ही वाडा पुलिस मौके पर पहुँची और शवों को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि मामले में जाँच जारी है और दीवार गिरने के कारणों की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संरचनात्मक कमज़ोरी या किसी अन्य कारण से यह हादसा हुआ।

आम जनता और श्रमिकों पर असर

यह हादसा ऐसे समय में आया है जब औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल पहले से उठते रहे हैं। पालघर और उसके आसपास के क्षेत्रों में कई छोटी-बड़ी विनिर्माण इकाइयाँ हैं, जहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय मजदूर काम करते हैं। गौरतलब है कि इस तरह की दुर्घटनाओं में अक्सर कारखाने की संरचनात्मक खामियाँ और रखरखाव की अनदेखी उजागर होती है।

क्या होगा आगे

पुलिस आगे की जाँच में जुटी है। मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। श्रम विभाग की ओर से कंपनी की सुरक्षा अनुपालन जाँच की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इस हादसे के बाद क्षेत्र की अन्य औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा जाँच की माँग भी उठ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी ऐसे हादसों के बाद जवाबदेही तय करने की रफ़्तार अक्सर धीमी रहती है। श्रम विभाग की निगरानी व्यवस्था और फैक्ट्री अधिनियम के तहत नियमित सुरक्षा निरीक्षण की प्रासंगिकता इस त्रासदी से फिर साबित होती है। जब तक नियोक्ताओं की जवाबदेही और सुरक्षा अनुपालन की नियमित जाँच सुनिश्चित नहीं होती, ऐसी मौतें रुकने वाली नहीं हैं।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पालघर टीना रबर कंपनी हादसा क्या है?
24 सितंबर 2026 को पालघर के विक्रमगढ़ रोड स्थित टीना रबर कंपनी में स्टोर रूम की दीवार गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। सुबह करीब 10 बजे मजदूर नाश्ता कर रहे थे, तभी दीवार अचानक भरभराकर गिर पड़ी और वे मलबे में दब गए।
हादसे में किन मजदूरों की मौत हुई?
मृतकों की पहचान केशव वालकु गुनगुणा (मोहा गांव, विक्रमगढ़), मीरा जानू गवली (वसूरी, विक्रमगढ़) और रंजना दिलीप कोंब (कोंब पोशेरी, वाडा) के रूप में हुई है। तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
दीवार क्यों गिरी — क्या इसके कारण स्पष्ट हुए हैं?
पुलिस के अनुसार, अभी तक दीवार गिरने के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जाँच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संरचनात्मक कमज़ोरी या रखरखाव में लापरवाही हादसे की वजह बनी।
घटना के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
सूचना मिलते ही वाडा पुलिस मौके पर पहुँची। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई। मामले की आगे की जाँच जारी है।
इस हादसे से श्रमिक सुरक्षा पर क्या सवाल उठते हैं?
पालघर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में छोटी औद्योगिक इकाइयाँ हैं जहाँ सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। इस हादसे के बाद श्रम विभाग द्वारा कंपनी की सुरक्षा अनुपालन जाँच और क्षेत्र की अन्य इकाइयों के निरीक्षण की माँग उठ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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