निष्पक्ष मतदान पर दिलीप घोष का बड़ा बयान — 'डर नहीं, भरोसे से डाले वोट'
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 24 अप्रैल को 152 सीटों पर रिकॉर्ड मतदान हुआ।
- BJP नेता दिलीप घोष ने दावा किया कि इस बार मतदाताओं को कोई डर नहीं था और चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष रहा।
- मतदान के दिन तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, फिर भी मतदाता बड़ी संख्या में निकले।
- दिलीप घोष ने भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।
- दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल 2026 को मतदान होगा।
- मतगणना और चुनाव परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।
कोलकाता, 24 अप्रैल 2026 (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 152 सीटों पर रिकॉर्ड मतदान संपन्न होने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने दावा किया कि इस बार का चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और भयमुक्त रहा। उन्होंने कहा कि पहले जहां मतदाताओं को डराया-धमकाया जाता था, वहीं इस बार मतदाताओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
दिलीप घोष का बयान — 'डर आउट, भरोसा इन'
दिलीप घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "इस बार सभी मतदाताओं ने मिलकर वोट डाला। किसी तरह का डर नहीं था।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस नारे का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था — 'डर आउट, भरोसा इन, भाजपा को वोट दें' — और कहा कि यह नारा जमीनी हकीकत में सच होता दिखा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले चुनावों में पुलिस तक का इस्तेमाल मतदाताओं को बूथ तक पहुंचने से रोकने के लिए किया जाता था। इस बार ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई, जो उनके अनुसार पश्चिम बंगाल की राजनीतिक संस्कृति में एक बड़े बदलाव का संकेत है।
चुनाव आयोग की भूमिका की सराहना
दिलीप घोष ने इस सफल और शांतिपूर्ण मतदान के लिए भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका की खुलकर प्रशंसा की और उन्हें धन्यवाद दिया। उनका कहना था कि आयोग की सक्रियता और कड़ी निगरानी के कारण ही इस बार वोटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रही।
गौरतलब है कि 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान और उसके बाद व्यापक हिंसा की खबरें आई थीं, जिसमें सैकड़ों लोगों के हताहत होने और घर छोड़ने की रिपोर्टें सामने आई थीं। उस पृष्ठभूमि में इस बार की शांतिपूर्ण वोटिंग को राजनीतिक विश्लेषक भी अहम मान रहे हैं।
भीषण गर्मी में भी मतदाताओं का जोश बरकरार
मतदान के दौरान मौसम भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा। गुरुवार, 24 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। उमस भरी गर्मी ने हालात और कठिन बना दिए।
दिलीप घोष ने कहा कि इस भीषण गर्मी में मतदाताओं, चुनाव अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों — सभी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद मतदाताओं ने बड़ी संख्या में घरों से निकलकर अपने मत का प्रयोग किया, जिसे उन्होंने लोकतंत्र के प्रति जनता की प्रतिबद्धता बताया।
चुनाव का आगे का कार्यक्रम
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान पूरा हो चुका है। अब दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल 2026 को वोट डाले जाएंगे।
मतगणना 4 मई 2026 को होगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच यह मुकाबला राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेगा। पहले चरण की रिकॉर्ड वोटिंग ने दोनों दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
राजनीतिक विश्लेषण — क्या बदला पश्चिम बंगाल में?
पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का इतिहास दशकों पुराना है — चाहे वह वाम मोर्चे का दौर हो या तृणमूल कांग्रेस का शासन। 2021 के चुनाव के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी चुनाव-पश्चात हिंसा पर गंभीर चिंता जताई थी।
इस संदर्भ में दिलीप घोष का दावा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। हालांकि विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है। यदि 4 मई के नतीजे भाजपा के पक्ष में जाते हैं, तो यह बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव होगा।