पवन कल्याण का सख्त आदेश: 'पल्ले पंडुगा' सड़क तोड़ने पर वाईएसआरसीपी नेता सुब्बा रेड्डी पर गैर-जमानती केस
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत राज और ग्रामीण विकास मंत्री पवन कल्याण ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के नेता सुब्बा रेड्डी और अन्य के विरुद्ध गैर-जमानती मामला दर्ज करने का आदेश दिया। इन पर तिरुपति जिले के पुलमपेटा मंडल में 'पल्ले पंडुगा 3.0' योजना के अंतर्गत निर्मित सड़क को जानबूझकर नष्ट करने का आरोप है। यह सड़क महज एक सप्ताह पूर्व ₹4.75 करोड़ की लागत से बनाई गई थी।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, अनंतसमुद्रम और पापक्कगरिपाले गाँवों के बीच बनी इस सड़क के 100 मीटर के हिस्से को सुब्बा रेड्डी ने वेंकटसुब्बा रेड्डी की सहायता से ट्रैक्टर का उपयोग करके जोत दिया। ग्रामीणों की शिकायत पर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई और अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को उसी दिन शाम तक गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने की योजना थी।
पवन कल्याण ने इस मामले में पंचायत राज और ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और घटना पर कड़ा संज्ञान लिया।
सरकार की प्रतिक्रिया
पवन कल्याण ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनहित के लिए निर्मित सरकारी संपत्तियों को नष्ट करना एक अक्षम्य अपराध है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध राजस्व वसूली अधिनियम लागू करने और क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत का खर्च आरोपियों से वसूलने का भी आदेश दिया।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सरकारी बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचाने वालों की पहचान सार्वजनिक रूप से उजागर की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
'पल्ले पंडुगा 3.0' योजना क्या है
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 'पल्ले पंडुगा 3.0' आंध्र प्रदेश सरकार की ग्रामीण विकास-उन्मुख कार्यक्रमों की शृंखला का तीसरा संस्करण है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, जलापूर्ति और बुनियादी सुविधाओं के निर्माण पर केंद्रित है। यह ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकार ग्रामीण संपर्क को प्राथमिकता दे रही है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार और विपक्षी वाईएसआरसीपी के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही बना हुआ है। इस घटना ने उस तनाव को और उभार दिया है। आलोचकों का कहना है कि यह मामला सत्ता परिवर्तन के बाद उभर रहे राजनीतिक प्रतिशोध के व्यापक परिदृश्य का हिस्सा हो सकता है, हालाँकि अभी तक केवल सरकार की ओर से ही बयान सामने आए हैं।
आम जनता पर असर और आगे की राह
इस घटना से सीधे प्रभावित अनंतसमुद्रम और पापक्कगरिपाले गाँवों के ग्रामीणों की कनेक्टिविटी बाधित हुई है। सरकार ने सड़क की जल्द बहाली का आश्वासन दिया है और दोषियों से नुकसान की भरपाई करवाने पर जोर दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले की अदालती कार्यवाही पर नज़र रहेगी।