पिंगली वेंकैया जयंती 2026: तिरंगे के निर्माता को CM योगी, रेखा गुप्ता और DK शिवकुमार ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
पिंगली वेंकैया — जिन्होंने भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को उसका स्वरूप दिया — की जयंती पर 2 अगस्त 2026 को देशभर के नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 2 अगस्त 1876 को आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में जन्मे वेंकैया की विरासत आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बनी हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'भारत की आन, बान और शान 'तिरंगे' को स्वरूप देने वाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पिंगली वेंकैया की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। आपकी दूरदृष्टि और राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक हमारा तिरंगा प्रत्येक भारतीय के हृदय में 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना का संचार करता रहेगा।' गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ प्रत्येक वर्ष वेंकैया की जयंती पर उन्हें सार्वजनिक रूप से याद करते हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का संदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, 'राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के प्रतीक तिरंगे के अभिकल्पक, महान स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उनकी अनुपम कृति ने भारत की विविधता को एक राष्ट्रभाव में बांधा। तिरंगा आज 140 करोड़ देशवासियों के संकल्प, संस्कार और मातृभूमि के प्रति समर्पण का जीवंत प्रतीक है।'
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का संदेश
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने एक्स पर लिखा, 'देशभक्त और विद्वान पिंगली वेंकैया को उनकी जयंती पर याद करते हैं। एक जाने-माने स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर, उन्होंने हमारे राष्ट्रीय ध्वज के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया और अपना जीवन देश की सेवा में लगा दिया। उनकी विरासत हमें हमेशा देशभक्ति और निस्वार्थ समर्पण की इसी भावना के साथ देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करे।'
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा, 'महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगे' के अभिकल्पक पिंगली वेंकैया जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन! उनका योगदान हर भारतीय के गर्व और सम्मान का प्रतीक है। राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हमारी राष्ट्रभक्ति, एकता और स्वाभिमान की पहचान है।'
पिंगली वेंकैया की विरासत
यह ऐसे समय में है जब स्वतंत्रता दिवस कुछ ही दिन दूर है और देश में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति जागरूकता और भावना का ज्वार उठता है। वेंकैया ने महात्मा गांधी की प्रेरणा से राष्ट्रीय ध्वज का प्रारूप तैयार किया था, जो बाद में स्वतंत्र भारत के तिरंगे का आधार बना। उनकी स्मृति में मछलीपट्टनम में एक स्मारक भी स्थापित है। देश के विभिन्न दलों के नेताओं द्वारा एक साथ श्रद्धांजलि अर्पित करना इस बात का संकेत है कि वेंकैया की विरासत राजनीतिक सीमाओं से परे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बनी हुई है।