रांची के पिठौरिया में होटल मैनेजर बालेश्वर गोराई की हत्या, आक्रोशित ग्रामीणों ने घंटों जाम रखी सड़क
सारांश
मुख्य बातें
रांची के पिठौरिया थाना क्षेत्र में कृष्णा होटल के मैनेजर बालेश्वर गोराई की धारदार हथियार से हत्या के बाद 30 अक्टूबर 2026 की शाम आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पिठौरिया चौक पर सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजे की माँग की। करीब दो घंटे बाद स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप से जाम हटाया जा सका।
मुख्य घटनाक्रम
बालेश्वर गोराई गुरुवार की देर रात कृष्णा होटल में काम समाप्त कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान पिठौरिया-ठाकुरगांव सड़क मार्ग पर करकट्टा मोड़ के समीप अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें उनकी मौत हो गई। देर रात तक घर न पहुँचने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। शुक्रवार सुबह सड़क किनारे उनका खून से लथपथ शव मिला।
सूचना मिलते ही पिठौरिया थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हत्या की खबर फैलते ही इलाके में तीव्र आक्रोश फैल गया।
जाम और प्रदर्शन
शुक्रवार शाम को मृतक के परिजनों और आक्रोशित ग्रामीणों ने पिठौरिया चौक पर सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और पीड़ित परिवार को मुआवजे का आश्वासन नहीं मिलता, जाम जारी रहेगा। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन बुरी तरह बाधित रहा।
करीब दो घंटे बाद पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और जाम हटवाया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले का शीघ्र खुलासा करने की माँग की।
मृतक का परिचय
बालेश्वर गोराई मूल रूप से पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के निवासी थे। वह पिछले करीब 20 वर्षों से पिठौरिया क्षेत्र के होटलों में कार्यरत थे। गौरतलब है कि दो दशकों तक एक ही इलाके में मेहनत से काम करने वाले इस व्यक्ति की इस तरह हत्या ने स्थानीय समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पुलिस जाँच की स्थिति
पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। जाँच अधिकारी हत्या के कारणों और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने में जुटे हैं। अज्ञात हमलावरों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब झारखंड के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अपराध के मामलों को लेकर आम जनता की चिंताएँ बढ़ी हैं। मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नज़र टिकी है।