पीयूष गोयल ने गिनाईं 10 दिनों की उपलब्धियाँ: असम शहद का अमेरिका निर्यात, भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता और वैश्विक निवेश बैठकें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीयूष गोयल ने गिनाईं 10 दिनों की उपलब्धियाँ: असम शहद का अमेरिका निर्यात, भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता और वैश्विक निवेश बैठकें

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 10 दिनों में तीन मोर्चों पर प्रगति का ब्यौरा दिया — असम के बक्सा जिले से अमेरिका को 20 मीट्रिक टन शहद का पहला निर्यात, भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता का दूसरा दौर पूरा, और एलवीएमएच व लोरियल जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ निवेश बैठकें — जो भारत की व्यापार कूटनीति की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने 13 मई 2026 को पिछले 10 दिनों की वाणिज्य मंत्रालय की उपलब्धियाँ साझा कीं।
असम के बक्सा जिले से ओडीओपी कार्यक्रम के तहत पहली बार अमेरिका को 20 मीट्रिक टन शहद का निर्यात किया गया।
भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता का दूसरा दौर नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न; अगला दौर जुलाई 2026 में ओटावा में होगा।
एयरबस , एलवीएमएच , लोरियल ग्रुप और कैरियर के साथ भारत में निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात पर बातचीत हुई।
भारतीय कृषि एवं मत्स्य उत्पादों के लिए एसपीएस मंजूरियों की विशेष समीक्षा की गई।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार, 13 मई 2026 को पिछले 10 दिनों में मंत्रालय की प्रमुख उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा दिया। इस दौरान निर्यात विस्तार, मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) की प्रगति और वैश्विक कंपनियों के साथ निवेश वार्ता के क्षेत्रों में उल्लेखनीय कदम उठाए गए। गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा की।

असम से अमेरिका को पहली बार शहद निर्यात

वाणिज्य मंत्री ने बताया कि असम के बक्सा जिले से 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ओडीओपी) कार्यक्रम के तहत पहली बार अमेरिका को 20 मीट्रिक टन शहद का निर्यात किया गया है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) के सहयोग से हुई इस पहल को महीने की शुरुआत में ही औपचारिक रूप दिया गया था। सरकार के अनुसार, इस कदम से स्थानीय मधुमक्खी पालकों और किसानों की आय में सुधार की उम्मीद है, साथ ही आकांक्षी जिलों से वैल्यू एडेड कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता का दूसरा दौर पूरा

भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर नई दिल्ली में आयोजित दूसरे दौर की वार्ता सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के द्विपक्षीय व्यापार संबंध हाल के वर्षों में राजनयिक उतार-चढ़ाव के बावजूद आगे बढ़ रहे हैं। वार्ता का अगला दौर जुलाई 2026 में ओटावा में आयोजित होने वाला है।

वैश्विक कंपनियों के साथ निवेश बैठकें

गोयल ने बताया कि इस अवधि में एयरबस, लोरियल ग्रुप, कैरियर और एलवीएमएच के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारत में निवेश, सोर्सिंग, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात के विस्तार पर चर्चा हुई। एलवीएमएच के साथ हुई बैठक में भारत में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, स्थानीय प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और निर्यात में वृद्धि पर जोर दिया गया। वहीं, लोरियल के साथ हुई वार्ता में कंपनी की हैदराबाद में हाल की निवेश योजनाओं के बाद भारत के सौंदर्य और व्यक्तिगत देखभाल क्षेत्र में नए अवसरों की संभावनाएँ तलाशी गईं।

एसपीएस मंजूरियों की समीक्षा

मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने भारतीय कृषि एवं मत्स्य उत्पादों को वैश्विक बाज़ारों तक बेहतर पहुँच दिलाने के लिए सैनिटरी एवं फाइटोसैनिटरी (एसपीएस) मंजूरियों की विशेष समीक्षा की। गौरतलब है कि एसपीएस मानकों की पूर्ति न होने के कारण भारतीय कृषि उत्पाद कई बार प्रमुख निर्यात बाज़ारों में प्रवेश से वंचित रह जाते हैं।

आगे की राह

ओडीओपी कार्यक्रम के तहत असम के शहद निर्यात की यह सफलता अन्य आकांक्षी जिलों के लिए एक मॉडल बन सकती है। भारत-कनाडा सीईपीए की अगली वार्ता और वैश्विक कंपनियों के साथ जारी निवेश संवाद से आने वाले महीनों में ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 20 मीट्रिक टन का पहला शिपमेंट भारत के कुल कृषि निर्यात के सामने बेहद छोटा है — असली परीक्षा यह होगी कि ओडीओपी पहल कितनी तेज़ी से इसे दोहराने योग्य मॉडल बना पाती है। भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता का दूसरा दौर पूरा होना सकारात्मक संकेत है, लेकिन दोनों देशों के बीच हालिया राजनयिक तनाव के मद्देनज़र यह समझौता कब और किस स्वरूप में अंतिम रूप लेगा, यह अभी अनिश्चित है। एलवीएमएच और लोरियल जैसी लक्जरी-उपभोक्ता कंपनियों के साथ बैठकें भारत की बढ़ती उपभोक्ता शक्ति को रेखांकित करती हैं, परंतु बैठकों से वास्तविक निवेश प्रतिबद्धता तक की दूरी को पाटना सबसे बड़ी चुनौती बनी रहती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम के शहद का अमेरिका निर्यात किस योजना के तहत हुआ?
यह निर्यात 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ओडीओपी) कार्यक्रम और एपीईडीए के सहयोग से हुआ। असम के बक्सा जिले से पहली बार 20 मीट्रिक टन शहद अमेरिका भेजा गया, जिससे स्थानीय मधुमक्खी पालकों और किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता का अगला दौर कब और कहाँ होगा?
भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) वार्ता का अगला दौर जुलाई 2026 में कनाडा की राजधानी ओटावा में आयोजित होने वाला है। नई दिल्ली में दूसरे दौर की वार्ता हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
पीयूष गोयल ने किन वैश्विक कंपनियों के साथ निवेश बैठकें कीं?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एयरबस, लोरियल ग्रुप, कैरियर और एलवीएमएच के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में भारत में निवेश, मैन्युफैक्चरिंग विस्तार और निर्यात बढ़ाने पर चर्चा हुई।
एसपीएस मंजूरियों की समीक्षा क्यों की गई?
सैनिटरी एवं फाइटोसैनिटरी (एसपीएस) मानकों की पूर्ति न होने के कारण भारतीय कृषि और मत्स्य उत्पाद कई बार प्रमुख निर्यात बाज़ारों में प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। इस समीक्षा का उद्देश्य इन उत्पादों को वैश्विक बाज़ारों तक बेहतर पहुँच दिलाना है।
ओडीओपी कार्यक्रम क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ओडीओपी) कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पाद को वैश्विक बाज़ार में पहचान दिलाने का प्रयास किया जाता है। असम के बक्सा जिले के शहद निर्यात से स्थानीय मधुमक्खी पालकों, किसानों और आकांक्षी जिलों के उद्यमियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले