राहुल गांधी की कॉम्प्रोमाइज राजनीति: पीयूष गोयल ने नेहरू से सोनिया गांधी तक कांग्रेस को आईना दिखाया

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राहुल गांधी की कॉम्प्रोमाइज राजनीति: पीयूष गोयल ने नेहरू से सोनिया गांधी तक कांग्रेस को आईना दिखाया

सारांश

क्या राहुल गांधी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुँचा रहे हैं? पीयूष गोयल ने कांग्रेस की 'कॉम्प्रोमाइज' राजनीति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानिए पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • राहुल गांधी का अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बयान
  • पीयूष गोयल के आरोप
  • नेहरू और राजीव गांधी पर विवादित कार्रवाई
  • सोनिया गांधी की शक्ति का सवाल
  • भारत की छवि की चिंता

नई दिल्ली, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस की 'कॉम्प्रोमाइज' राजनीति पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुँचा रहे हैं।

पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "राहुल गांधी दुनियाभर में भारत को नीचा दिखाने के लिए एआई समिट में बिना शर्ट के लोगों को भेजते हैं, जो कि भारत की छवि और हितों से 'कॉम्प्रोमाइज' करने की उनकी पारिवारिक विरासत को दर्शाता है।"

उन्होंने जवाहर लाल नेहरू पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में 1950 के दशक में भारत ने चीन को नाराज न करने के लिए स्थायी सीट ठुकराई। 1954 में भारत ने औपचारिक रूप से तिब्बत को चीन का हिस्सा स्वीकार किया। इसके अलावा, 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान खुफिया चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया, जिससे हार हुई। इस बारे में रिपोर्ट अभी भी गोपनीय है।

पीयूष गोयल ने राजीव गांधी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, बोफोर्स डील के समय रक्षा अनुबंध में कथित रूप से कमीशनखोरी और दस्तावेजी लीपापोती शामिल थी। यूनियन कार्बाइड (1984) के दौरान आरोपी वॉरेन एंडरसन को भारत छोड़ने की अनुमति दी गई। वहीं, विदेशी बिचौलिए का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि रक्षा निर्णयों पर करीबी व्यक्तिगत संबंधों के माध्यम से प्रभाव डाला गया।

उन्होंने इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान विदेशी फंडिंग, कच्चातीवू और सुरक्षा के फैसले में 'कॉम्प्रोमाइज' के आरोप लगाए।

सोनिया गांधी के बारे में उन्होंने कहा कि यूपीए के दौरान असली शक्ति प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर काम कर रही थी। नेशनल हेराल्ड के मामले में पार्टी फंड का इस्तेमाल परिवार द्वारा नियंत्रित एंटिटीज को संपत्तियों के हस्तांतरण के लिए किया गया था। इसके अलावा, चीन और सोरोस नेटवर्क सहित विदेशी दाताओं से जुड़े फाउंडेशन ने गंभीर चिंताएं पैदा कीं।

एक अन्य पोस्ट में पीयूष गोयल ने लिखा, "राहुल गांधी के भ्रामक बयानों पर भारी कांग्रेस का इतिहास। वो जितना भूलने की कोशिश करें, लेकिन भारत की जनता पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी से लेकर सोनिया गांधी की ओर से राष्ट्रहित के साथ बार-बार किए गए समझौतों को नहीं भूल सकती।"

Point of View

NationPress
26/02/2026

Frequently Asked Questions

पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
क्या नेहरू ने चीन के साथ कोई समझौता किया था?
जी हां, नेहरू के कार्यकाल में भारत ने 1950 के दशक में चीन को नाराज न करने के लिए स्थायी सीट ठुकराई।
राजीव गांधी पर क्या आरोप हैं?
राजीव गांधी पर बोफोर्स डील में कमीशनखोरी और दस्तावेजी लीपापोती का आरोप है।
सोनिया गांधी के बारे में क्या कहा गया?
सोनिया गांधी के बारे में कहा गया कि यूपीए के दौरान असली शक्ति प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर काम करती थी।
इस विवाद का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह विवाद कांग्रेस के नेता और उनकी पारिवारिक राजनीति पर एक गंभीर सवाल उठाता है।
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