बेंगलुरु में PM मोदी के रूट पर विस्फोटक मिलने पर बड़ा एक्शन: 6 पुलिसकर्मी निलंबित, NIA जाँच जारी
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 10 मई की यात्रा के दौरान उनके रूट पर संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने के मामले में 24 मई को बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई — बेंगलुरु दक्षिण (रामनगर) के पुलिस अधीक्षक के आदेश पर 6 पुलिसकर्मियों को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। निलंबित कर्मियों में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI), एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) और चार कांस्टेबल शामिल हैं।
घटनाक्रम: क्या मिला था और कहाँ
10 मई को कनकपुरा रोड के पास जंगल क्षेत्र से सटी एक कच्ची सड़क से करीब 20 फीट की दूरी पर संदिग्ध सामग्री बरामद हुई थी। मौके से दो जिलेटिन स्टिक, छह अगरबत्तियाँ, माचिस, सेलोफेन टेप, बैटरी पैक, तार और सर्किट बोर्ड जैसी दिखाई देने वाली सामग्री मिली। यह सामग्री प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर उनके पहुँचने से करीब डेढ़ घंटे पहले मिली, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियाँ तत्काल अलर्ट हो गई थीं।
प्रधानमंत्री मोदी उस दिन 'आर्ट ऑफ लिविंग' संस्था के 45 वर्ष पूरे होने और उसके संस्थापक श्रीश्री रविशंकर के 70वें जन्मदिन समारोह में शामिल होने बेंगलुरु पहुँचे थे।
कानूनी कार्रवाई
कग्गलीपुरा पुलिस ने इस मामले में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 और एक्सप्लोसिव एक्ट की धारा 9बी के तहत एफआईआर दर्ज की है। ये धाराएँ जानमाल को नुकसान पहुँचाने के इरादे से विस्फोटक रखने या विस्फोट करने की कोशिश जैसे गंभीर मामलों में लागू होती हैं।
जाँच की स्थिति
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जाँच पूरी होने तक सभी निलंबित कर्मी सस्पेंड रहेंगे। अब तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और विस्फोटक सामग्री का स्रोत भी अज्ञात बना हुआ है। जाँच में सहयोग के लिए राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की एक टीम दिल्ली से बेंगलुरु पहुँची थी।
सुरक्षा चूक का गंभीर संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। गौरतलब है कि PM की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक को केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियाँ अत्यंत गंभीरता से लेती हैं। NIA की संलिप्तता यह संकेत देती है कि अधिकारी इस मामले को महज स्थानीय लापरवाही तक सीमित नहीं मान रहे।
आगे क्या
जाँच एजेंसियाँ विस्फोटक सामग्री के स्रोत और संभावित साजिश की परतें खोलने में जुटी हैं। निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जाँच भी समानांतर रूप से चलेगी। मामले में किसी गिरफ्तारी की अभी पुष्टि नहीं हुई है।